shayarisms4lovers June18 175 - Khud kiTalash Abhi baki hai – Chanchal

Khud kiTalash Abhi baki hai – Chanchal

खुद की तलाश मे भटकती सी “मैं ” अनगिनत, अनन्त, असीम सवालो के संग! न जाने किस अधूरे पन को भरती सी- मैं | कई रिश्ते, जज्बात, रास्ते, और मंजिलों से गुजरती सी मैं | न जाने कितने एहसासों मै संवरती बिखरती सी “मैं ” कहा किस डगर किधर जा रही हूँ | क्या है? […]

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