shayarisms4lovers mar18 22 - Sad Shayari, kisi ka gam apna banane ko jee karta hai

Sad Shayari, kisi ka gam apna banane ko jee karta hai

आज फिर किसी का गम, अपना बनाने को जी करता है, किसी को दिल में, बिठाने को जी करता है, आज दिल को क्या हुआ, खुदा जाने, बुझती हुई शमा, फिर जलाने को जी करता है, आफतों ने, जर्जर कर दिया घर मेरा, उसकी दरोदीवार, फिर सजाने को जी करता है, एक मुद्दत गुज़री, जिसका […]

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shayarisms4lovers June18 97 - Hindi Potery, Kuchh dabi hui khvaahishen hai

Hindi Potery, Kuchh dabi hui khvaahishen hai

इसी का नाम ज़िन्दगी है कुछ दबी हुई ख़्वाहिशें है, कुछ मंद मुस्कुराहटें.. कुछ खोए हुए सपने है, कुछ अनसुनी आहटें.. कुछ सुकून भरी यादें हैं, कुछ दर्द भरे लम्हात.. कुछ थमें हुए तूफ़ाँ हैं, कुछ मद्धम सी बरसात.. कुछ अनकहे अल्फ़ाज़ हैं, कुछ नासमझ इशारे.. कुछ ऐसे मंझधार हैं, जिनके मिलते नहीं किनारे.. कुछ […]

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shayarisms4lovers June18 187 - Sad Shayari, Aankhon se aankhe mila gaya koi

Sad Shayari, Aankhon se aankhe mila gaya koi

आंखों से आँखे आंखों से आँखे मिला गया कोई,, दिल की कलियाँ खिला गया कोई.. दिल की धड़कन यूँ बेताब न थी,, मुझको दीवाना बना गया कोई.. जो बात उसे कहनी ना थी,, हाले दिल अपना सुना गया कोई.. सूने मन के इस आंगन में,, आस मिलन की जगा गया कोई.. रहता हूँ मैं कुछ […]

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flower plant nature lilac 86419 - Mujhko Ckhu ke pighal rahe ho tum, Poetry

Mujhko Ckhu ke pighal rahe ho tum, Poetry

मुझको छूके मुझको छूके पिघल रहे हो तुम , मेरे हमराह जल रहे हो तुम। चाँदनी छन रही है बादल से , जैसे कपड़े बदल रहे हो तुम। पायलें बज रही हैं रह रह कर , ये हवा है कि चल रहे हो तुम। नींद भी टूटने से डरती है , मेरे ख़्वाबों में ढल […]

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shayarisms4lovers may18 66 - Sukun bhi paas hai apne, Shayari

Sukun bhi paas hai apne, Shayari

सुकून सुकून भी पास है अपने.. ग़मों का काफिला भी है.. लबों से कुछ नहीं कैहते.. मगर दिल में गिला भी है.. सुनायें किसको अपना दर्द.. कोई राज़दाँ तो हो… ख़ुशी आँखों में है पर.. छुपा हआ आँसूओं का सिलसिला भी है।

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shayarisms4lovers may18 71 - Hindi Poetry, Raah dekhte dekhte

Hindi Poetry, Raah dekhte dekhte

राह देख़ते-देख़ते तेरी, बहुत देर हो गई, कल तलक मैं तेरी थी, आज ग़ैर हो गई.. न पूछा तूने कुछ भी, न क़हां मैंने कुछ भी, यूँ ही मोहब्बत की शाम-ओ-सहर हो गई.. अनकहे जज्बात, भीतर ही दफ़न हो गए, जुदाई की वो घडियाँ पल में कहर हो गई.. मर-मर के ग़ुजरती हैं तेरे बिना […]

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shayarisms4lovers mar18 155 - Hindi Poetry, Itani becheni se

Hindi Poetry, Itani becheni se

इतनी बेचैनी से तुमको किसकी तलाश है, वो कौन है जो तेरी आंखों की प्यास है, जबसे मिला हूं तुमसे यही सोचता हूं मैं, क्यों मेरे दिल को हो रहा तेरा एहसास है, जिंदगी के इस मोड़ पे तुम आके यूं मिले, जैसे कि कोई मंजिल मेरे इतने पास है, एक नजर की आस में […]

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