नदी का पानी Hindi Kahaniya with Motivational Messages

Nadi Ka Paani Hindi Kahaniya Prerakपुराने समय की बात है किसी नगर में एक भोला नाम का व्यक्ति रहता था। भोला दिन भर खेतों में काम करता और खेत में उगाये अन्न से ही उसके परिवार का गुजारा चलता था। भोला ने बचपन से ही गरीबी का सामना किया था। उसके माता पिता बेहद ही गरीब थे। अब बच्चे बड़े हो गये, स्कूल जाने लगे, उनकी फ़ीस का खर्चा और ऊपर से महंगाई। भोला अक्सर सोचता कि जीवन कितना कठिन है। एक समस्या खत्म नहीं होती तो दूसरी शुरू हो जाती है। पूरा जीवन इन समस्याओं को हल करने में ही निकलता जा रहा है। ऐसे ही एक दिन भोला एक साधु के पास पंहुचा, और उन्हें सारी परेशानी बताई – कि कैसे मैं अपनी जिंदगी की कठिनाइयों का सामना करूँ ?एक परेशानी खत्म होती है तो दूसरी शुरू हो जाती है। साधु महाराज हंसकर बोले- तुम मेरे साथ चलो मैं तुम्हारी परेशानी का हल बताता हूँ, साधु भोला को लेकर एक नदी के किनारे पहुंचे और बोले – मैं नदी के दूसरी पार जाकर तुमको परेशानी का हल बताऊंगा। यह कहकर साधु नदी के किनारे खड़े हो गए। नदी के किनारे खड़े खड़े जब बहुत देर हो गयी, भोला […]

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दुनिया के टॉप अमीर लोग जिनके पास कोई डिग्री नहीं है

जो लोग सपने देखने की हिम्मत रखते हैं वही लोग अपने सपने साकार करते हैं। दोस्तों दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने अपनी पढाई को बीच में ही छोड़ दिया लेकिन आगे चलकर वो दुनियाँ के सबसे अमीर और सफल लोगों में जाने गए। सफलता केवल अक्षरज्ञान का नाम नहीं है। सफलता के लिए इंसान के अंदर जूनून और आगे बढ़ने की भूख होनी चाहिए। दुनिया का कोई लक्ष्य असंभव नहीं है। आज हम इस लेख में ऐसे ही लोगों के बारे में जानेंगे जिनके पास कोई डिग्री नहीं थी लेकिन फिर भी वो लोग सफल हुए और एक असाधारण उदहारण पेश किया- Duniya Ke Ameer Log without College Degree Bill Gatesबिल गेट्स(Bill Gates) – माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की पढाई बीच में छोड़ी| बिल गेट्स को बचपन से ही कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग का शौक था। मात्र 13 वर्ष की आयु में उन्होंने बड़े बड़े सॉफ्टवेयर बनाने शुरू कर दिए थे। यही नहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के पाँच साल पहले से ही बिल प्रोग्रामिंग एक्सपर्ट थे। 1975 में बिल गेट्स ने अपनी पढाई बीच में छोड़ दी और अपने मित्र पॉल एलन के साथ माइक्रोसॉफ्ट को आगे बढ़ाने में जुट गए। बिल गेट्स आज दुनिया […]

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shayarisms4lovers June18 242 - ROHAN-JIYA

ROHAN-JIYA

रोहन-जिया सामान्य कद-काठी, सॉंवला रंग, नाम– रोहन। पिताजी सरकारी नौकरी में और मॉं एक कुशल गृहिणी थी| अपने चार भाईयों में सबसे छोटा-रोहन| 5वीं क्लास तक की पढाई शहर में पढने के बाद गॉंव आया था। रोहन पढने-लिखने के साथ-साथ दिल का साफ था| पैसे की कमी न होने के कारण इसके बहुत सारे दोस्त थे। कभी-कभी रोहन पर भी दौलत क नशा चढकर बोलता था| कहते है ना- दौलत आसपास हो तो, ना चाहकर भी थोडी गुमान आ ही जाता है| इसके दिल में भी प्यार की लहरें उठ रही थी, लेकिन चुपके-चुपके……….| रंग सॉवली, पतली कमर, बॉब कट बाल, नाम- जिया| पापा सरकारी वकील और मम्मी उच्च विधायल में हिंदी और संस्कृत की शिक्षिका थी| जिया अपनी मम्मी के साथ नानी के घर में रहती थी| अपना घर हज़ारीबाग शहर में था, जहॉ इनके पापा और तीन भाई रहते थे| जिया छुटिटयों में अक्सर घर(शहर) चली जाती थी| जिया और रोहन एक ही स्कूल, एक ही कक्षा में पढते थे| स्कूल के लडके जिया को देखते, लेकिन जिया सिर्फ रोहन को निहारती थी| शायद इसके दिल में कुछ-कुछ होता था। दरअसल क्लास मे सभी लडके गॉव/देहात के थे, सिर्फ रोहन ही शहरी जैसा लगता था| रोहन का रहन-सहन, […]

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दिल का रिश्ता दिल से निभायी, दिमाग से नहीं.

दिल का रिश्ता दिल से निभायी, दिमाग से नहीं. आज मैं अपनी love story बताने जा रही हूँ और मुझे अपनी love story पर शान है, नाज है क्यों की मैंने ऐसा प्यार किया और निभाया भी जिसे शायद दुसरे कभी नहीं करते और करते भी तो उसे निभाने से पीछे हट जाते. आप भी मेरी love story सुनोगे तो रो पड़ोगे और आपको कहना पड़ेगा की यह दुनियाँ की best love story में से एक है. मैं आपलोग के साथ यह story बस इसलिए share करना चाहती हूँ ताकि अगर आपको प्यार को लेकर किसी तरह के मन में शंका हो तो वह दूर हो जाएगा. उनका प्यार बढ़ जाएगा. उसके साथ जीने-मरने की बेताबी बढ़ जाएगी, उनका केयर बढ़ जाएगा, उनका अपने प्यार के प्रति सम्मान बढ़ जाएगा. सच कहूँ तो आपको भी अपने साथी के साथ जन्म-जन्म का रिश्ता बांध लेने का मन करेगा. चाहे जो भी उसका condition हो. दुःख में हो, दर्द में हो किसी भी अवस्था में हो आप अपने प्यार को बस पा लेना चाहोगे. भले ही आप उसे अभी धोखा दे रही हो या उसके ख़राब condition के चलते उसे छोड़ के जाना चाहती हो. दिल का रिश्ता ऐसा ही शुरू हुआ […]

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Bachon ki kahaniyan कहानियाँ, आखिर हम क्यों हैं सफलता से दूर

Bachon ki kahaniyan एक बार मधुवन वन में एक कौआ खाने की तलाश में आकाश में उड़ रहा था । उन दिनों वो कौआ अपने जीवन से बहुत संतुष्ट था उसे लगता था कि वह बहुत खुश और जंगल का सबसे अच्छा प्राणी है। दूर उड़ते हुए उसकी नज़र अचानक एक हंस पर पड़ी , हंस को देखते ही कौआ को बड़ा आश्चर्य हुआ कि मैं खुद को सुंदर समझता था लेकिन ये हंस तो मुझसे कई गुना ज्यादा सुन्दर है। कौए ने कुछ सोचकर ये बात हंस को बताई, तो हंस को हंसी आ गयी , हंस बोला – मित्र मैं भी पहले यही सोचता था कि मैं सबसे सुन्दर हूँ पर जबसे मैं तोते को देखा है तो लगता है वही सबसे सुन्दर है क्यूंकि मेरे पास तो बस एक सफ़ेद रंग है तोते के पास तो दो रंग हैं। फिर क्या था, कौआ तेजी से उड़ता हुआ तोते के पास गया और बोला -मित्र तुम तो बहुत सुन्दर हो। तोता कौए की बात सुनकर बड़ा दुखी हुआ बोला – मित्र मैं भी यही सोचता था ,लेकिन जब से मैंने मोर को देखा है मुझे अपनी सुंदरता फीकी नजर आती है क्यूंकि मोर से पास बहुत सारे रंग […]

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सोच का फ़र्क Change Your Attitude & Perspective {Hindi}

एक शहर में एक धनी व्यक्ति रहता था, उसके पास बहुत पैसा था और उसे इस बात पर बहुत घमंड भी था| एक बार किसी कारण से उसकी आँखों में इंफेक्शन हो गया| आँखों में बुरी तरह जलन होती थी, वह डॉक्टर के पास गया लेकिन डॉक्टर उसकी इस बीमारी का इलाज नहीं कर पाया| सेठ के पास बहुत पैसा था, उसने देश विदेश से बहुत सारे नीम- हकीम और डॉक्टर बुलाए| एक बड़े डॉक्टर ने बताया कि आपकी आँखों में एलर्जी है| आपको कुछ दिन तक सिर्फ़ हरा रंग ही देखना होगा, अगर कोई और रंग देखेंगे तो आपकी आँखों को परेशानी होगी| अब क्या था, सेठ ने बड़े बड़े पेंटरों को बुलाया और पूरे महल को हरे रंग से रंगने के लिए कहा| वह बोला- मुझे हरे रंग से अलावा कोई और रंग दिखाई नहीं देना चाहिए, मैं जहाँ से भी गुजरूँ, हर जगह हरा रंग कर दो| इस काम में बहुत पैसा खर्च हो रहा था लेकिन फिर भी सेठ की नज़र किसी अलग रंग पर पड़ ही जाती थी क्यूंकी पूरे नगर को हरे रंग से रंगना को संभव ही नहीं था, सेठ दिन प्रतिदिन पेंट कराने के लिए पैसा खर्च करता जा रहा था| वहीं […]

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Free SEO Keyword Density Checker Tool in Hindi

कीवर्ड डेनसिटी चेकर टूल | Free SEO Keyword Density Checker Tool in Hindi Here is best free keyword density checker SEO tool is out now. You can easily check your website’s full seo health matrix with the help of this free tool. This SEO keyword density tool can check SEO Meta Title, SEO Meta Description, SEO Meta Keywords, H1 Headings in your website which are very helpful for a webmaster to get seo health signal for their website. नमस्कार मित्रों, आप सभी ब्लोग्गेर्स के लिए हिंदीसोच एक नया SEO टूल लेकर आया है जिसकी मदद से आप अपनी वेबसाइट का SEO Analysis फ्री में कर सकते हैं| यह टूल अभी Development mode में है अर्थात इसमें आगे भी कई नए features जोड़े जायेंगे, जिनकी मदद से आप SEO का deep analysis कर पायेंगे| यह टूल keyword density, seo meta title आदि की जानकारी देता है| अगर आपको हमारा यह टूल पसंद आये तो आप इस पेज को ब्राउज़र में बुकमार्क भी कर सकते हैं ताकि आपको इस टूल को कहीं खोजना ना पड़े| इस टूल के बारे में अपना फीडबैक हमारे साथ जरूर शेयर करें| आप हमें कमेंट करके बताइये कि कैसे हम इस टूल को और बेहतर बना सकते […]

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Happy New Year Speech Hindi क्या वाकई ये साल हमारे लिये नया साल होगा ?

दोस्तों 2018 अब पुराना साल हो चुका है| आप सभी का नए साल 2019 में बहुत बहुत स्वागत है| नया साल हमारा इंतजार कर रहा है| सभी के मन में कुछ ना कुछ नयी उमंगें जरुर होंगी| सभी आने वाले नए साल को लेकर काफी उत्सुक होंगे| हममें से कई लोगों के सपने आने वाले इस साल से जुड़े होंगे| * किसी को competition एग्जाम में पास होना है * किसी को अपनी बुरी आदतों को छोड़ना है * किसी को इस साल शादी करनी है 🙂 * किसी को खूब पैसा कमाना है…. वगैहरा वगैहरा… मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि क्या वाकई ये साल आपके लिये नया है ? * क्या वाकई आप अपने अन्दर कुछ नयापन महसूस कर रहे हैं ? * क्या वाकई आपकी जिन्दगी में नयापन आने वाला है ? या सिर्फ 1 जनवरी को पार्टी करने के बाद जिन्दगी फिर से उसी ढर्रे पे आजायेगी जहाँ आज तक चलती आई है| रोबिन शर्मा जी का quotes याद आता है – “Don’t live the same year 75 times and call it a life” एक ही साल को 75 बार जीते हो और उसे जिन्दगी कहते हो… क्या वाकई आप भी 75 साल की जिन्दगी जीना […]

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प्रेरक लघु कहानियां : भगवान् की मूर्ति

प्रेरक लघु कहानियां किसी दूर गाँव में एक पुजारी रहते थे जो हमेशा धर्म कर्म के कामों में लगे रहते थे । एक दिन किसी काम से गांव के बाहर जा रहे थे तो अचानक उनकी नज़र एक बड़े से पत्थर पे पड़ी । तभी उनके मन में विचार आया कि कितना विशाल पत्थर है? क्यूँ ना इस पत्थर से भगवान की एक मूर्ति बनाई जाये । यही सोचकर पुजारी ने वो पत्थर उठवा लिया । गाँव लौटते हुए पुजारी ने वो पत्थर का टुकड़ा एक मूर्तिकार को दे दिया, जो बहुत ही प्रसिद्ध मूर्तिकार था । अब मूर्तिकार जल्दी ही अपने औजार लेकर पत्थर को काटने में जुट गया । जैसे ही मूर्तिकार ने पहला वार किया, उसे एहसास हुआ की पत्थर बहुत ही कठोर है । मूर्तिकार ने एक बार फिर से पूरे जोश के साथ प्रहार किया लेकिन पत्थर टस से मस भी नहीं हुआ । अब तो मूर्तिकार का पसीना छूट गया वो लगातार हथौड़े से प्रहार करता रहा लेकिन पत्थर नहीं टुटा । उसने लगातार 99 प्रयास किये लेकिन पत्थर तोड़ने में नाकाम रहा । अगले दिन जब पुजारी आये तो मूर्तिकार ने भगवान की मूर्ति बनाने से मना कर दिया और सारी बात बताई […]

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मोची के बेटे ने तोड़ी IIT की दीवार : Inspirational Story of Cobbler Son in Hindi

Inspirational Story of Cobbler Son in Hindi (IIT 2010) कहा जाता है कि अगर इंसान में संघर्ष और कठिन मेहनत करने की क्षमता हो तो दुनिया में ऐसा कोई मुकाम नहीं है जिसे हासिल ना किया जा सके । कवि रामधारी सिंह दिनकर ने सही ही कहा है कि “मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है”। ये कथन कानपुर के रहने वाले अभिषेक पे बिल्कुल सही बैठता है । सोना तपकर ही कुंदन बनता है और इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने अपना जीवन अभावों में गुजारा है वही लोग आगे चलकर सफलता को हासिल करते हैं । कोई भी माँ बाप कितने भी गरीब हों पर सबका सपना होता है कि उनका बच्चा खूब पढ़ाई करे । ऐसी ही एक बहुत गरीब परिवार की कहानी है जो दिल को छूते हुए गहरे सन्देश छोड़ती है। कानपुर के रहने वाले अभिषेक कुमार भारती ने 2010 में भारत के सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा IIT -JEE को पास किया जो अपने आप में एक अद्भुत उपलब्धि है । अभिषेक के पिता राजेन्द्र प्रसाद एक जूता सिलने वाले मोची हैं ,ये सुनने में जरूर अजीब लगेगा लेकिन सत्य है और माँ घर में लोगों के फटे कपड़े सिलकर कुछ […]

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बूढ़ा पिता Heart Touching Story in Hindi About Father

एक पिता की रुला देने वाली कहानी किसी गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति अपने बेटे और बहु के साथ रहता था । परिवार सुखी संपन्न था, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी । बूढ़ा बाप जो किसी समय अच्छा खासा नौजवान था.. आज बुढ़ापे से हार गया था, चलते समय लड़खड़ाता था| अब तो लाठी की जरुरत पड़ने लगी थी, चेहरा झुर्रियों से भर चुका था, बस अपना जीवन किसी तरह व्यतीत कर रहा था। घर में एक चीज़ अच्छी थी कि शाम को खाना खाते समय पूरा परिवार एक साथ टेबल पर बैठ कर खाना खाता था । एक दिन ऐसे ही शाम को सारे लोग खाना खाने बैठे थे। बेटा ऑफिस से आया था, भूख ज्यादा थी इसलिए जल्दी से खाना खाने बैठ गया और साथ में बहु और एक बेटा भी खाने लगे । बूढ़े हाथ जैसे ही थाली उठाने को हुए थाली हाथ से छिटक गयी और थोड़ी दाल टेबल पे गिर गयी । बहु बेटे ने घृणा द्रष्टि से पिता की ओर देखा और फिर से अपना खाना खाने में लग गए। बूढ़े पिता ने जैसे ही अपने हिलते हाथों से खाना खाना शुरू किया तो खाना कभी कपड़ों पे गिरता तो कभी जमीन […]

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संगति का प्रभाव | महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की एक घटना

संगति का प्रभाव – Albert Einstein Inspirational Story in Hindi कहा जाता है कि अच्छी संगति और अच्छे विचार इंसान की प्रगति का द्वार खोल देते हैं । संगति इंसान के जीवन में बहुत बड़ा महत्व रखती है , अगर आप बुरी संगति में हो तो आप कितने भी बुद्धिमान क्यों ना हो, लेकिन आप कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएंगे और वहीँ अगर आप अच्छे लोगों की संगति में हैं तो आपको बड़ी- बड़ी समस्याएँ भी छोटी लगने लगेंगी । ऐसी ही एक सच्ची घटना आपके सामने प्रस्तुत है , आपको कहानी कैसी लगी हमें Comment के माध्यम से जरूर बताएं – Albert Einstein Real Photoअल्बर्ट आइंस्टीन, दुनिया के महान वैज्ञानिक जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है । एक बार आइंस्टीन Relativity नामक Physics के टॉपिक पर रिसर्च कर रहे थे और इसी के चक्कर में वो बड़ी- बड़ी यूनिवर्सिटीज और कॉलेज में जाते थे और लोगों को लेक्चर देते थे । उनका ड्राइवर उनको बहुत बारीकी से देखा करता था । एक दिन एक यूनिवर्सिटी में सेमिनार ख़त्म करके आइंस्टीन घर लौट रहे थे , अचानक उनके ड्राइवर ने कहा – सर जो आप Relativity पर यूनिवर्सिटी में लेक्चर देते हो, […]

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Chhath puja in hindi –  छठ पूजा कैसे करे

छठ पूजा कब मनाया जाता है – यह छठ पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाता है. यह दिवाली के छठे दिन होता है. कार्तिक के छठे दिन होने के कारण इसे छठ पर्व कहते है. यह चार दिन तक चलने वाला त्यौहार है. 2017 में कब है छठ पूजा – 25-26 अक्टूबर 2017 को है पारिवारिक सुख-समृद्धी तथा मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है। स्त्री और पुरुष समान रूप से इस पर्व को मनाते हैं। छठ व्रत के सम्बन्ध में अनेक कथाएँ प्रचलित हैं- जब पांडव अपना सारा राजपाट जुए में हार गये, तब श्री कृष्ण द्वारा बताये जाने पर द्रौपदी ने छठ व्रत रखा। तब उनकी मनोकामनाएँ पूरी हुईं तथा पांडवों को राजपाट वापस मिला। लोक परम्परा के अनुसार सूर्यदेव और छठी मइया का सम्बन्ध भाई-बहन का है। लोक मातृका षष्ठी की पहली पूजा सूर्य ने ही की थी। छठ पर्व को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो षष्ठी तिथि (छठ) को एक विशेष खगोलीय परिवर्तन होता है, इस समय सूर्य की पराबैगनी किरणें (Ultra Violet Rays) पृथ्वी की सतह पर सामान्य से अधिक मात्रा में एकत्र हो जाती हैं इस कारण इसके सम्भावित कुप्रभावों से मानव की यथासम्भव रक्षा […]

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shayarisms4lovers mar18 105 - love in train – मेरा प्यार ट्रेन में मिला

love in train – मेरा प्यार ट्रेन में मिला

जनशताब्दी अपने तेज रफ्तार से चल रही थी. छोटी-छोटी स्टेशन हवा में ही पार हो जा रहे थे. मैं, मेरी मम्मी और पापा chair यान में बैठे थे. तभी हमारे पास ही एक छोटी सी बच्ची ने उलटी कर दी. कुछ छीटे मेरे पर भी आ गया. उसे देख कर मुझे भी उलटी जैसा होने लगा. मैं जल्द ही वहाँ से हट गई और कपड़ो पर पड़े छीटे धोने के लिए वाश बेसिन के तरफ चली गई. तभी मेरी नजर एक लड़के पर गई. उस डिब्बे के सबसे अंतिम सिट पर वह बैठा था. कुछ गुमसुम, अकेला. जैसे किसी सोच में हो, बहुत भारी उदास मन में लेकर बैठा हो. मैं अपने कपड़ो पर पड़े छीटे धो कर आ गई. मगर उस लड़के से आगे मेरे पैर बढ़ ही नहीं रहे थे. उसके बड़ी-बड़ी आँखे गोरा गाल, बिलकुल क्यूट लग रहा था. मैं बस उसे देखते जा रही थी. और वो कभी देखता और कभी अपने नजरे झुका लेता. मैं उसके दुसरे तरफ वाली सिट से दो सिट आगे जा कर बैठ गई. मैं वहाँ जाना नहीं चाहती थी. मैं उसे बस देखते रहना चाहती थी. love in train – मैं शुरू किया बात ट्रेन अब भी अपने रफ्तार से […]

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हिंदी कहानी : श्रेष्ठ कौन | Hindi Story : Shrestha Kaun

श्रेष्ठ कौन – Shrestha Kaun हिंदी कहानी : श्रेष्ठ कौन | Hindi Story : Shrestha Kaun : काशी के राजा वेनुगुप्त के गर्वदत्त, महादत्त और कोमलदत्त नामक तीन पुत्र थे। राजा वेनुगुप्त उन तीनों युवराज में से किसी एक को राजा बनाना चाहते थे। एक दिन राजा वेनुगुप्त ने तीनों पुत्रों को बुलाया और कहा किसी श्रेष्ठ व्यक्ति को खोज कर लाओ ? तीनों राजकुमार श्रेष्ठ व्यक्तिको खोजने निकल पड़े। कुछ समय बाद बड़ा राजकुमार गर्वदत्त एक राईस गोल-मटोल आदमी को लाया। उसने राजा से कहा, ‘ये सेठजी बहुत ही दान-पुण्य करते हैं। इन्होने कई मंदिर, तालाबों का निर्माण कराया है। यह सुनकर राजा वेनुगुप्त ने सेठ का स्वागत किया और धन देकर उन्हें सम्मान पूर्वक विदा किया।’ दूसरा राजकुमार महादत्त एक गरीब साधु को लेकर लौटा ।उसने राजा से कहा, ‘इन साधु को चारों वेद और पुराणों का पूरा ज्ञान है। इन्होंने चारों धामों की यात्रा पैदल ही की है। ये तप भी करते हैं और सात-सात दिनों तक निर्जल भी रहते हैं इसलिए ये श्रेष्ठ व्यक्ति हैं। राजा वेनुगुप्त ने ठीक उस सेठ की तरह ही साधु को भी धन का दान देकर सम्मान पूर्वक विदा किया।  Shrestha Kaun – Hindi Story आखिर में छोटा राजकुमार कोमलदत्त आया, वह अपने […]

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