shayarisms4lovers June18 202 - पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है – फ़राज़

खुश और उदास – फ़राज़ वो मुझ से बिछड़ कर खुश है तो उसे खुश रहने दो “फ़राज़ “ मुझ से मिल कर उस का उदास होना मुझे अच्छा नहीं लगता …. पहले पहले का इश्क़ अभी याद है “फ़राज़” दिल भी बुझा हो शाम की परछाइयाँ भी हों मर जाए जो ऐसे में तन्हाइयाँ भी हों हर हुस्न -ऐ -सदा लो न दिल में उतार सका कुछ तो मिज़ाज -ऐ -यार मैं गहराइयाँ भी हों दुनिया के तजकरे तो तबियत ही ले बुझे बात उस की हो तो फिर सुख आराईयां भी हों पहले पहले का इश्क़ अभी भी याद है फ़राज़ दिल खुद यह चाहता था के रुस्वाइयाँ भी हों Pehle pehle ka ishq abhi yaad hai “Faraz” Dil bhi bhuja ho shaam ki parchaiyan bhi hon Mar jaiyye jo aise main tanhaiyan bhi hon Har husn-ae-saada loh na dil main utar saka Kuch to mizaaj-e-yaar mein gehraiyan bhi hon Duniya ke tazkaray to tabiyat hi le bujhay Baat us ki ho to phir sukhan aaraiyan bhi hon Pehle pehle ka ishq abhi yaad hai Faraz Dil khud yeh chahta tha ke ruswaiyan bhi hon

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shayarisms4lovers June18 210 - सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है – फ़राज़ की शायरी

सुना है लोग उसे – फ़राज़ अहमद सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है तो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते है सुना है राफत है उसे खराब हालो से तो अपने आप को बर्बाद कर के देखते है सुना है दर्द की गाहक है चस्मे नाज़ उसकी तो हम भी उसकी गली से गुजर के देखते है सुना है उसको भी है शेयर -ओ -शायरी से सराफ तो हम भी मोईझे अपने हुनर के देखते है सुना है बोले तो बातों से फूल झड़ते है यह बात है तो चलो बात कर के देखते है सुना है रात उसे चाँद तकता रहता है सितारे बामे-ऐ-फलक से उतर के देखते है सुना है दिन को उसे तितलियाँ सताती है सुना है रात को जुगनू ठहर के देखते है सुना है उसके बदन की तराश ऐसी है फूल अपनी कवाएं क़तर के देखते है रुके तो गर्दिशयें उसका तवाफ़ करते है चले तो उसे ज़माने ठहर के देखते है Hindi and Urdu Shayari – हुस्न की तारीफ  (Faraz Ahmed) – सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है Suna hai Log use – Faraz Ahmed suna hai log use ankh bhar ke dekhte hai to uske […]

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shayarisms4lovers June18 74 - ख्याल-ऐ -इश्क़ शायरी

ख्याल-ऐ -इश्क़ शायरी

यह नादान दिल यह दिल न जाने क्या कर बैठा मुझ से बिना पूछे यह फैसला कर बैठा इस ज़मीन पर कभी टूटा तारा भी नहीं गिरा यह नादान चाँद से दिल लगा बैठा Yeh Naadan Dil Yeh dil na jane kya kar betha Mujh se bina puche yeh fesla kar betha Is zaamen par kabhi tutaa tara bhi nahi gera Yeh naadan chand se dil laga betha… मेरी तक़दीर  आज मैंने तलाश किया उनको अपने आप में वो मुझे हर जगह मिले एक तक़दीर के सिवा Meri Taqdeer Aaj maine Talaash Kiya Unko Apne Aap Mein Wo Mujhe Har Jagah Mille Ek Taqdeer Ke Siwa… हाल-ऐ -दिल ख़याल था के सुनाएँ गए हाल-ऐ -दिल लेकिन हम उस के सामने अर्ज़-ऐ-हुनर भी भूल गए Haal-AE-Dil Khayaal tha ke sunaayen ge haal-e-dil lekin Hum us ke saamnay Arz-e-hunar bhi bhool gaye… मुक़ाम ग़ज़ब का दीवानो ने दिया है तुझे मुक़ाम ग़ज़ब का वरना ..!!  ऐ इश्क़ तेरी “दो कौड़ी ” की औकात  नहीं ​ Muqaam Ghazab Ka Deewanoo Ne Diya Hai Tujhe Muqaam Ghazab Ka Warna..!!Ae Ishq Teri “Do kaudhi” Ki aukaat Nahi​… तेरे शहर के लोग तुझसे मिलने की सजा देंगे तेरे शहर के लोग यह वफाओं का सिला देंगे तेरे […]

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shayarisms4lovers June18 291 - पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

लेंखा विच बिछोड़े लेंखा विच बिछोड़े रह गए अथरु रो रो थोड़े रह गए इक न मनी उन्हें मेरी हाथ भी मेरे जोड़े रह गए जांदी वारी छड़ गया मैनू पिज्हे वाल निचोड़े रह गए फेर ओ कदे मुड़ नहीं आया मोतिये दे फूल तोड़े रह गए हुन्ह ते आ के मिल वे सजना ज़िंदगी दे दिन थोड़े रह गए   Lekhan Vich Bichorey Lekhan vich vichorey reh gaye athro ro ro thorey reh gaye Ik na manni unhee meri Hath bhi meree jode reh gaye Jandi vari chad gaya meenu pijhey baal nechode reh gaye pher o kade mud nahi aya motiyee de phool thode reh gaye hun ta aa ke mil weh sajna Zindgi de din thode reh gaye… चंगी गल नहीं वेख -वेख हँसना , पर कुछ भी न कहना , चंगी गल नहीं जानभूज़ के अनजान बने रहना , चंगी गल नहीं प्यार करना , पर इजहार न करना , चंगी गल नहीं किस्से दा प्यार तो विश्वास ही उठा देना , सच्ची ….चंगी गल नहीं Changi Gal Nai Vekh-vekh hasna, par kuch v na kehna, Changi gal nai jab bujj ke anjan bane rehna, Changi gal nai pyar karna, par ijhhar na karna, changi gal nai, kisse da, pyar to vishwass hi utha […]

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shayarisms4lovers June18 21 - तेरे नैनो की शोख अदाओं ने हमे लूटा लिया

तेरे नैनो की शोख अदाओं ने हमे लूटा लिया

हसीं ख्वाब तेरे नैनो की शोख अदाओं ने हमे लूटा लिया तेरी झील सी गहरी आँखों ने हमे लूटा लिया हम तो लूट चुके है इस कदर ऐ हसीं ख्वाब अब डरता हूँ कहीं कोई लूट न ले मेरे ख्वाब Hasin Khwaab Tere naino ki shok adayon ne hume loota liya Teri Jhil si gehri ankhoo ne hume loota liya Hum to loot chuke hai is kadar ae hasin khwaab Ab darta hoon kahin koi loot na le mere khwaab जिनसे चाँद शर्माए जरा सी देर के लिए सब कुछ भुला के देख लेते है तुन्हे हम सामने बैठा कर देख लेते है वो चेहरे कैसे होते है की जिनसे चाँद शर्माए जरा तेरे चेहरे से जुल्फे हटा कर देख लेते है Jinse Chand Sharmaye jara si der ke liye sab kuch bhula ke dekh lete hai tunhe hum samne baitha kar dekh lete hai wo chehre kaise hote hai ki jinse chand sharmaye jara tere chehre se julfe hata kar dekh late hai अपना होश नहीं जब से देखा हैं उन्हें मुझे अपना होश नहीं जाने क्या चीज़ वो नज़रो से मुझे पिला देतें है Mujhe Apna Hosh Nahi jab se dekha hain unhe mujhe apna hosh nahi jane […]

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shayarisms4lovers June18 239 - हुस्न और इश्क़ की शायरी – Valentine’s Day special – Romantic Shayari

हुस्न और इश्क़ की शायरी – Valentine’s Day special – Romantic Shayari

तुम्हारी चाहत हम भी मोहब्बत करके गुनेहगार हो गए पहले फूल थे अब खाक हो गए , जब से देखा है तुम्हारे हसीन चेहरे को , हम भी तुम्हारी चाहत के तलबगार हो गए . Tumhari Chahat Hum bhi mohabbat karke gunehgar ho gaye pehle phool the ab khak ho gaye, jab se dekha hai tumhare haseen chehre ko, hum bhi tumhari chahat ke talabgar ho gaye. मेरी आँखों में लोग समझते हैं हमने उनको भुला रखा है , वो क्या जाने की दिल में छुपा रखा है , देखे न कोई उसे मेरी आँखों में , इसलिए पलकों को हम ने झुका रखा है . Meri Aankhon Mein Log samajhte hain humne unko bhula rakha hai, wo kya jane ki dil me chupa rakha hai, dekhee na koi usay meri aankhon mein, isliye palkon ko hum ne jhuka rakha hai. वो चाँद का टुकड़ा लोग कहते है की जिस से हम ने मोहबत की है वो चाँद का टुकड़ा है हम कहते है की जिस से हम ने मोहबत की है चाँद उस का एक टुकड़ा है Wo Chand ka Tukda Log kahte hai ki jis se hum ne mohabbat ki hai wo chand ka tukda hai hum kehte […]

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shayarisms4lovers mar18 27 1 - यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यूं ही दिल के तड़पने का कुछ तो है सबब आखिर या दर्द ने करवट ली है या तुमने इधर देखा माथे पे पसीना क्यों आँखों में नमी सी क्यों कुछ खैर तो है , तुमने जो हाल -ऐ -जिगर देखा                                                            Jigar Moradabadi – Urdu Shayar यह इश्क़ नहीं आसां क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क़ ने जाना है हम ख़ाक-नाशिनो की ठोकर में ज़माना है वो हुस्न -ओ -जमाल उनका यह इश्क़ -ओ -शबाब अपना जीने की तम्मना है मरने का ज़माना है या वो थे खफा हम से या हम थे खफा उनसे कल उनका ज़माना था आज अपना ज़माना है यह इश्क़ नहीं आसां इतना तो समझ लीजिये एक आग का दरिया है और डूब के जाना है आँसू तो बहुत से हैं आँखों में “जिगर” लेकिन बन जाए सो मोती है बह जाए सो पानी है Yeh Ishq Nahin Aasaan kya husn ne samjha hai kya ishq ne jaana hai ham Khaak-nashinoo ki Thokar mein zamana hai wo husn-o-jamaal unkaa yeh ishq-o-shabaab apana jeene ki tamanaa […]

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shayarisms4lovers mar18 209 - प्यार का इज़हार शायरी – Valentine’s Romantic Shayari

प्यार का इज़हार शायरी – Valentine’s Romantic Shayari

“उन्हें ये ख्वाहिश के हम ज़ुबाँ से इज़हार करे हमें यह आरज़ू के वो दिल की ज़ुबाँ समझ लें“ प्यार का इज़हार उन को चाहना मेरी मोहब्बत है उन्हें कह न पाना मेरी मजबूरी है वो खुद क्यों नही समझता मेरे दिल की बात को क्या प्यार का इज़हार करना ज़रूरी है Pyar Ka Izhaar Un ko chahna meri mohabbat hai Unhe keh na pana meri majboori hai Wo khud kyon nhi samjhta mere dil ki baat ko Kya pyar ka izhaar karna zaroori hai मोहब्बत का इज़हार दिल यह मेरा तुमसे प्यार करना चाहता हैं अपनी मोहब्बत का इज़हार करना चाहता है देखा हैं जब से तुम्हे ऐ मेरे हमदम सिर्फ तुम्हारा ही दीदार करना चाहता है Mohabbat Ka Izhaar Dil yeh mera Tumse Pyar karna chahta hain Apni Mohabbat ka izhaar karna chahta hai Dekha hain jab se Tumhe ae mere humdam Sirf tumhara hi Dedaar karna chahta hai.. दिल की आवाज़ दिल की आवाज़ को इज़हार कहते है झुकी निगाह को इकरार कहते है सिर्फ पाने का नाम मोहब्बत नहीं है यारो कुछ खो कर पाने को भी प्यार कहते है Dil Ki Awaaz Dil ki awaaz ko izhaar kehte hai Jhuki nigaah ko ikarar kehte hai […]

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इश्क़ दा जोर – पंजाबी शायरी

इश्क़ दा ख्वाब इश्क़ दा जिस नू ख्वाब आ जाँदा ऐ , वक़्त समझो खराब आ जाँदा ऐ , मेहबूब आवे या न आवे पर तारे गिन्नं दा हिसाब आ जाँदा ऐ Ishq Da Khwaab ISHQ da jisnu khwaab aa janda ae, waqt samjho khraab aa janda ae, mehboob aave ya na aave par taare ginan da hisaab aa janda ae! यारी उस नाल यारी कदी न लाइयो जिस नू अपने ते ग़रूर होवे माँ बाप नू  बुरा न अखियो भावें लख उन्हा दा कसूर होवे . बुरे रस्ते न जइयो . चाहे किनी भी मंज़िल दूर होवे . राह जांदे नू दिल कदे न देयो . चाहे लख मुँह ते नूर होवे  . मोहबत सिर्फ ओथे करियो .. जिथे प्यार निभां दा दस्तूर होवे … Yari Us Naal Yari kadi na laiyo Jisnu Apne Te Gharoor hove Maa Baap Nu Bura na Akhiyo Bhaven Lakh Unna Da Kasoor hove. Bure Rastey Na Jaiyo. Chaye Kini vi manzil Dur hove. Raah Jandey Nu Dill kade na Deyo. Chahe Lakh Mooh Te Noor Hove. Mohabat Sirf othe kariyo.. Jithe Piyar Nibhan da Dastoor hove… इश्क़ दा जोर बाँह फड़के रोक लेन्दे ,ये चल दा कोई ज़ोर हुँदा असीं तेरे पीछे क्यों […]

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shayarisms4lovers mar18 71 - इश्क़ का इम्तिहान – Two Lines Hindi and Urdu Shayari

इश्क़ का इम्तिहान – Two Lines Hindi and Urdu Shayari

जब भी ख़्याल आता है कुछ तो था जो आज भी जेहन से गुजरता है उदास कर जाता है जब भी ख़्याल आता है Jab Bhi kyal Ata hai kuch to tha jo ajj bhi jehan se gujrta hai udas kar jata hai jab bhi kyal ata hai जब तक़दीर तू ही लिखता है क्यों मिलाता है दो दिलो को ऐ खुदा जब तक़दीर तू ही लिखता है तो मिलाता क्यों है   Jab Taqdeer tu hi Likhta hai kyon milata hai doo dilo ko ae khudaa jab taqdir tu hi likhta hai to milata kyon hai जो खो गया वो मोहबत न कर तौबा मोहबत की ही तो जीत होती है जो खो गया वो मोहबत जो पा लिया वो मुक़दर   Jo kho gaya wo mohabat Na kar tauba mohabat ki hi to jeet hoti hai Jo kho gaya wo mohabat jo pa liya wo muqadar इश्क़ का इम्तिहान क्यों यह हुस्न वाले इतने मिज़ाज़ -ऐ -गरूर होते है इश्क़ का लेते है इम्तिहान और खुद तालीम -ऐ -जदीद होते है   Ishq ka Imtihaan Kyon yeah husn wale itne mizaz-ae-groor hote hai ishq ka lete hai imitihan aur khud Taleem-e-Jadeed hote hai

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