shayarisms4lovers mar18 35 - हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का

एक यार शीशे का पत्थरों की बस्ती में कारोबार शीशे का कोई भी नहीं करता ऐतबार शीशे का कांच से बने पुतले कहाँ दूर चलते हैं चार दिन का होता है यह खुमार शीशे का बन सँवर के हरजाई आज घर से निकला है जाने कौन होता है फिर शिकार शीशे का दिल के आज़माने को एक संग काफी है बार बार नहीं लेना इम्तेहान शीशे का फ़राज़ इस ज़माने मैं झूठे हैं सब रिश्ते हम ने भी बनाया था एक यार शीशे का Ek Yaar Sheeshee Ka Patharon Ki Basti Main Karobar Sheeshe Ka Koi Bhi Nahi Karta Aitbar Sheeshe Ka Kaanch Se Bane Putlay kahan Door Chalte Hein Chaar Din Ka Hota Hai Yeh Khumar Sheeshe Ka Ban Sanwar Ke Harjaai Aaj Ghar Se Nikla Hai Jane Kon Hota Hai Phir Shikar Sheeshe Ka Dil Ke Aazmane Ko ek Sang Kafi Hai Bar Bar Nahi Lena Imtehan Sheeshe Ka FARAZ Is Zamane Main jhuthe Hein Sub Rishtey Hum Ne Bhi Banaya Tha ek Yaar Sheeshee Ka.. शाम -ऐ- आलम अश्क़-ऐ- दौरान की लहर है और हम हैं दोस्तों इस बे -वफ़ा का शहर है और हम हैं दोस्तों यह अजनबी सी मंज़िलें और रफ़त -गाह की याद तन्हाइयों […]

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shayarisms4lovers mar18 52 - तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

अक्स -ऐ -खुशबू हूँ अक्स -ऐ -खुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई और बिखर जाऊं तो मुझे न समेटे कोई काँप उठती हूँ मैं इस तन्हाई में मेरे चेहरे पे तेरा नाम न पढ़ ले कोई जिस तरह ख्वाब मेरे हो गए रेज़ा-रेज़ा इस तरह से न कभी टूट के बिखरे कोई मैं तो उस दिन से हरासां हूँ के जब हुक्म मिले खुश्क फूलों को किताबों में न रखे कोई अब तो इस राह से वो शख्स गुज़रता भी नहीं अब किस उम्मीद से दरवाज़े से झांके कोई कोई आवाज़ ,कोई आहात ,कोई चाप नहीं दिल की गलिया बड़ी सुनसान हैं आये कोई Aks-AE-Khushboo Aks-AE-Khushboo Hoon Bikharne Se Na Roke Koi Aur Bikhar Jaaun To Mujhe Na Samete Koi Kaanp Uthti Hoon Main Iss Tanhaai Mein Mere Chehre Pe Tera Naam Na Padh Le Koi Jis Tarah Khwaab Mere Ho Gaye Reza-Reza Is Tarah Se Na Kabhi Toot Ke Bikhre Koi Main To Us Din Se Harasaan Hoon Ke Jab Hukm Mile Khushk Phoolon Ko Kitabon Mein Na Rakhe Koi Ab To Is Raah Se Wo Shakhs Guzarta Bhi Nahin Ab Kis Ummeed Se Darwaaze Se Jaahnke Koi Koi Aawaaz,Koi Aahaat,Koi Chaap Nahin Dil Ki Galyaan Badi Sunsaan […]

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