shayarisms4lovers may18 46 - इंतज़ार शायरी Intezaar Shayari in Hindi

इंतज़ार शायरी Intezaar Shayari in Hindi

आज हम आपके लिए लाये है इंतज़ार शायरी खास आपके लिए… कविता लिखने बैठी तो खिड़की से झांकती पेड़ों की फुनगियो पर बैठी अलसाई धूप ने पूछा क्या सवेरे की नर्म धूप का उजाला है तुम्हारी कविता में … Intezaar Shayari in Hindi कविता लिखने बैठी तो खिड़की से झांकती पेड़ों की फुनगियो पर बैठी अलसाई धूप ने पूछा क्या सवेरे की नर्म धूप का उजाला है तुम्हारी कविता में … तभी अचानक एक चिड़िया खिड़की के सरिए पर आ बैठी अपने पंख फड़फड़ा कर बोली क्या मेरे पांव की तरह आसमान नापने की उमंग है तुम्हारी कविता में … फूलों पर मँडराती – इठलाती रंग-बिरंगी तितली ने कहा क्या मेरे पीछे दौड़ते-भागते बच्चों के चेहरे पर आई खुशी की खिलखिलाहट है … रंम्भाते बछड़े की तरह क्या तुम्हारी कविता व्याकुल करती है किसी का हृदय लौटाने के लिए … या कोयल के स्वर की मिश्री घोल पाती है किसी के मन प्राण में वायु की तरह नवजीवन का संचार करती है या झरने-सा मधुर संगीत भरती है चंद्रमा-सा शीतल सौंदर्य क्या दृष्टिगत होता है कविता में तुम्हारी … कि तभी मोर ने पंख फैलाकर कहा क्या बादलों सा प्यार बरसाती है धरती पर या मुझसामुग्ध करने वाला नृत्य है […]

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