shayarisms4lovers June18 152 - छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

बला है इश्क़ कहर है , मौत है , सजा है इश्क़ सच तो यह है बुरी बला है इश्क़ करते सब है पर सब से हारा है इश्क़ Blaa Hai IshQ Kehar Hai, Mout Hai, Saja Hai IshQ Sach To Yeh Hai Buri Blaa Hai IshQ karte sab hai par sab se hara hai ishq आप की मुस्कुराहट मेरी किसी खता पर नाराज़ मत होना अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी न खोना सकून मिलता है देख कर आप की मुस्कुराहट को मुझे मौत भी आये तो भी तुम मत रोना Aap ki Muskurahat Meri kisi khata par naraz mat hona Apni pyari si muskan kabhi kabhi na khona Sakoon milta hai dekh kar aap ki muskurahat ko Mujhe mout bhi aaye to bhi tum mat rona मेरा इंतज़ार मुझे भी कोई याद कर रही होगी अपने सपनो मैं वो मुझे सजा रही होगी कोई कहे या न कहे मगर वो मेरा इंतज़ार ज़रूर कर रही होगी Mera Intezar Mujhe bhi koi yaad kar rahi hogi Apne sapno main wo mujhe saja rahi hogi Koi kahe ya na kahe magar Wo mera intezar zaroor ka rahi hogi ज़िन्दगी तेरे नाम हर बला से खूबसूरत तेरी शाम कर दूँ प्यार अपना […]

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shayarisms4lovers June18 20 - कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग

कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग

राह -ऐ -जूनून फ़ना न कर अपनी ज़िन्दगी को ऐ इंसान राह -ऐ -जूनून में तब करेगा इबादत जब गुनाह करने की ताक़त न होगी Raah-ae-Junoon Fana na kar apni zindagi ko ay jawan raah-e-junoon main. Tab karega ibadat jab gunnah karne ki taqat na hogi क्यों बेवफा हो जाते हैं लोग हँसते हैं यूँ ही हंस कर रुला जाते हैं लोग मिलते हैं यूँ ही मिल कर जुदा हो जाते हैं लोग पल दो पल की मोहब्बत को उम्र भर का साथ न समझना मुहबत भी करते हैं और खफा भी हो जाते हैं लोग .   नसीब में प्यार न था जो मुझे मिला ही नहीं . कर के इज़हार-ऐ-मोहब्बत बेपरवाह हो जाते हैं लोग . अब किस से करें शिकवा अपनी किस्मत का . कर के वादे वफ़ा क्यों बेवफा हो जाते हैं लोग Kyon bewafaa ho jate hain log Hanste hain yun hi hans kar rula jate hain log Milte hain yun hi mil kar juda ho jate hain log Pal do pal ki Mohabbat ko umar bhar ka sath na samjhna. Muhabat bhi karte hain or khafaa bhi ho jate hain log. Naseeb mein pyar na tha jo mujhe mila hi nhi. Kar ke izhaar-ae-Mohabbat […]

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shayarisms4lovers may18 79 - तेरा इंतज़ार तेरी जुस्तजू – शायरी

तेरा इंतज़ार तेरी जुस्तजू – शायरी

तेरा इंतज़ार इतना ऐतबार तो अपनी धड़कनों पर भी हमने न किया ; जितना आपकी बातों पर करते हैं ; इतना इंतज़ार तो अपनी साँसों का भी न किया ; जितना आपके मिलने का करते हैं !   Tera Intezar Itna Aitbaar To Apni Dhadkanon Par Bhi Humne Na Kiya; Jitna Aapki Baaton Par Karte Hain; Itna Intezar To Apni Saanson Ka Bhi Na Kiya; Jitna Aapke Milne Ka Karte Hain!   आँखों में इंतज़ार होता है रूठी हुई आँखों में इंतज़ार होता है ; न चाहते हुए भी प्यार होता है ; क्यों देखते हैं हम वो सपने ; जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतज़ार होता है ! Aankhon Mein Intezar Hota Hai Ruthi Hui Aankhon Mein Intezar Hota Hai; Na Chahte Hue Bhi Pyar Hota Hai; Kyun Dekhte Hain Hum Wo Sapne; Jinke Tutne Par Bhi Unke Sach Hone Ka Intezar Hota Hai! तेरी आँखो में जहाँ देखता हूँ तेरी आँखो में जहाँ देखता हूँ मैं अपनी नज़रो से तुझे देखता हूँ तुम ढूँढ रही होगी मुझको वहां और मैं जमानो से तेरी राह यहाँ देख रहा हूँ   Teri Aankhon mein jahan dekhta hoon Teri Aankhon mein jahan dekhta hoon main apni najroon se […]

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