shayarisms4lovers June18 92 - रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है – मुलाकात शायरी

रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है – मुलाकात शायरी

मुलाकात का इंतज़ार हर एक मुलाकात को याद हम करते है कभी मोहब्बत कभी जुदाई की आह भरते है यूँ तो रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है मगर फिर भी अगली मुलाकात का इंतज़ार करते है . Mulakat Ka Intzar Har ek mulakat ko yaad hum karte hai Kabhi mohabbat kabhi judai ki aah bharte hai Yun to roj tumse sapno mein mulakat karte hai par Magar Fir bhi agli mulakat ka intzar karte hai… जब मुलाकात नहीं होती निकलते है आँसू , जब बात नहीं होती टूट जाता है दिल , जब मुलाकात नहीं होती आप याद न आओ ऐसी तो कोई बात नहीं ऐसी कोई सुबह , ऐसी कोई शाम नहीं Jab Mulakat Nahi Hoti Nikalte hai aanso, jab bat nahi hoti Tut jata hai dil, jab mulakat nahi hoti Aap yaad na ao aise to koi bat nahi Aisi koi subah, aisi koi sham nahi… हमसे मुलाकात कीजिये अगर हो वक़्त तो मुलाकात कीजिये दिल कुछ कहना चाहो तो बात कीजिये यूं तो मुसकिल है तुमसे दूर रहना अगर लम्हा एक मिल जाये तो हमको याद कीजिये Humse Mulakat Kijiye Agar ho waqt toh mulakat kijiye Dil kuch kehna chaho to baat kijiye Yoon toh muskil […]

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