shayarisms4lovers June18 227 - हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

इश्क़ का मुक़दमा हमने किया है दाखिल इश्क़ का मुक़दमा तेरे हुस्न के दरबार में अब हर रोज़ आते है यह फ़रियाद लिए की कोई आवाज़ तो देगा हमारी उल्फ़त का यूँ  न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे एक दिन तो तुम्हे होना है मेरा यह यक़ीन है मुझे मेरे इश्क़ पर Ishq ka muqadma Humne kiya hai dakhil ishq ka muqadma tere husn ke darbar mein Ab har roz ate hai yeh fariyaad liye ki koi awaaz to dega Hamari ulfat ka yoon na lo imtihaan ki duniya hase hum pe Ek din to tumhe hona hai mera yeah yakin hai mujhe mere ishq par… यह रंज -ओ -गम क्यों न थी ख्वाइश हिजर की न माँगी खुदाई फिर यह रंज क्यों है इश्क़ बदनाम तो फिर यह तालुक क्यों यह जुस्तजू क्यों जब इश्क़ नाम है जुदाई है तो यह रंज -ओ -गम क्यों . Yeh ranj-o-gam kyon Na thi khwaish hijar ki na mangi khudai phir yeah ranj kyon Hai ishq badaam to phir yeh taluq kyon yeah justaju kyon Jab ishq naam hai judai hai to yeh ranj-o-gam kyon… बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में बरसों तन्हाँ तेरे इश्क़ में हर पल का हिसाब रखा […]

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shayarisms4lovers mar18 220 - बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया

बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया बरसों के इंतज़ार का अंजाम लिख दिया काग़ज़ पे शाम काट के फिर शाम लिख दिया बिखरी पड़ी थी टूट के कलियाँ ज़मीन पर तरतीब दे के मैंने तेरा नाम लिख दिया आसान नहीं थी तर्क -ऐ -मुहब्बत की दास्ताँ दो आंसूओं ने आखरी पैग़ाम लिख दिया अल्लाह ज़िन्दगी से कब तक निभाऊं मैं किस बेवफा के साथ मेरा नाम लिख दिया तक़सीम हो रही थीं खुदाई की नेमतें इक इश्क़ बच गया सो मेरे नाम लिख दिया किसी की देंन हैं यह शायरी मेरी किसकी ग़ज़ल पे किसने मेरा नाम लिख दिया Barson ke intezar ka anjaam likh diya Barson ke intezar ka anjaam likh diya kaghaz pe shaam kaat ke phir shaam likh diya bikhri paree thi toot ke kaliyan zameen par tarteeb de ke maine tera naam likh diya aasan nahin thi tark-e-muhabbat ki daastan do aansoon ne aakhri paigham likh diya allah zindagi se kab tak nibhaon main kis bewafa ke saath mera naam likh diya taqseem ho rahi thi khudai ki naimatain ik ishq bach gaya so mere naam likh diya kissi ki dein hain yeh shairee meri kiski ghazal pe kisne mera naam likh diya

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shayarisms4lovers June18 248 - ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल शायरी – आज जाने की जिद न करो

ऐ दिल है मुश्किल जब प्यार में प्यार न हो जब दर्द में यार न हो जब आँसूओ में मुस्कान न हो जब लफ़्ज़ों में जुबान न हो जब साँसे बस यूं ही चले जब हर दिन में रात ढले जब इंतज़ार सिर्फ वक़्त का हो जब याद उस कमबख्त की हो क्यों वो हो राही जो हो किसी और की मंजिल जब धड़कनों ने साथ छोड़ दिया ऐ दिल है मुश्किल , ऐ दिल है मुश्किल AE Dil Hai Muskil jab pyar mein pyar na ho jab dard mein yaar na ho jab anssooao mein muskan na ho jab lafzzo main jubaan na ho jab sanse bas yoon hi chale jab har din main raat dhale jab intezaar sirf waqt ka ho jab yaad us kambaqat ki ho kyon wo ho raahi jo ho kisi aur ki manjil jab dhadkno ne sath chod diya AE dil hai muskil , AE dil hai muskil जनून हद से बढ़ चला है बात बस से निकल चली है दिल की हालत संभल चली है अब जनून हद से बढ़ चला है अब तबियत निहाल हो चली है Janoon Haad se Bhad Chala Hai Baat bas se nikal chali hai Dil ki halat […]

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shayarisms4lovers mar18 205 - शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

शायरी – अदब-ऐ-वफ़ा

रूह हम अपनी रूह तेरे जिस्म में छोड़ आये है तुझे गले से लगाना तो एक बहाना था Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Rooh (रूह) वो नज़र तो आया है यही बहुत है की दिल उसे ढूंढ लाया है किसी के साथ ही सही वो नज़र तो आया है Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , nazar (नज़र) मेरा शहर छोड़ दो वो बात बात पर देते है परिंदों की मिसाल साफ़ साफ़ नहीं कहते मेरा शहर छोड़ दो Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , FARAZ (शहर) इश्क़ में ज़िद है अंजाम की परवाह है तो इश्क़ करना छोड़ दो इश्क़ में ज़िद है और ज़िद में जान भी चली जाती है Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , Ishq (इश्क़) अदब-ऐ-वफ़ा अदब-ऐ-वफ़ा भी सीखो मोहबत की दरगाह में फकत यूं ही दिल लगाने से , दिलो में घर नहीं बनते Hindi and Urdu Shayari , Shayari , शायरी , mohabbat ki Shayari , wafa ki Shayari , […]

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सब को दुआओं में याद रखना आदत है मेरी

रिवायत माना के मरने वालों को भुला देती है यह दुनिया मुझे जीते जी को भुला कर तुम ने रिवायत ही बदल डाली Riwayat Maana ke Marnay Walon Ko Bhula Daiti hai yeah Dunya Mujhe Jite ji Ko Bhula Kar Tum Ne Riwayat Hi Badal Dali.. मोहब्बत भूल जाना भुला देना फ़क़त एक वेहम् ही तो है दिलों से कब निकलते हैं , मोहब्बत जिन से हो जाये Mohabbat Bhool Jana Bhula Dena Faqat Ek Weham hi to Hai, Dilon Se Kab Nikalte Hain, Mohabbat Jin Se ho jaye.. आदत है मेरी हर सुबह दुआ देना फितरत है मेरी हर एक को खुश देखना हसरत है मेरी मैं किसी को याद आऊं या न आऊं सब को दुआओं में याद रखना आदत है मेरी Adat hai meri Har Subah dua dena Fitrat hai meri har ek ko khush dekhna Hasrat hai meri mein kisi ko yaad aon ya na aon sab ko duao mein yaad rakhna Adat hai meri.. वफ़ा सारी रात तकलीफ देता रहा यही एक सवाल हमें वफ़ा करने वाले हमेशा अकेले क्यों रह जातें हैं Wafa Sari raat Takleef Deta Raha Yahi ek Sawal Humein Wafa Karnay Walay Humesha Akele Kyun Reh Jatein Hain.  

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shayarisms4lovers mar18 101 - ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

बड़े शौक़ से मर जाएँगे आओ किसी रोज़ मुझे टूट के बिखरता देखो मेरी रगो में ज़हर जुदाई का उतरता देखो किस किस तरह से तुझे माँगा है खुद से हमने आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो तेरी तलाश में हम ने खुद को खो दिया है मत आओ सामने मगर कहीं छुप के मुझे तड़पता देखो बड़े शौक़ से मर जाएँगे हम मगर वरना तुम सामने बैठ कर सांसों का तसलसुल टूटता देखो Bade Shoq Se Mar Jayeinge Aao Kisi roz Mujhe Toot Ke Bikhrta Dekho Meri Ragon Mein Zehar Judai Ka Uterta Dekho Kis Kis Ada Se Tujhe Maanga Hai khuda Se Aao Kabhi Mujhe Sajdon Mein Sisakta DekHo Teri Talaash Mein Hum Ne Khud Ko Kho Diya Hai Mat Aao Saamne Mgar Kahin Chup Ke Mujhe Tarapta Dekho Bade Shoq Se Mar Jaein gay Hum magar warna Tum Saamne Baith Kar sansoon Ka Tasalsul Tootta Dekho वफ़ा की तलाश जो भी मिला वो हम से खफा मिला देखो हमे मोहब्बत का क्या सिला मिला उम्र भर रही फ़क़त वफ़ा की तलाश हमे पर हर शख्स मुझ को ही क्यों बेवफा मिला Wafa Ki Talash jo bhi mila woh ham se khafa mila dekho dosti ka kya […]

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shayarisms4lovers mar18 184 - ज़ख़्म-ऐ -जिगर तुमको दिखाएगें किसी रोज़ – परवीन शाकिर उर्दू शायरी

ज़ख़्म-ऐ -जिगर तुमको दिखाएगें किसी रोज़ – परवीन शाकिर उर्दू शायरी

इश्क़ में सच्चा चाँद पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद Ishq mein Sachcha chaand Pura dukh aur Aadha Chaand Hijr ki shab aur Aisa Chaand Itne ghane Badal ke piche Kitna tanha Hoga chaand Meri karavat par Jag uthe Neend ka kitna Kachcha chaand Sehra sehra Bhatak raha hai Apne ishq mein Sachcha chaand मिन्नत -ऐ -सैयाद बहुत रोया वो हम को याद कर के हमारी ज़िन्दगी बर्बाद कर के पलट कर फिर यहीं आ जायेंगे हम वो देखे तो हमें आज़ाद करके रिहाई की कोई सूरत नहीं है मगर हाँ मिन्नत -ऐ -सैयाद कर के बदन मेरा छुआ था उसने लेकिन गया है रूह को आबाद कर के हर आमिर तोल देना चाहता है मुकर्रर-ऐ-ज़ुल्म की मीआद कर के Minnat-ae-Saiyaad Bahut roya wo hum ko yaad kar ke Hamaari zindagi barbaad kar ke Palat kar phir yahiN aajayenge hum Wo dekhe to hamain aazaad karke Rihaayi ki koi soorat nahi hai Magar haaN minnat-ae-saiyaad kar ke Badan mera chhuaa tha usne lekin Gaya hai rooh […]

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फिर एक बेवफा की कहानी याद आई – Love Break up Shayari

बेवफा की कहानी बरसात की भीगी रातों में फिर उनकी याद आई कुछ अपने जमाना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई फिर यादों के दौर चले फिर एक बेवफा की कहानी याद आई Bewafa Ki Kahani Barsaat ki bheegi raaton mein phir unki yaad aayi Kuch apne jamana yaad aaya kuch unki jawani yaad aayi phir yadon ke daur chale phir ek bewafa ki kahani yaad aayi जब तक रहेंगी साँसे आप को भूल जाएँ यह नामुमकिन सी बात है आप को न हो यकीं यह और बात है जब तक रहेंगी यह साँसे तब तक याद रहोगे यह साँस ही साथ छोड़ जाएँ तो फिर और बात है Jab Tak Rahenge Saanse Aap ko bhool jaye yeh namumkin si baat hai Aap ko na ho yakin yeh aur baat hai Jab tak rahenge yeh saanse tab tak yaad rahoge Yeh Saans hi sath chood jaye toh aur baat hai कसम हैं हमे बदलो के बीच यह कैसी साज़िश हुई है आज मेरा घर था मिटटी का ,मेरे ही घर बारिश हुई जिद है अगर उन्हें हम पर बिजलियाँ गिराने की तो कसम हैं हमे भी वही आशियाना बसाने की . Kasam Hain Hume Badalo ke beech kaisi sazish […]

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shayarisms4lovers may18 77 - शायरी जो दिल में उतर जाये – लफ़्ज़ों की दास्ताँ

शायरी जो दिल में उतर जाये – लफ़्ज़ों की दास्ताँ

न किया कर अपने दर्द-ऐ-दिल को शायरी में बयान “मोहसिन” लोग और टूट जाते हैं हर लफ़ज़ को अपनी दास्ताँ समझ कर तुम नहीं , गम नहीं , शराब नहीं तुम नहीं , गम नहीं , शराब नहीं ऐसी तन्हाई का जवाब नहीं कभी कभी इसे पढ़ा कीजिये दिल से बेहतर कोई किताब नहीं जाने किस किस की मौत आई है आज रुख पे उनके कोई नक़ाब नहीं वो कर्म उँगलियों पे गिनते हैं ज़ुल्म का जिनके कुछ हिसाब नहीं   शायर – सईद राही खत लिख रहा हूँ खत लिख रहा हूँ अहदऐमोहब्बत को तोड़ के काग़ज़ पे आंसुओं के थपेड़े छोड़ छोड़ के तू फ़िक्र मंद क्यों है मेरा दिल तोड़ के मैं खुद ही जा रहा हूँ तेरा शहर छोड़ के .. कल रात लिखने बैठा ग़ज़ल तेरे नाम की अल्फाज़ सामने थे खड़े यूँ हाथ जोड़ जोड़ के जिसमें तुम्हारा अक्स _ऐ _हसीं देखता था मैं तुमने तो रख दिया वही आइना तोड़ के ये दास्ताँ _ऐ _ज़ीस्त भी कितनी तवील है रखने पड़े हैं मुझ को कुछ वरक मोड मोड के . जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा दीवारों से सर टकराओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा […]

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shayarisms4lovers mar18 141 - इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

तुम्हारा साथ जी चाहता है तुम से प्यारी सी बात हो हसीं चाँद तारे हो , लम्बी सी रात हो एहसास हो , बात हो और तुम्हारा साथ हो यही सिलसिला तमाम रात हो , तुम्हारा साथ हो तुम मेरी ज़िन्दगी हो , तुम मेरी कायनात हो . Tumhara Sath Jee Chahta Hai Tum Se Pyari Si Baat Ho Haseen Chand Tare Ho, Lambi Si Raat Ho Ehsaas ho, baat ho aur tumhara sath ho Yahi silsila tamam raat ho, tumhare sath ho Tum Meri Zindagi Ho, Tum Meri Kayinat Ho. तेरे क़दमों में तुम न जाओ कहीं बस एक नज़र देख लेने की इजाज़त दे दो कुछ वक़्त गुज़ार लू तेरे क़दमों में इक ज़िन्दगी जीने की इजाज़त दे दो Tere Kadmo Mein Tum na jao kahin.. Bas ek nazar dekh lene ki ijazat de do Kuchh waqt guzar lo tere Kadmo mein Ik zindagi jeene ki ijaazat de do ऐतबार किसी को प्यार इतना देना की हद न रहे पर ऐतबार भी इतना रखना की शक न रहे वफ़ा इतनी करना की बेवफाई न हो और दुआ बस इतनी करना की जुदाई न हो Aitbaar Kisi ko pyar itna dena ki had na rahe par aitbaar bhi itna […]

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