shayarisms4lovers mar18 127 - हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

न जाने कौन न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया … Na jane kaun Na jane kaun sa aasaab dil mein basta hai Ke jo bhi thehra wo aakhir makaan chod gaya तुझी को पूछता रहा बिछड़ के मुझ से , हलक़ को अज़ीज़ हो गया है तू , मुझे तो जो कोई भी मिला , तुझी को पूछता रहा Tujhi ko puchta raha Bichar ke mujh se, halaq ko aziz ho geya hai tu Mujhe to jo koi mila, tujhi ko puchta raha मेरे हम-सकूँ  मेरे हम-सकूँ  का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ .. मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया … Mere hum-sukhan Mere hum-sukhan ka yeh hukm tha ke kalaam us se main kam karoon.. mere hont aise sile ke phir usey meri chup ne rula diya …. यह शब-ऐ-हिजर यह शब-ऐ-हिजर तो साथी है मेरी बरसों से जाओ सो जाओ सितारों के मैं ज़िंदा हूँ अभी Shab-ae-hizar Yeh Shab-ae-hizar To Sathi Hai Meri Barsoon Se Jao So Jao Sitaro Ke Main Zinda Hoon Abhi न आना तेरा ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा ऐसे […]

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shayarisms4lovers mar18 198 - एक दिल ही था वो भी उस के पास था

एक दिल ही था वो भी उस के पास था

साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत नहीं रहती SAQI Teri Sharab Kuch Bhi Nahi Us Ki Ankhon Ke Samne “SaQi” Wo Jo Dekh Le Ek Nazar To Peene ki Hasrat Nahi Rehti… मदहोशी नज़रों से क्यों इतना पिला देती हो महखाने की राह भूल गए हैं गुनाह हो जाये न मदहोशी में इसी खातिर हरदम दूर बैठे हैं Madhoshi Nazaron se kyun itana pila deti ho Meihkhane ki raah bhool gaye hain Gunaha ho jaye na madhoshi mein Isi khatir hardam door baithe hain… कतरे कतरे से वफ़ा बेवफा कहने से पहले मेरी रग रग का खून निचोड लेना कतरे कतरे से वफ़ा न मिली तो बेशक मुझे छोड़ देना Katre Katre Se Wafa Bewafa Kehne Se Pehle Meri Rag Rag Ka Khoön nichod Lena Katre Katre Se Wafa Na Mili To Beshak Mujhe Chod Dena… तेरी चाहत पास तुम होते तो कोई शरारत करते तुझे ले कर बाँहों में मोहब्बत करते देखते तेरी आँखों में नींद का खुमार अपनी खोई हुई नींदों की शिकायत करते तेरी आँखों में अपना अक्स ढूँढ़ते खुद से भी ज़यादा तेरी चाहत करते एक दिल ही था […]

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shayarisms4lovers mar18 13 - तू जो नहीं तो बिन तेरे शामें उदास हैं

तू जो नहीं तो बिन तेरे शामें उदास हैं

छलक पड़ेंगे आँसू  जो ज़रा किसी ने छेड़ा छलक पड़ेंगे आँसू कोई मुझ से यूँ न पूछे तेरा दिल उदास क्यों है Chalak Padegein Aansoo Jo zara kisi ne cheda chalak padegein aansu Koi mujh se yun na pooche tera dil Udas kyon hai गुलाबों में खुशबू तारों में है चमक न गुलाबों में खुशबू है तुम क्या गए हो शहर की हर शह् उदास है खुशीओं की मुझ को दोस्तों कोई तलब नहीं मुझ को है ग़म से प्यार मुझे ग़म ही रास है Gulabon mein khosboo Taron mein hai chamak na Gulabon mein khosboo hai Tum kya gaye ho Shehar ki har sheh udas hai Khushyon ki mujh ko doston koi talab nahi Mujh ko hai gham se pyar mujhe Gham hi raas hai आँखें उदास हैं तू जो नहीं तो बिन तेरे शामें उदास हैं ढूंढें तुझे कहाँ कहाँ आँखें उदास हैं इक चाँद ही नहीं है जो पूछे तेरा पता देखा नहीं है जो तुझे मेरी राहें उदास हैं Aankhein udas hain Tu jo nahi to bin tere shamein udas hain Dhoondein tujhe kahan kahan aankhein udas hain Ik chand hi nahi hai jo pooche tera pata Dekha nahi hai jo tujhe rahein udas hain जो […]

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shayarisms4lovers mar18 206 - दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

मुझे होश नहीं कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं रात के साथ गयी बात मुझे होश नहीं मुझ को यह भी नहीं मालुम की जाना है कहाँ थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं आंसुओं और शराबों में गुज़र है अब तो मैंने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं जाने क्या टूटा है पैमाना की दिल है मेरा बिखरे बिखरे हैं ख्यालात मुझे होश नहीं Mujhe Hosh Nahin kitni pee kaise kati raat mujhe hosh nahin raat ke saath gayi baat mujhe hosh nahin mujh ko yeh bhi nahin maalum ki janaa hai kahaan tham le koi mera hath mujhe hosh nahin aansuoon aur sharaabon mein guzar hai ab to mainne kab dekhi thi barasaat mujhe hosh nahin jaane kyaa Tuutaa hai paimaanaa ki dil hai mera bikhare bikhare hain Khayaalaat mujhe hosh nahin बारिश के बाद हो गयी रूखसत घटा बारिश के बाद एक दिया जलता रहा बारिश के बाद मेरे बहते हुए आंसुओ को देख कर रो पड़ी ठंडी हवा बारिश के बाद मेरी तन्हाई का दामन थाम कर कुछ उदासी ने कहा बारिश के बाद याद तेरी ओढ़ कर में सो गयी ख्वाबों का दर खुल गया बारिश के बाद चाँद देख कर […]

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इश्क़ में यह दूरियां – दूरियाँ शायरी

इन राहों की दूरियां निगाहों की दूरियां हम राहों की दूरियां फनाह हो सभी दूरियां तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे हम दूर फ़िज़ाओं में कहीं खो जायेंगे हम हमारी यादों से लिपट कर रोते रहोगे जब ज़मीन की मट्टी में सो जायेंगे हम Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum Dur Fizaoon Mein Kahain Kho Jayenge Hum Hamari Yaadon Se Lipat Kar Rote Rahoge Jab Zameen Ki Matti Mein So Jayenge Hum कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं अभी कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं पल पल सिमटती शाम से कुछ रौशनी बाकी हैं हमें यकीन है वो देखा हुआ कल आएगा ज़रूर अभी वो हौसले वो यकीन बाकी हैं Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain Abhi Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain Pal Pal Simatati Shaam Se Kuch Roshni Baaki Hain Hame Yakeen Hai Wo Dekha Hua Kal Aayega Zaroor Abhi Wo Housle Wo Ummedein Baaki Hain बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते हम बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते अब ठहर जाएँ कहीं शाम के ढलते ढलते रात के बाद सहर होगी मगर किस के लिए हम भी […]

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shayarisms4lovers may18 80 - इश्क़ – रहमत-ऐ खुदा

इश्क़ – रहमत-ऐ खुदा

कफ़न यह दुनिया तुम्हे क्या देगी मोसिन . जिस दुनिया ने हुसैन को कफ़न तक न दिया . Yeh dunya thume kya degi mohsin. Jis dunya ne hussain ko kafan tak na diya.  सजदा  कर लो जितने कर सकते हो सजदे अक्सर लोगो को बिना सजदे नमाज़ पढ़ते देखा है Sajda   Kar Lo Jitnay Kar Saktay Ho Sajjde Aksar Logoon Ko Bina Sajjde Namaaz Parhtay Dekha Hai खुदा इश्क़ एक मुद्दत के बाद हम ने यह जाना ऐ खुदा एक तेरी ज़ात से इश्क़ सच्चा , बाक़ी सब अफ़साने हैं Khudaa Ishq Ek Muddat Ke Baad Hum Ne Yeh Jana Aye Khuda Ek Teri Zaat Se Ishq Sacha, Baqi Sab Afsaane Hain गुनाह रोज़ गुनाह करता हूँ , वो छुपता है अपनी रहमत से में मजबूर अपनी आदत से , वो मशहूर अपनी रहमत से Gunaah Roz gunaah karta hun, woh chupata hai Apni Rehmat se Mein majboor apni Aadat se, woh mashhoor Apni Rehmat se आँसू कितने आँसू बहा दिए इन चार दिन की मोहब्बत में काश सजदे में बहते तो गुनहगार न होते Aansoo kitne aansoo baha diye in char din ki mohabbat me kash sajde me bahate to gunahgar na hote

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shayarisms4lovers mar18 141 - इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

तुम्हारा साथ जी चाहता है तुम से प्यारी सी बात हो हसीं चाँद तारे हो , लम्बी सी रात हो एहसास हो , बात हो और तुम्हारा साथ हो यही सिलसिला तमाम रात हो , तुम्हारा साथ हो तुम मेरी ज़िन्दगी हो , तुम मेरी कायनात हो . Tumhara Sath Jee Chahta Hai Tum Se Pyari Si Baat Ho Haseen Chand Tare Ho, Lambi Si Raat Ho Ehsaas ho, baat ho aur tumhara sath ho Yahi silsila tamam raat ho, tumhare sath ho Tum Meri Zindagi Ho, Tum Meri Kayinat Ho. तेरे क़दमों में तुम न जाओ कहीं बस एक नज़र देख लेने की इजाज़त दे दो कुछ वक़्त गुज़ार लू तेरे क़दमों में इक ज़िन्दगी जीने की इजाज़त दे दो Tere Kadmo Mein Tum na jao kahin.. Bas ek nazar dekh lene ki ijazat de do Kuchh waqt guzar lo tere Kadmo mein Ik zindagi jeene ki ijaazat de do ऐतबार किसी को प्यार इतना देना की हद न रहे पर ऐतबार भी इतना रखना की शक न रहे वफ़ा इतनी करना की बेवफाई न हो और दुआ बस इतनी करना की जुदाई न हो Aitbaar Kisi ko pyar itna dena ki had na rahe par aitbaar bhi itna […]

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