shayarisms4lovers June18 263 - आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास – जावेद अख्तर

दर्द अपनाता है पराये कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो पुरानी बात गम अभी सोया है जगाए कौन वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं कौन दुःख झेले आज़माए कौन अब सुकून है तो भूलने में है लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन आज फिर दिल है कुछ उदास उदास देखिये आज याद आए कौन Aaj Phir Dil Hai Kuch Udaas Udaas- Javed Akhtar dard apanaataa hai paraae kaun kaun sunataa hai aur sunaae kaun kaun doharaae vo puraanii baat Gam abhii soyaa hai jagaae kaun vo jo apane hain kyaa vo apane hain kaun dukh jhele aazamaae kaun ab sukuuN hai to bhuulane mein hai lekin us shaKhs ko bhulaae kaun aaj phir dil hai kuchh udaas udaas dekhiye aaj yaad aae kaun

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shayarisms4lovers mar18 129 - जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया – Javed Akhtar Shayari

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया – Javed Akhtar Shayari

जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया जाते जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया उम्र भर दोहराएंगे ऐसी कहानी दे गया उस से मैं कुछ पा सकू ऐसी कहाँ उम्मीद थी ग़म भी शायद बराए मेहरबानी दे गया खैर मैं प्यासा रहा पर उसने इतना तो किया मेरी पलकों की कितरों को वो पानी दे गया Jatay jatay wo mujhe acchi nishani de gaya jatay jatay wo mujhe acchi nishani de gaya umar bhar dohraoonge, aisi kahani dae gaya us say main kuch pa sakoon aisi kahaN umeed thi gham bhi wo shayad baaraye meharbani de gaya khair maiN pyasa raha par usne itna to kia meri palkon ki qitaroN ko wo pani de gaya… अपने होने पर मुझको यकीन आ गया पिघले नीलम सा बहता ये समां नीली नीली सी खामोशियां न कहीं है ज़मीन न कहीं आसमान सरसराती हुई टहनियाँ -पत्तियां कह रही हैं बस एक तुम हो यहाँ बस मैं हूँ , मेरी साँसे हैं और मेरी धड़कने ऐसी गहराइयाँ , ऐसी तन्हाइयाँ , और मैं … सिर्फ मैं अपने होने पर मुझको यकीन आ गया Apne Hone Par Mujhko Yakeen Aa Gaya Pighle Neelam Sa Behta Yeh Sama Neeli Neeli Si Khamoshiyan Na Kahin […]

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shayarisms4lovers mar18 87 - जो सुनाई अंजुमन में शब-ऐ-ग़म की आपबीती

जो सुनाई अंजुमन में शब-ऐ-ग़म की आपबीती

पहली नज़र उस से कहो इक बार और देख कर आज़ाद कर दे मुझे के मैं आज भी उस की पहली नज़र की क़ैद में हूँ Pehli Nazar Us se kaho ik baar aur dekh kar AAZAAD kar de mujhe Ke main aaj bhi us ki pehli nazar ki qaid main hoon.. तेरी बेवफ़ाइयों पर मुझे अजमाने वाले मुझे अजमा के रोये मेरी दस्ताने हसरत सुना सुना के रोये तेरी बेवफ़ाइयों पर , तेरी कज आदइयों पर कभी सर छुपा के रोये , कभी मुँह छुपा के रोये जो सुनाई अंजुमन में शब -ऐ -ग़म की आपबीती कभी रो के मुस्कराए , कभी मुस्करा के रोये!! मैं हूँ बे -वतन मुसाफिर , मेरा नाम बेकसी है मेरा कोई भी नहीं है जो गले लगा के रोये मेरे पास से गुज़र कर मेरा हाल तक न पुछा मैं यह कैसे मान जाऊं के वो दूर जा के रोये Teri Bewafaiyon Par Mujhe Azmane Wale Mujhe Azmaa ke Roye Meri Dastane Hasrat Suna Suna ke Roye Teri Bewafaiyon Par, Teri Kaj Adaiyon Par Kabhi Sar chupa Ke Roye, Kabi Munh Chupa Ke Roye Jo Sunai Anjuman Men Shab-ae-Gham Ki Apbiti Kabhi Ro ke Muskaraye, Kabhi Muskara Ke Roye Main Hoon Be-Watan Musafir, […]

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