pexels photo 701816 - दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं – जावेद अख्तर

दर्द के फूल  दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं ज़ख्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी सर झुकाए हुए चुप -चाप गुज़र जाते हैं रास्ता रोके खडी है यही उलझन कब से कोई पूछे तो कहें क्या की किधर […]

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