shayarisms4lovers mar18 27 1 - यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यूं ही दिल के तड़पने का कुछ तो है सबब आखिर या दर्द ने करवट ली है या तुमने इधर देखा माथे पे पसीना क्यों आँखों में नमी सी क्यों कुछ खैर तो है , तुमने जो हाल -ऐ -जिगर देखा                                                            Jigar Moradabadi – Urdu Shayar यह इश्क़ नहीं आसां क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क़ ने जाना है हम ख़ाक-नाशिनो की ठोकर में ज़माना है वो हुस्न -ओ -जमाल उनका यह इश्क़ -ओ -शबाब अपना जीने की तम्मना है मरने का ज़माना है या वो थे खफा हम से या हम थे खफा उनसे कल उनका ज़माना था आज अपना ज़माना है यह इश्क़ नहीं आसां इतना तो समझ लीजिये एक आग का दरिया है और डूब के जाना है आँसू तो बहुत से हैं आँखों में “जिगर” लेकिन बन जाए सो मोती है बह जाए सो पानी है Yeh Ishq Nahin Aasaan kya husn ne samjha hai kya ishq ne jaana hai ham Khaak-nashinoo ki Thokar mein zamana hai wo husn-o-jamaal unkaa yeh ishq-o-shabaab apana jeene ki tamanaa […]

Continue Reading