shayarisms4lovers June18 116 - हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

प्यार की गहराइयाँ हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़” यहाँ नहीं डूबता तो कहीं और डूबे होते Pyar ki Gehraiya hume to pyar ki gehraiya maaloom karni thi “FARAZ” yahan nhi dubte to kahin aur dube hote मेरी ख़ामोशी वो अब हर एक बात का मतलब पूछता है मुझसे “फ़राज़” कभी जो मेरी ख़ामोशी की तफ्सील लिखा करता था Meri Khamoshi woh ab har ek baat ka matlab poochta hai mujhse “FARAZ” kbhi jo meri khamoshi ki tafseel likha karta tha… लफ़्ज़ों की तरतीब लफ़्ज़ों की तरतीब मुझे बांधनी नहीं आती “ग़ालिब” हम तुम को याद करते हैं सीधी सी बात है Lafzon ki Tarteeb Lafzon ki tarteeb mujhe bandhni nahi aati “GHALIB” Hum tum ko yaad karte hain sidhi si baat hai… इंतज़ार तेरे जाने के बाद बस इतना सा गिला रहा हमको “मोहसिन “ तू पलट कर देख जाता तो सारी ज़िन्दगी इंतज़ार में गुज़ार देते . Intezar Tere jane ke bad bus itna sa gila raha humko “mohsin” tu palat kar dekh jata to sari zindagi intezar mein guzar dete… ज़ख़्म खिल उठे लाज़िम था गुज़ारना ज़िन्दगी से बिन ज़हर पिये गुज़ारा कब था कुछ पल उसे देख सकते अश्कों को मगर गवारा कब […]

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shayarisms4lovers June18 152 - छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

बला है इश्क़ कहर है , मौत है , सजा है इश्क़ सच तो यह है बुरी बला है इश्क़ करते सब है पर सब से हारा है इश्क़ Blaa Hai IshQ Kehar Hai, Mout Hai, Saja Hai IshQ Sach To Yeh Hai Buri Blaa Hai IshQ karte sab hai par sab se hara hai ishq आप की मुस्कुराहट मेरी किसी खता पर नाराज़ मत होना अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी न खोना सकून मिलता है देख कर आप की मुस्कुराहट को मुझे मौत भी आये तो भी तुम मत रोना Aap ki Muskurahat Meri kisi khata par naraz mat hona Apni pyari si muskan kabhi kabhi na khona Sakoon milta hai dekh kar aap ki muskurahat ko Mujhe mout bhi aaye to bhi tum mat rona मेरा इंतज़ार मुझे भी कोई याद कर रही होगी अपने सपनो मैं वो मुझे सजा रही होगी कोई कहे या न कहे मगर वो मेरा इंतज़ार ज़रूर कर रही होगी Mera Intezar Mujhe bhi koi yaad kar rahi hogi Apne sapno main wo mujhe saja rahi hogi Koi kahe ya na kahe magar Wo mera intezar zaroor ka rahi hogi ज़िन्दगी तेरे नाम हर बला से खूबसूरत तेरी शाम कर दूँ प्यार अपना […]

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shayarisms4lovers mar18 199 - बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

खुदा के वास्ते खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – जहाँ भी वही काफिर सनम निकले Khuda ke Waaste Khuda ke waaste parda na kaabe se uthaa zaalim Kaheen aisa na ho yahan bhi wahi kaafir sanam nikle Mirza Ghalib Shayari – Urdu shayari – yahan bhi wahi kaafir sanam nikle वो निकले तो दिल निकले ज़रा कर जोर सीने पर की तीर -ऐ-पुरसितम् निकले जो वो निकले तो दिल निकले , जो दिल निकले तो दम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – वो निकले तो दिल निकले Wo Nikle To Dil Nikle Zara kar jor seene par ki teer-e-pursitam niklejo Wo nikle to dil nikle, jo dil nikle to dam nikle Mirza Ghalib Shayari – Urdu shayari – Wo nikle to dil nikle कागज़ का लिबास सबने पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास जिस कदर लोग थे बारिश में नहाने वाले अदल के तुम न हमे आस दिलाओ क़त्ल हो जाते हैं , ज़ंज़ीर हिलाने वाले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – पहना था बड़े शौक से कागज़ का लिबास Kaagaz ka Libaas Sabnay pahnaa […]

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shayarisms4lovers may18 72 - यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

तेरे शोख तासुबर में ख़ामोश थे लव और मैं गुफ़्तार में गुम थी पलके न झमकती थी के मैं दीदार में गुम थी तन मन ने सजाये है तेरे शोख तासुबर में यादों का आईना था मैं सिंगार में गुम थी   Tere Shokh Tasubur Mein khamosh the luv aur main guftar mein gum thi palke na Jhamkti thi ke main didar mein ghum thi tan man ne sajaye hai tere shokh tasubur mein yadon ka aiina tha main shingar mein gum thi   जुदाई के मौसम जुदाई के मौसम सताने लगे है वो फिर टूट कर याद आने लगे है तख़्युल के परवाज़ को कैसे रोकू वो गोया मेरे घर फिर आने लगे है निशो रोक लो वो जाने लगे है मनाने में जिन को ज़माने लगे है   Judai ke Mausam judai ke mausam satane lage hai wo phir toot kar yaad ane lage hai takhayul ke parwaz ko kaise roku wo goya mere ghar phir ane lage hai nisho rok lo wo jane lage hai manane main jin ko jamane lage hai   ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी हम तेरी धुन मैं परेशान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी और तू हम से गुरेजा ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी तू कहीं साकी गली में खो गयी है और यहाँ डंस […]

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