shayarisms4lovers June18 102 - Umar bhar teri mohabbat  meri  khidmat rahi

Umar bhar teri mohabbat meri khidmat rahi

तेरी खिदमत के क़ाबिल उम्र भर तेरी मोहब्बत मेरी खिदमत रही मैं तेरी खिदमत के क़ाबिल जब हुआ तो तू चल बसी हिंदी और उर्दू शायरी – अल्लम इक़बाल शायरी – तेरी खिदमत के क़ाबिल Teri Khidmat Ke Qabil Umer Bhar Teri Mohabbat Meri Khidmat Rahi Main Teri Khidmat Ke Qabil Jab Huwa Tu Chal Basi Hindi and urdu shayari – Allama Iqbal ki (dedicated to maa) shayari – Teri Khidmat Ke Qabil ऐ बेखबर सौदागरी नहीं , यह इबादत खुदा की है ऐ बेखबर ! जज़ा की तमन्ना भी छोड़ दे हिंदी और उर्दू शायरी – अल्लम इक़बाल शायरी – ऐ बे -खबर Ae Be-Khabar Sodagari Nahin, Ye Ibadat Khuda Ki Hai Ae Be-Khabar! Jaza Ki Tamanna Bhi Chor De Hindi and urdu shayari – Allama Iqbal ki shayari – Ae Be-Khaba इश्क़ क़ातिल से इश्क़ क़ातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी यह बता किस से मुहब्बत की जज़ा मांगेगा सजदा ख़ालिक़ को भी इबलीस से याराना भी हसर में किस से अक़ीदत का सिला मांगेगा हिंदी और उर्दू शायरी – अल्लम इक़बाल शायरी – इश्क़ क़ातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी Ishq Qatil Se Ishq Qatil Se Bhi Maqtool Se Hamdardi Bhi Ye Bata Kis Se […]

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