shayarisms4lovers June18 247 - Mujhe bhi ab neend ki talab nahin rahi, Shayari

Mujhe bhi ab neend ki talab nahin rahi, Shayari

Mujhe bhi ab neend ki talab nahin rahi,
Ab raaton ko jagna accha lagta hain,
Mujhe nahi malum wo meri kismat me hai ki nahi,
Magar use khuda se mangna achha lagta hai. 💔😢

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही,
अब रातों को जागना अच्छा लगता है,
मुझे नहीं मालूम वो मेरी किस्मत में है या नहीं,
मगर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है। 💔😢

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Ye Lakeerein Ye Naseeb Ye Kismat, Shayari

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Ye Lakeerein Ye Naseeb Ye Kismat,
Sab Fareb Ke Aayine Hain,
Haathon Mein Tera Haath Hone Se Hi,
Mukammal Zindagi Ke Mayne Hain. 💕

ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत,
सब फ़रेब के आईनें हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही,
मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं। 💕…

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Badi Madat Se Chaha Hai Tujhe

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Badi Madat Se Chaha Hai Tujhe,
Badi Duaaon Se Paya Hai Tujhe,
Tujhe Bhulne Ko Sochu Bhi To Kaise,
Kismat Ki Lakiro se Churaya Hai Tujhe.

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे,
बड़ी दुआओं से पाया है तुझे,
तुझे भुलाने की सोचूं भी तो कैसे,
किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे।…

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shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

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किस्मत मैं लिखदे मेरी

किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे
मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे
जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन
ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे

Kismat mein Likhde Meri

kismat main meri chain se jeena likhde
mita na sake koi wo afsana likhde
jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin
Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina likhde..


किस्मत पर ऐतबार

किस्मत पर ऐतबार किस को है
मिल जाये ‘ख़ुशी’ इनकार किस को है
कुछ मजबूरियां हैं मेरे दोस्तों
वरना ‘जुदाई ’ से प्यार किस को है

Kismat Par Aitbaar

kismat par aitbaar kis ko ha
Mil jaye ‘KHUSHI’ inkaar kis ko hai
kuch ‘MAJBURIYAN’ hain mere dosto
warna! ‘JUDAI’ se pyar kis ko hai..


किस्मत से शिकायत

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है
जो नहीं मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यों है
कितने खड़े है राहो पे
फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यों

Kismat se Shikayat

Kismat se apni sabko shikayat kyon hai
Jo nahi mil sakta usi se mohabbat kyon hai
Kitne khade hai raho pe
Phir bhi dil ko usi ki chahat kyon..


किस्मत में मोहब्बत

कुछ किस्मत ही ऐसी रही दोस्तों
की अब ज़िन्दगी से कोई तम्मना ही नहीं
जिसको चाहा हमने उसे पा न सका
जो किस्मत में थी उसे मोहब्बत न कर सके

Kismat Mein Mohabbat

Kuch Kismat Hi Aisi rahi Doston
Ki Ab Zindagi Se Koi Tammana hi Nahi
Jisko Chahaa humne use paa Na Saka
Jo kismat mein thi usse Mohabbat Na kar sake..


मेरे नसीब की लकड़ी

मेरी किस्मत ही बेईमानी निकली
कबर भी खोदी तो ज़मीन पत्थर की निकली
लेकर मेरा जनाजा वो जलाने गए तो
कम्बख़त मेरे नसीब की लकड़ी भी गीली निकली

Mere Naseeb Ki Lakdi

Meri kismat bhi beimani nikli
Kabar Bhi Khodi To Zamin Pathar Ki Nikli
Lekar Mera Janaja Wo Jalane Gaye To
Kambakat Mere Naseeb Ki Lakdi Bhi Gili Nikli..


किस्मत का फैसला

मेरी तक़दीर से पूछ मेरी किस्मत का फैसला
मेरी मुस्कराहट पे न जा मेरा दर्द तलाश कर
आँखों से पूछ मेरे इंतज़ार की हद
इम्तिनान पे न जा मेरे सबर को तलाश कर
मेरे दोस्तों से पूछ मेरी दोस्ती का आलम
सूरत पे न जा मेरी सिरत तलाश कर
जो मिल जाये तुम को मेरी बातों के जवाब
तो फिर तू ज़रा सा काम कर
मुझे आस पास न देख मुझे खुद मैं तलाश कर

Kismat Ka Faisla

Meri Taqdeer Se Pooch Meri Kismat Ka Faisla
Meri Muskrahat …

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होंठो की जुबान यह आँसू कहते है – आँसू और दर्द की शायरी

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जो दर्द न होता

जो आंसू न होते आँखों में
तो ऑंखें इतनी खूबसूरत न होती
जो दर्द न होता इस दिल में
तो ख़ुशी की कीमत पता न होती
जो बेवफाई न की होती वक़्त ने हमसे
तो जुदाई में जीने की आदत न होती

 

Jo Dard Na Hota

Jo aansu na hote ankhon mein
To ankhen itni khobsurat na hoti
Jo dard na hota dil mein
To khushi ki kimat pata na hoti
Jo bewfayee na ki hoti waqt ne humse
To judai main jine ki aadat na hoti


न रोये कोई हमे देख कर

काँटों की सेज पर चलने की हमें अब आदत हो गई है
न रोये कोई हमे देख कर, हमें अब आँसू बहाने की आदत हो गई है

Na Roye Koi Hamein Dekh kar

Kanton ki seej par chalne ki hamein ab aadat ho gai hai
Na roye koi hamein dekh kar , hume ab aansu bahane ki aadat ho gai hai


आँसू की किस्मत

होंठो की जुबान यह आँसू कहते है
जो चुप रहते है फिर भी बहते है
और इन आँसू की किस्मत तो देखिये
यह उनके लिए बहते है जो इन आँखों में रहते है

 

Aansu ki Kismat

Honto ki juban yeh aansu kehte hai
Jo chup rehte hai phir bhi behte hai
Aur in aansu ki kismat to dekhiye
Yeh unke liye behte hai jo in aankho mein rehte hai


मेहबूब की आँखों में

काश बनाने वाले ने हमको आँसू बनाया होता
और मेहबूब की आँखों में बसाया होता
जब गिरते उनकी आँखों से उनकी ही गोद में
तो मरने का मज़ा कुछ अलग ही आया होता .

 

Mehboob Ki Aankho Mein

Kaash banane wale ne humko aansu banaya hota
Aur mehboob ki aankho mein basaya hota
Jab girte unki aankho se unki hi godh mein
To marne ka maza kuch alag hi aaya hota.


मोहब्बत भी क्या चीज़ है

आँसू आ जाते हैं आँखों में
पर लबों पे हसी लानी पड़ती है
यह मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो
जिससे करते है उसी से छुपानी पड़ती है .

 

Mohabbat Bhi Kya Cheez Hai

Aansu aa jatey hain ankhon mein
par labon pe hasi laani padti hai
yeh mohabbat bhi kya cheez hai yaaro
jisse kartey hai usi se chhupani padti hai.…

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