shayarisms4lovers mar18 142 - Hindi Poem on Love

Hindi Poem on Love

आँखों मे प्यास हुआ करती थी, दिल में तुफान उठा करते थे, लोग आते थे गज़ल सुनने को, हम तेरी बात किया करते थे, सच समझते थे सब सपनो को, रात दिन घर में रहा करते थे, किसी विराने में तुझसे मिलकर, दिल में क्या फुल खिला करते थे, घर की दिवार सजाने की खातिर, […]

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Love Shayari - Jab tanhai me

Hindi Poem on Deewana Tumhara Koi Aur Nahi

मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते, रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते, तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नहीं लगता, चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते, दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं, मचला भी तो सीने से लगा क्यों नहीं लेते, खत लिखकर कभी खत को जला क्यों नहीं […]

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