shayarisms4lovers June18 140 - उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

उसे बारिशों ने चुरा लिया  उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था कभी मुड़ के यह भी देखा के मेरा वजूद ज़मीन था वही एक सच था और उस के बाद तमाम तोहमतें झूट हैं मेरे दिल को पूरा यक़ीन है वो मुबात्तों का आमीन था उसे शौक़ था के किसी जज़ीरे पे उस के नाम का फूल हो मुझे प्यार करना सीखा गया मेरा दोस्त कितना ज़हीन था तुझे किस तरह खबर हुई के मेरी हयात संवर गई ज़रा अपने दिल से तो पूछ के यह गुमान था के यक़ीन था कभी साहिलों पे चलोगे तो तुम्हे सिप्पियां ही बताएँगी मेरी आँख में जो सिमट गया वही अश्क सब से हसीं था Usse Barrishon Ne Chura Liya Usse barrishon ne chura liya ke wo baadloo ka makeen tha kabhi mud ke yeh bhi dekha kw mera wajood zameen tha wahi ek sach tha aur us ke baad tamam tohmatein jhoot hein Mere dil ko pura yaqeen hai wo mubatton ka ameen tha Usay shouq tha ke kisi jazeeray pe us ke naam ka phool ho Mjhy pyar krna sikha gaya mera dost kitna zaheen tha Tujhe kis tarah khabar hui ke meri hayat sanwar gaye? […]

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बारिशों के मौसम में – शायरी

बारिशें नहीं रुकतीं बारिशों के मौसम में , तुम को याद करने की आदतें पुरानी हैं अब की बार सोचा है , आदतें बदल डालें फिर ख्याल आया के आदतें बदलने से  बारिशें नहीं रुकतीं.. Baarishain Nahin Ruktee Barishon ke mousam mein, Tum ko yaad karnay ki Aadatain purani hain Ab ki baar socha hai, Aadatain badal dalain Phir khayal aaya ke Aadatain badalnay say, Baarishain nahin ruktee.. बारिशों से दोस्ती ये बारिशों से दोस्ती अच्छी नहीं  “फ़राज़” कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख़याल करो BAARISHON SE DOSTI YEH  BAARISHON SE DOSTI ACHI NAHI FARAAZ KACHA TERA MAAKAN HAI KUCH TO KHAYAAL KER.. वो तेरे नसीब की बारिशें वो तेरे नसीब की बारिशें किसी और छत पे बरस गई दिल बेखबर मेरी बात सुन , उससे भूल जा , उससे भूल जा . Woh Tere Naseeb Ki Barishain Woh Tere Naseeb Ki Barishain Kissie Aur CHat pe Baras Gayein Dil Bekhabar Meri Baat Sun, Ussay Bhool Ja, Ussay Bhool Jaa…

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