shayarisms4lovers June18 140 - उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था

उसे बारिशों ने चुरा लिया  उसे बारिशों ने चुरा लिया के वो बादलों का मकीन था कभी मुड़ के यह भी देखा के मेरा वजूद ज़मीन था वही एक सच था और उस के बाद तमाम तोहमतें झूट हैं मेरे दिल को पूरा यक़ीन है वो मुबात्तों का आमीन था उसे शौक़ था के किसी […]

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बारिशों के मौसम में – शायरी

बारिशें नहीं रुकतीं बारिशों के मौसम में , तुम को याद करने की आदतें पुरानी हैं अब की बार सोचा है , आदतें बदल डालें फिर ख्याल आया के आदतें बदलने से  बारिशें नहीं रुकतीं.. Baarishain Nahin Ruktee Barishon ke mousam mein, Tum ko yaad karnay ki Aadatain purani hain Ab ki baar socha hai, Aadatain badal dalain Phir […]

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