shayarisms4lovers mar18 127 - हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

न जाने कौन न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया … Na jane kaun Na jane kaun sa aasaab dil mein basta hai Ke jo bhi thehra wo aakhir makaan chod gaya तुझी को पूछता रहा बिछड़ के मुझ से , हलक़ को अज़ीज़ […]

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हर एक से कहते हैं क्या “दाग़ ” बेवफा निकला – “दाग़” उर्दू शायरी

हर एक से कहते हैं क्या “दाग़ ” बेवफा निकला  तुम्हारे खत मैं नया एक सलाम किस का था न था रक़ीब तो आखिर वो नाम किस का था वो क़त्ल कर के हर किसी से पूछते हैं यह काम किस ने किया है ये काम किस का था वफ़ा करेंगे निभाएंगे बात मानेंगे तुम्हें […]

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