shayarisms4lovers June18 202 - Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

उसके जाने का रंज मेरी सदा हवा में बहुत दूर तक गयी पर मैं बुला रहा था जिसे , वो बेखबर रहा उसकी आखिरी नज़र में अजब दर्द था “मुनीर” उसके जाने का रंज मुझे उम्र भर रहा Uske Jaane Ka Ranj Meri Sada Hawa Mein Bohat Door Tak Gayi Par Main Bula Raha Tha […]

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shayarisms4lovers mar18 202 - ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

ग़ज़ल – वो मेरा हमसफ़र हुआ भी तो लम्हा भर

हम तो अकेले रहे हमेशा रहेगा यह आलम कहाँ यह महफ़िल कहाँ और यह हमदम कहाँ सदा चोट पर चोट खाता रहा मुक़द्दर में इस दिल के मरहम कहाँ कहाँ अब्र कोई कड़ी धुप में झुलसते बयाबां में शबनम कहाँ ना मस्त आँखें होंगी ना ज़ुल्फे रसा हमेशा रहेगा यह मौसम कहाँ अकेले थे हम […]

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shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

किस्मत मैं लिखदे मेरी किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे Kismat mein Likhde Meri kismat main meri chain se jeena likhde mita na sake koi wo afsana likhde jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina […]

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