shayarisms4lovers mar18 47 - उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां

उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां

प्यार , इनकार और इकरार इनकार वो करते है इकरार के लिए नफरत भी करते है तो प्यार के लिए उलटे ही चलते है यह इश्क़ के कारवां आँखों को बंद  करते है  दीदार के लिए Pyar , Inkaar Aur  Ikraar Inkaar woh karte hai ikraar ke liye, Nafrat bhi karte hai to pyar ke liye, Ulte hi chalte hai ye ishq karwan, Aankhon ko bandh karte hai deedar ke liye मोहब्बत आदत बन गई एक तमना थी जो अब हसरत बन गई कभी दोस्ती थी अब  मोहब्बत  बन गई कुछ इस तरह शामिल हुए तुम ज़िंदगी में के तुम को सोचते रहना मेरी आदत बन गई Mohabbat Aaddat Ban Gai Ek tamana thi jo ab hasrat ban gai, Kabhi dosti thi ab mohabat ban gai, Kuch is tarha shamil hue tum zindgi mein, Ke tum ko sochte rehna meri addat ban gai. बसा है आँखों में उसका चेहरा बसा है आँखों में उसका चेहरा इस कदर गुलाब से खुसबू  बसती  है जिस तरह जान बाकि हो और साँस न चले तेरी कमी महसूस होती है कुछ इस तरह Basa Hai Ankhon Mein Uska Chehra Basa Hai Ankhon mein Uska Chehra Is tarha Gulab Se Khusbu basti hai Jis tarha Jaan baqi ho aur sans na chale Teri […]

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shayarisms4lovers mar18 28 - गम-ऐ-मुहब्बत शायरी

गम-ऐ-मुहब्बत शायरी

दिल का आलम सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू दिल का आलम तो अभी आप ने देखा ही नहीं … Dil ka Alam Sirf chehray ki Udasi say bhar aye Ansoo Dil ka alam tu Abhi ap nay Dekha hi nahi… गम-ऐ-मुहब्बत वो जो बिछड़ा तो मैंने जाना लोग मर मर कर भी जिया करते हैं ..!! Gam-AE-mohabbat Who Jo Bichra Tu Main Ne Jana Log Mar Kar Bi Jiya Kartey Hai’n..!! आईना जो दिल के आईने में हो , वही है प्यार के क़ाबिल वरना दीवार के क़ाबिल तो हर तस्वीर होती है Aaiena Jo Dil Ke Aainey Mein Ho, Wohi Hai Pyaar Ke Qaabil Warna Dewaar Ke Qabil To Har Tasveer Hoti Hai वो तो खुश्बू है हवाओं में बिखर जाएगा वो तो खुश्बू है हवाओं में बिखर जाएगा मसला फूल का है फूल किधर जाएगा हम तो समझे थे के एक ज़ख्म है , भर जाएगा क्या खबर थी के रग -ऐ -जान में उतर जाएगा वो हवाओं की तरह खाना -बेजान फिरता है एक झौंका है जो आएगा गुज़र जाएगा वो जब आएगा तो फिर उस की रफ़ाक़त के लिए मौसम -ऐ -गुल मेरे आँगन में ठहर जाएगा आख़िर वो भी कहीं रेत पे […]

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shayarisms4lovers mar18 02 - मुहब्बत की जुबान

मुहब्बत की जुबान

मुहब्बत की जुबान यहां तक आये हो कुछ ज़ुबान से कह दो लफ्ज़ मुहब्बत नहीं कह सकते सलाम तो कह दो पलकें तो उठाओ अपनी इतनी भी हया कैसी ज़ुबान से नहीं कुछ कहते निगाह से ही कह दो दिल को यकीन आये कहदो आप हमारे हो अपने लिखे खतों का जवाब साथ लाए हो खत में तो तुम ने हर बात लिख दी आये हो तो मुस्कुरा कर इक़रार भी कर दो माना की तारीफ से बढ़ कर ग़ज़ल तुम हो जुम्बिश लबों को कह अपनी तक़दीर हमें कह दो Mohabbat ki Juban ahan tak aaye ho kuch zuban se keh do lafz muhabbat nahi keh saktay salam to keh do palkain to uthao apni etni bhi haya kaisi zuban se nahi kuch kehte nighah se hi keh do dil ko yaqeen aaye keh aap hamare ho apne likhe khaton ka jawab sath laye ho khat mein to tum ne har baat likh di aaye ho to muskura kar iqraar bhi kar do mana keh tareef se barh kar ghazal tum ho jumbish labon ko keh apni taqdeer hamain keh do

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shayarisms4lovers mar18 161 - तुम ने तो कह दिया के मोहब्बत नहीं मिली

तुम ने तो कह दिया के मोहब्बत नहीं मिली

तुम ने तो कह दिया के मोहब्बत नहीं मिली तुम ने तो कह दिया के मोहब्बत नहीं मिली मुझ को तो यह भी कहने की मोहलत नहीं मिली नींदों के देश जाते कोई खुवाब देखते लेकिन दिया जलाने से फुर्सत नहीं मिली तुझे खैर शहर के लोगों का खौफ था और मुझ को अपने घर से इजाज़त नहीं मिली फिर इख़्तिलाफ़ -ऐ -राऐ की सूरत निकल पड़ी अपनी यहां किसी से भी आदत नहीं मिली बेज़ार यूँ हुए के तेरे अहेद में हमें सब कुछ मिला सुकून की दौलत नहीं मिली Tumne To Keh Diya ke Mohabbat Nahi Mili Tum ne to keh diya ke mohabbat nahi mili mujh ko to yeh bi kehne ki mohlat nahi mili nendon ke desh jate koi khuwab dekhte laikin diya jalane se fursat nahi mili tujh ko to khair sehar ke logon ka khof tha aur mujh ko apne ghar se ijazat nahi mili phir ikthilaf-e-raee ki surat nikal padhi apni yehan kisi se bhi aadat nahi mili bezaar yoon hoae ke tere aheed main hamain sab kuch mila sukoon ki doolat nahi mili​

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shayarisms4lovers mar18 198 - मुहब्बत भी तिजारत हो गयी है इस ज़माने में – Sahir Ludhianvi

मुहब्बत भी तिजारत हो गयी है इस ज़माने में – Sahir Ludhianvi

कोई इलज़ाम यह हुस्न तेरा यह इश्क़ मेरा रंगीन तो है बदनाम सही मुझ पर तो कई इलज़ाम लगे तुझ पर भी कोई इलज़ाम सही Koi ilzaam yeh husn teraa yeh ishq mera rangeen to hai badnaam sahi mujh par to kai ilzaam lage tujh par bhi koi ilzaam sahi.. फ़िज़ायों के इशारे नज़रें भी वही और नज़ारे भी वही है खामोश फ़िज़ायों के इशारे भी वही है कहने को तो सब कुछ है मगर कुछ भी नहीं है Fizayoon Kay Ishaare Nazrein Bhi Wohi Aur Nazaare Bhi Wahi Hai Khamoosh Fizayoon Kay Ishaare Bhi Wahi Hai Kahne Ko To Sab Kuch Hai Magar Kuch Bhi Nahien Hai.. मुहब्बत भी तिजारत भरम् तेरी वफाओं का मिटा देते तो क्या होता तेरे चहरे से हम पर्दा उठा देते तो क्या होता मुहब्बत भी तिजारत हो गयी है इस ज़माने में अगर यह राज़ दुनिया को बता देते तो क्या होता तेरी उम्मीद पर जीने से हासिल कुछ नहीं लेकिन अगर यूं न दिल को आसरा देते तो क्या होता Mohabbat bhi Tijaarat bharam teri wafaon ka mita dete to kya hota tere chehare se hum parda utha dete to kya hota muhabbat bhi tijaarat ho gayi hai is zamaane mein agar […]

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shayarisms4lovers mar18 114 - मुहब्बत का एहसास – Romantic Shayari

मुहब्बत का एहसास – Romantic Shayari

प्यार का अंजाम कौन सोचता है , चाहने से पहले नियत कौन देखता है . मुहब्बत है एक अँधा एहसास , करते हैं सब पर मुकाम कौन जानता है हिंदी और उर्दू शायरी – मुहब्बत का एहसास की शायरी – प्यार का अंजाम कौन सोचता है Pyar ka anjam kaun sochta hai, Chahne se pahle niyat kaun dekhta hai. Mohabbat hai ek andha ehsas, Karte hain sab par mukam kaun janta hai Hindi and urdu shayari – Muhabbat ka Ehsas Shayari – Na koi ilzaam, Na koi tanz, Na koi ruswai Mir किस्मत से अपनी मुझको हमेशा शिकायत रहेगी , जो न मिल सका उससे मुहब्बत रहेगी , कितने ही क्यों न आ जाएं रहो में , फिर भी दिल को उसी से चाहत रहेगी हिंदी और उर्दू शायरी – मुहब्बत का एहसास की शायरी – किस्मत से अपनी मुझको हमेशा शिकायत रहेगी Kismat se apni mujko hamesha Shikayat rahegi, Jo na mil ska usse mohabbat rahegi, kitne hi kyun na aa jaye raho mein, Phir bhi dil ko usi se chahat rahegi Hindi and urdu shayari – Muhabbat ka Ehsas Shayari – Kismat se apni mujko hamesha Shikayat rahegi माना की तुम्हें मुझसे ज्यादा ग़म होगा , मगर रोने […]

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shayarisms4lovers mar18 141 - इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

इश्क़ की कीमत पूछ लो मुझ से – Passionate Shayari

तुम्हारा साथ जी चाहता है तुम से प्यारी सी बात हो हसीं चाँद तारे हो , लम्बी सी रात हो एहसास हो , बात हो और तुम्हारा साथ हो यही सिलसिला तमाम रात हो , तुम्हारा साथ हो तुम मेरी ज़िन्दगी हो , तुम मेरी कायनात हो . Tumhara Sath Jee Chahta Hai Tum Se Pyari Si Baat Ho Haseen Chand Tare Ho, Lambi Si Raat Ho Ehsaas ho, baat ho aur tumhara sath ho Yahi silsila tamam raat ho, tumhare sath ho Tum Meri Zindagi Ho, Tum Meri Kayinat Ho. तेरे क़दमों में तुम न जाओ कहीं बस एक नज़र देख लेने की इजाज़त दे दो कुछ वक़्त गुज़ार लू तेरे क़दमों में इक ज़िन्दगी जीने की इजाज़त दे दो Tere Kadmo Mein Tum na jao kahin.. Bas ek nazar dekh lene ki ijazat de do Kuchh waqt guzar lo tere Kadmo mein Ik zindagi jeene ki ijaazat de do ऐतबार किसी को प्यार इतना देना की हद न रहे पर ऐतबार भी इतना रखना की शक न रहे वफ़ा इतनी करना की बेवफाई न हो और दुआ बस इतनी करना की जुदाई न हो Aitbaar Kisi ko pyar itna dena ki had na rahe par aitbaar bhi itna […]

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18ffe00ac1b80278d933771f7350413a - पैगाम-ऐ-मोहब्बत शायरी

पैगाम-ऐ-मोहब्बत शायरी

यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी होंट खुले मगर कोई बात न हो सकी मेरी खामोश निगाहें हर बात कह गई और उनको शिकायत है के बात न हो सकी Yun Mile ke Mulakaat Na Ho Saki Yun mile ke Mulakaat na ho Saki Hont khulay Magar koi Baat Na Ho Saki Meri Khamosh Nigahen Har Baat keh gai Aur Unko Shikayat Hai ke Baat Na Ho Saki दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं  दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं झुकी निगाह को इक़रार कहते हैं सिर्फ पाने का नाम इश्क़ नहीं कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं Dil ki  Awaaz ko Izhaar Kehte Hain Dil ki aawaz ko izhaar kehte hain jhuki nigah ko iqrar kehte hain sirf paane ka naam ishq nahin kuch khone ko bhi pyar kehte hain   हम भी मोहब्बत करके गुनेहगार हो गए हम भी मोहब्बत करके गुनेहगार हो गए पहले फूल थे अब खाक हो गए जब से देखा है तुम्हारे हसीं चेहरे को हम भी तुम्हारी चाहत के तलबगार हो गए . Hum Bhi Mohabbat Karke Gunehgar Ho Gaye Hum bhi mohabbat karke gunehgar ho gaye pehle phool the abk khak ho gaye, jab […]

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