shayarisms4lovers mar18 60 - फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

फ़राज़ और मोहसिन नक़वी की खूबसूरत उर्दू शायरी

तन्हाई और महफ़िल – फ़राज़ तन्हाई में जो चूमता है मेरे नाम के हरूफ फ़राज़ महफ़िल में  वो शख्स मेरी तरफ देखता भी नहीं ​ Tanhai Aur Mehfil – Faraz Tanhai main jo chomta hai mere naam ke haroof  “Faraz” Mehfil mein wo shakhas meri taraf dekhta bhi nahi​ जिंदगी और मौत – फ़राज़ कोई […]

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फेसबुक चुनिंदा शायरी – अरज़ किया है

   मुझे ज़रा खुदा से हमकलाम होने दो …    तुम्हारा ज़िकर भी इसी गुफ्तगू में है मेरी शामें खुद को खुद से हमकलाम कर के देखना कितना मुश्किल है यह सफर तय कर के देखना किस क़दर उदास गुज़रती हैं मेरी शामें याद किसी को किसी शाम कर के देखना कफ़न अगर तुम्हारा होगा […]

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