एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान

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उम्मीद  उस   ख़ुशी  का  नाम  है  जिस  के  इंतज़ार  में  ग़म  के  अय्याम  कट  जाते  हैं 

रिश्ते आजकल

उंगलिया ही निभा रही है रिश्ते आजकल, जुबां से निभाने का वक़्त कहाँ है
सब टच में बिजी है पर टच में कोई नहीं है

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – उंगलिया ही निभा रही है रिश्ते आजकल

रिश्तों की सिलाई

रिश्तों की सिलाई अगर भावनाओ से हुई है तो टूटना मुश्किल है
और अगर स्वार्थ से हुई है तो टिकना मुश्किल है

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – रिश्तों की सिलाई

ज़िन्दगी का गणित

कुएं में उतरने वाली बाल्टी यदि झुकती है तो भर कर बाहर निकलती है
ज़िन्दगी का भी यही गणित है जो झुकता है वह प्राप्प्त करता है

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – ज़िन्दगी का भी यही गणित है

ज़िन्दगी का मकसक

बस दिलो को जीतना ही ज़िन्दगी का मकसक होना चाहिए,
वरना , दुनिया जीतकर भी सिकंदर खाली हाथ ही गया था

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – दिलो को जीतना ही ज़िन्दगी का मकसक होना चाहिए

वक़्त और हालात

जिस तरह मौसम बदलने का एक वक़्त होता है
इसी तरह वक़्त बदलने का भी एक मौसम होता है
हालात बदलते तो ही रहते हैं ,
हालात के साथ हालत भी बदल जाते है

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – हालात बदलते तो ही रहते हैं

ज़रूरत और इंसान

इंसान अंदर से बुरा नही होता
जरूरते इंसान को बुरा बनाती है
और ज़रूरत ही इंसान को नेक इंसान बनाती है
​ज़रूरत निकाल दो … इंसान ठीक

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – जरूरते इंसान को बुरा बनाती है

इंसान कब मरता है

वो शख्स मर गया जो किसी के दिल में न रहा ​
इंसान कब मरता है … जब दिल से उतरता है ​
ज़िंदा कब होता है … जब दिल में उतरता है ​

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – इंसान कब मरता है

रिश्ते निभाने की सलाहियत

माफ़ी मांगने का यह मतलब नही होता के
हम ग़लत और दूसरा सही है
बल्कि असल मतलब यह है के हम में
रिश्ते निभाने की सलाहियत दूसरो से ज्यादा है

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – रिश्ते निभाने की सलाहियत दूसरो से ज्यादा है

दुःख बिछड़ जाने का

जब कोई बिछड़ता है तो हर किसी को दुःख होता है ,
किसी को कम और किसी को ज़्यादा ,
किसी को …

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18ffe00ac1b80278d933771f7350413a - पैगाम-ऐ-मोहब्बत शायरी

पैगाम-ऐ-मोहब्बत शायरी

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यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी

यूँ मिले के मुलाकात न हो सकी
होंट खुले मगर कोई बात न हो सकी
मेरी खामोश निगाहें हर बात कह गई
और उनको शिकायत है के बात न हो सकी

Yun Mile ke Mulakaat Na Ho Saki

Yun mile ke Mulakaat na ho Saki
Hont khulay Magar koi Baat Na Ho Saki
Meri Khamosh Nigahen Har Baat keh gai
Aur Unko Shikayat Hai ke Baat Na Ho Saki


दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं 

दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं
झुकी निगाह को इक़रार कहते हैं
सिर्फ पाने का नाम इश्क़ नहीं
कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं

Dil ki  Awaaz ko Izhaar Kehte Hain

Dil ki aawaz ko izhaar kehte hain
jhuki nigah ko iqrar kehte hain
sirf paane ka naam ishq nahin
kuch khone ko bhi pyar kehte hain

 


हम भी मोहब्बत करके गुनेहगार हो गए 

हम भी मोहब्बत करके गुनेहगार हो गए
पहले फूल थे अब खाक हो गए
जब से देखा है तुम्हारे हसीं चेहरे को
हम भी तुम्हारी चाहत के तलबगार हो गए .

Hum Bhi Mohabbat Karke Gunehgar Ho Gaye

Hum bhi mohabbat karke gunehgar ho gaye
pehle phool the abk khak ho gaye,
jab se dekha hai tumhare hasin chehre ko,
hum bhi tumhari chahat k talabgar ho gaye.

 


उसने कहा चाँद खूबसूरत है या मै

उसने कहा चाँद खूबसूरत है या मै
मैंने कहा यह मै नहीं जनता
हाँ मगर जब तुम्हे देखता हूँ
तो चाँद को भूल जाता हूँ
और जब चाँद देखता हूँ तुम याद आते हो

 

Usne Kaha Chand Khubsurt Hai Ya Main

Usne Kaha Chand Khubsurt Hai Ya Main
Maine Kaha Ye Mai Nahi Janta
Han Magar Jab Tumhe Dekhta Hon
To Chand Bhol Jata Hon
Aur Jab Chand Dekhta Hon Tum Yad Ate Ho


खुद को इस दिल में बसाने की इजाज़त दे दो

खुद को इस दिल में बसाने की इजाज़त दे दो ,
मुझ को तुम अपना बनाने की इजाज़त दे दो ,
तुम मेरी ज़िन्दगी का एक हसीं लम्हा हो ,
फूलो से खुद को सजाने के इजाज़त दे दो ,
मैं कितना चाहता हूँ किस तरह बताऊ तुम्हे ,
मुझे ये आज बताने की इजाज़त दे दो ,
तुम्हारी झील सी आँखों और चाँद सा चेहरा
मुझे ये शाम सजाने की इजाज़त दे दो ,
मुझे क़ैद कर लो अपनी मोहबत मैं
या मुझे मोहबत करने की इजाज़त दे …

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