shayarisms4lovers June18 92 - रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है – मुलाकात शायरी

रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है – मुलाकात शायरी

मुलाकात का इंतज़ार हर एक मुलाकात को याद हम करते है कभी मोहब्बत कभी जुदाई की आह भरते है यूँ तो रोज तुमसे सपनो में मुलाकात करते है मगर फिर भी अगली मुलाकात का इंतज़ार करते है . Mulakat Ka Intzar Har ek mulakat ko yaad hum karte hai Kabhi mohabbat kabhi judai ki aah […]

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shayarisms4lovers mar18 163 - हमारे दिल ने अगर हौसले किये होते – Noshi Gilani ki Shayari

हमारे दिल ने अगर हौसले किये होते – Noshi Gilani ki Shayari

मेरी सांसें यह नामुमकिन नहीं रहेगा , मुक़ाम मुमकिन नहीं रहेगा ग़रूर लहजे में आ गया तो कलाम मुमकिन नहीं रहेगा तुम अपनी साँसों से मेरी सांसें अलग तो करने लगे हो लेकिन जो काम आसान समझ रहे हो वो काम मुमकिन नहीं रहेगा Meri Saansain Yeh Nammumkin Nahi rahega, Muqaam Mumkin Nahi rahega Gharoor […]

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shayarisms4lovers June18 116 - हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़”

प्यार की गहराइयाँ हमे तो प्यार की गहराइयाँ मालूम करनी थी “फ़राज़” यहाँ नहीं डूबता तो कहीं और डूबे होते Pyar ki Gehraiya hume to pyar ki gehraiya maaloom karni thi “FARAZ” yahan nhi dubte to kahin aur dube hote मेरी ख़ामोशी वो अब हर एक बात का मतलब पूछता है मुझसे “फ़राज़” कभी जो […]

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shayarisms4lovers June18 148 - तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

हाथों की हिना चंद मासूम से पतों का लहू है ‘फाखिर’ जिस को महबूब के हाथों की हिना कहते हैं Haathon Ki Hina Chand Maasoom Se Patton Ka Lahoo Hai ‘Faakhir’ Jis Ko Mahaboob Ke Haathon Ki Hina Kahte Hain… मोहताज-ऐ-हिना खून है दिल ख़ाक में अहवाल-ऐ-बुतान पर यानी उन के नाखून हुए मोहताज -ऐ […]

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shayarisms4lovers June18 152 - छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

छोड़कर तेरी चाहत पराई लगे दुनिया सारी – तेरे इश्क़ में

बला है इश्क़ कहर है , मौत है , सजा है इश्क़ सच तो यह है बुरी बला है इश्क़ करते सब है पर सब से हारा है इश्क़ Blaa Hai IshQ Kehar Hai, Mout Hai, Saja Hai IshQ Sach To Yeh Hai Buri Blaa Hai IshQ karte sab hai par sab se hara hai […]

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shayarisms4lovers June18 228 - खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे […]

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shayarisms4lovers mar18 31 - दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल तो जले मगर ‘राख ‘ न हो – महफ़िल शायरी

दिल मौजूद न था उन को देखा तो कुछ खोने का एहसास हमे हुआ हाथ सीने पे जो गया तो दिल मौजूद न था Dil Maujood Na Tha Un Ko Dekha To kush khone ka Ehsaas hume Hua Hath Seene Pe jo gaya to Dil Maujood Na Tha बस दुआ है और कुछ नहीं चाहती […]

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shayarisms4lovers mar18 198 - एक दिल ही था वो भी उस के पास था

एक दिल ही था वो भी उस के पास था

साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत नहीं रहती SAQI Teri Sharab Kuch Bhi Nahi Us Ki Ankhon Ke Samne “SaQi” Wo Jo Dekh Le Ek Nazar To Peene ki Hasrat Nahi Rehti… मदहोशी नज़रों से क्यों इतना पिला […]

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shayarisms4lovers mar18 94 - ग़म इसका नहीं की आप मिल न सकोगे – याद शायरी

ग़म इसका नहीं की आप मिल न सकोगे – याद शायरी

तन्हाई में आंसू करोगे याद एक दिन साथ बिताए ज़माने को चले जाएंगे जिस दिन हम कभी वापिस न आने को करेगा महफ़िल में ज़िकर हमारा कोई तो चले जाओगे तन्हाई में आंसू वहाने को . Tanhai Mein Aansu Karoge Yaad Ek Din Saath Beete Zamane Ko Chale Jaayenge Jis Din Hum Kabhi Wapas Na […]

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shayarisms4lovers mar18 27 1 - यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यूं ही दिल के तड़पने का कुछ तो है सबब आखिर या दर्द ने करवट ली है या तुमने इधर देखा माथे पे पसीना क्यों आँखों में नमी सी क्यों कुछ खैर तो है , तुमने जो हाल -ऐ -जिगर देखा                             […]

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shayarisms4lovers may18 81 - यह दुनिया है बस मतलब दी

यह दुनिया है बस मतलब दी

एक मिलन दी आस इक दुआ की आस विच सारी रात जागे पर कोई तारा अम्बरो टूटिया न चुरा के नज़र लंग गए कोलो दी उन्हे हाल भी मेरा पुछ्या न एक मिलन दी आस रही दिल विच आस आस च जीवन मुक्या न Ik milan di aas Ek dua di aas wich sari raat […]

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shayarisms4lovers June18 199 - हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हिजर हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं ज़िंदा लगते हैं मगर असल में मर जाते हैं जब कभी बोलता है हँस के किसी और से तू कितने खंज़र मेरे सीने में उतर जाते हैं Hijar Hum Tere Hijar Mein Andar Se Bikhar Jaate Hain Zindah Lagte Hain Magar Asal Mein Mar Jaate […]

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shayarisms4lovers mar18 01 - हीर शायरी – वारिस शाह

हीर शायरी – वारिस शाह

लिखी रांझे नाम ये हीर हुंदी की मुक जाना सी वारिस शाह दा, लिखी रांझे नाम ये हीर हुंदी . वख रूह नालो रूह न हो सकदी , न दिल चो वख तस्वीर हुंदी . नशा अख दा इक वारी चढ़ जावे , पूरी इश्क़ दी फिर तासीर हुंदी . झूठा रब्ब नू तुस्सी केहन […]

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shayarisms4lovers mar18 101 - ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

ऑंखें तो प्यार में दिल की ज़ुबान होती है – इश्क़ बेवफा

बड़े शौक़ से मर जाएँगे आओ किसी रोज़ मुझे टूट के बिखरता देखो मेरी रगो में ज़हर जुदाई का उतरता देखो किस किस तरह से तुझे माँगा है खुद से हमने आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो तेरी तलाश में हम ने खुद को खो दिया है मत आओ सामने मगर कहीं छुप के […]

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shayarisms4lovers mar18 190 - शायरी – एक मुसाफिर अजनबी

शायरी – एक मुसाफिर अजनबी

मुसाफिर के रास्ते बदलते रहे मुसाफिर के रास्ते बदलते रहे , मुक़द्दर में चलना था चलते रहे मेरे रास्तों में उजाला रहा , दीये उसकी आँखों में जलते रहे कोई फूल सा हाथ कंधे पे था , मेरे पाओं शोलों पे चलते रहे सुना है उन्हें भी हवा लग गयी , हवाओं के जो रुख […]

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