संत कबीर अनमोल वाणी – कबीर के दोहे

संत कबीर वाणी कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सब की खैर न कहु से दोस्ती न कहु से बैर —- बुरा जो देखन में चला , बुरा न मिलया कोई , जो मन खोजा अपना तो मुझ से बुरा न कोई —- चलती चक्की देख के दिया कबीरा रोए दुई पाटन के बीच में साबुत […]

Continue Reading

एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान

उम्मीद  उस   ख़ुशी  का  नाम  है  जिस  के  इंतज़ार  में  ग़म  के  अय्याम  कट  जाते  हैं  रिश्ते आजकल उंगलिया ही निभा रही है रिश्ते आजकल, जुबां से निभाने का वक़्त कहाँ है सब टच में बिजी है पर टच में कोई नहीं है एक उम्मीद ज़िन्दगी की – पारिवारिक ज्ञान – उंगलिया ही निभा […]

Continue Reading