shayarisms4lovers June18 199 - Urdu Mehfil Shayari – Parveen Shakir,Ibrahim Zauq,Jigar Moradabadi & Muneer Niyazi

Urdu Mehfil Shayari – Parveen Shakir,Ibrahim Zauq,Jigar Moradabadi & Muneer Niyazi

ख्याल जिसका था मुझे ख्याल में मिला मुझे सवाल का जवाब भी सवाल में मिला मुझे BY Poetry – MUNEER NIYAZI हम तो समझे थे की एक ज़ख़्म है भर जायेगा क्या खबर थी की रग-ऐ -जान में उतर जायेगा BY Poetry – Parveen Shakir पास जब तक वो रहे दर्द थम जाता है फ़ैल […]

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shayarisms4lovers June18 199 - बशीर बद्र – उर्दू शायरी & ग़ज़ल

बशीर बद्र – उर्दू शायरी & ग़ज़ल

हमा वक़्त रंज-ओ-मलाल क्या , जो गुज़र गया सो गुज़र गया उसे याद कर के न दिल दुखा , जो गुज़र गया सो गुज़र गया ।                   न गिला किया न खफा हुए , यूं ही रास्ते में जुदा हुए               […]

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shayarisms4lovers mar18 127 - हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

न जाने कौन न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया … Na jane kaun Na jane kaun sa aasaab dil mein basta hai Ke jo bhi thehra wo aakhir makaan chod gaya तुझी को पूछता रहा बिछड़ के मुझ से , हलक़ को अज़ीज़ […]

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shayarisms4lovers June18 148 - हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

हर धड़कन में एक राज़ होता है – धड़कन उर्दू शायरी

बहुत देर कर दी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने में वो दिल नीलाम हो गया जिस को कभी हसरत तुम्हारे दीदार की थी हर धड़कन में एक राज़ होता है हर धड़कन में एक राज़ होता है हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है जब तक ठोकर न लगे इश्क़ में हर किसी को […]

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shayarisms4lovers mar18 205 - शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

मेरी वेहशत इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही कटा कीजिए न तालुक हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही Meri Wehshat Ishq mujhko nahin wehshat hi sahi Meri wehshat teri shohrat hi sahi kta kijiay na taaluq hum se kuch nahin hai to adaawat he sahi… शब-ऐ-इंतज़ार […]

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shayarisms4lovers June18 202 - Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

Best Ever Shayari Colletion of Munir Niazi – मुनीर नियाज़ी शायरी मजमूआ

उसके जाने का रंज मेरी सदा हवा में बहुत दूर तक गयी पर मैं बुला रहा था जिसे , वो बेखबर रहा उसकी आखिरी नज़र में अजब दर्द था “मुनीर” उसके जाने का रंज मुझे उम्र भर रहा Uske Jaane Ka Ranj Meri Sada Hawa Mein Bohat Door Tak Gayi Par Main Bula Raha Tha […]

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shayarisms4lovers June18 269 - ज़ख्म-ऐ जिगर

ज़ख्म-ऐ जिगर

सज़ा डूबी हैं मेरी उंगलियां खुद अपने ही लहू में , यह कांच के टुकड़ों को उठने की सज़ा है .. Sazaa Doobi hain meri ungliyaan khud apne hi lahuu main, Yeh kaanch ke tukrron ko uthaney ki sazaa hai.. गुज़रे हुए वक़्त की यादें सजा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की यादें , […]

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shayarisms4lovers June18 264 - तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

मेरे मर जाने की वो सुन के खबर आई  “मोहसिन” घर से रोते हुए वो बिन ज़ुल्फ़ सँवारे निकले ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे ऐसा लगता है तेरी ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे होके गुलशन से सबा आज चली हो जैसे अध खुले होंठ सियाह ज़ुल्फ़ और गज़ली ऑंखें किसी शायर ने कोई ग़ज़ल तर्ज़ की हो […]

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shayarisms4lovers June18 228 - खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे […]

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shayarisms4lovers mar18 52 - तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

अक्स -ऐ -खुशबू हूँ अक्स -ऐ -खुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई और बिखर जाऊं तो मुझे न समेटे कोई काँप उठती हूँ मैं इस तन्हाई में मेरे चेहरे पे तेरा नाम न पढ़ ले कोई जिस तरह ख्वाब मेरे हो गए रेज़ा-रेज़ा इस तरह से न कभी टूट के बिखरे कोई मैं तो […]

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shayarisms4lovers mar18 27 1 - यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यह इश्क़ नहीं आसां – Jigar Moradabadi – Urdu Shayar

यूं ही दिल के तड़पने का कुछ तो है सबब आखिर या दर्द ने करवट ली है या तुमने इधर देखा माथे पे पसीना क्यों आँखों में नमी सी क्यों कुछ खैर तो है , तुमने जो हाल -ऐ -जिगर देखा                             […]

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shayarisms4lovers mar18 192 - तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

तक़दीर का अफसाना – किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है

किस्मत मैं लिखदे मेरी किस्मत मैं मेरी चैन से जीना लिखदे मिटा न सके कोई वो अफसाना लिखदे जन्नत भी न-गवार है मुझे तेरे बिन ऐ कातिब-ऐ-तक़दीर ख़ाक-ऐ-मदीना लिखदे Kismat mein Likhde Meri kismat main meri chain se jeena likhde mita na sake koi wo afsana likhde jannat bhi na-gawar hai mujhe tere bin Ae kaatib-ae-taqdeer KHaak-e-madiina […]

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shayarisms4lovers mar18 184 - ज़ख़्म-ऐ -जिगर तुमको दिखाएगें किसी रोज़ – परवीन शाकिर उर्दू शायरी

ज़ख़्म-ऐ -जिगर तुमको दिखाएगें किसी रोज़ – परवीन शाकिर उर्दू शायरी

इश्क़ में सच्चा चाँद पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद Ishq mein Sachcha chaand Pura dukh aur Aadha Chaand Hijr ki […]

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shayarisms4lovers mar18 140 - ज़िन्दगी की किताब उर्दू शायरी – मुनीर नियाज़ी

ज़िन्दगी की किताब उर्दू शायरी – मुनीर नियाज़ी

ज़िन्दगी की किताब यह जो ज़िन्दगी की किताब है यह किताब भी क्या किताब है कहीं एक हसीं सा ख्वाब है कहीं जान लेवा अज़ाब है मुनीर नियाज़ी – ज़िन्दगी की किताब उर्दू शायरी – यह जो ज़िन्दगी की किताब है Zindgi ki Kitab Yeh jo Zindgi ki kitab hai Yeh kitab bhi kya kitab […]

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shayarisms4lovers mar18 199 - बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

बेखुदी बेसबब नहीं ‘ग़ालिब’ – Best Collection of “Ghalib”

खुदा के वास्ते खुदा के वास्ते पर्दा न रुख्सार से उठा ज़ालिम कहीं ऐसा न हो जहाँ भी वही काफिर सनम निकले मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उर्दू शायरी – जहाँ भी वही काफिर सनम निकले Khuda ke Waaste Khuda ke waaste parda na kaabe se uthaa zaalim Kaheen aisa na ho yahan bhi wahi kaafir […]

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