Love Shayari - Teri Awaaz Sunne Ko

सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए – Wasi Shah Shayari

मेरी वफ़ा शरीक-ऐ-गम हुआ जो मेरे चोट खाने के बाद खो दिया मैंने उस को पाने के बाद मुझे नाज़ रहा फ़क़त उस अमल पर सदा उसने मुझे अपना माना आज़माने के बाद सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए शायद पछता रहा है मुझे ठुकराने के बाद Meri Wafa Shareek-ae-Gham hua jo mere chot khane ke baad Kho diya maine us ko pane ke baad Muje naaz raha faqat us amal par sada Usne muje apna mana azmane ke baad Suna hai tadap raha hai wo meri wafa ke liye Shayad pachta raha hai mujhe thukhrane ke baad इलज़ाम बेवफाई का आज यूं ही सर-ऐ-राह उस से नज़र जा मिली “वासी” वो रो दिया मुझसे नज़र मिलाने के बाद किस किस को दूँ मैं इलज़ाम बेवफाई का हर कोई छोड़ गया मुझको अपनाने के बाद . ilzaam BEWAFAI ka Aj youn he Sar-ae-Raah us se nazar ja mili “WASI” Wo ro Diya mujhse nazar milane ke baad Kis kis ko doon ilzaam BEWAFAI ka Har koi chor gaya mujko apnane ke baad. बिखर जाने दो मैं यूँ मिलू तुझसे के तेरा लिबास बन जाऊं तुझे बना के समंदर और खुद प्यास बन जाऊं अपने पहलूँ में […]

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