Bachon ki kahaniyan कहानियाँ, आखिर हम क्यों हैं सफलता से दूर

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Bachon ki kahaniyan

एक बार मधुवन वन में एक कौआ खाने की तलाश में आकाश में उड़ रहा था । उन दिनों वो कौआ अपने जीवन से बहुत संतुष्ट था उसे लगता था कि वह बहुत खुश और जंगल का सबसे अच्छा प्राणी है। दूर उड़ते हुए उसकी नज़र अचानक एक हंस पर पड़ी , हंस को देखते ही कौआ को बड़ा आश्चर्य हुआ कि मैं खुद को सुंदर समझता था लेकिन ये हंस तो मुझसे कई गुना ज्यादा सुन्दर है।

कौए ने कुछ सोचकर ये बात हंस को बताई, तो हंस को हंसी आ गयी , हंस बोला – मित्र मैं भी पहले यही सोचता था कि मैं सबसे सुन्दर हूँ पर जबसे मैं तोते को देखा है तो लगता है वही सबसे सुन्दर है क्यूंकि मेरे पास तो बस एक सफ़ेद रंग है तोते के पास तो दो रंग हैं।

फिर क्या था, कौआ तेजी से उड़ता हुआ तोते के पास गया और बोला -मित्र तुम तो बहुत सुन्दर हो। तोता कौए की बात सुनकर बड़ा दुखी हुआ बोला – मित्र मैं भी यही सोचता था ,लेकिन जब से मैंने मोर को देखा है मुझे अपनी सुंदरता फीकी नजर आती है क्यूंकि मोर से पास बहुत सारे रंग हैं और वो बहुत सुन्दर दिखाई देता है मेरी नजर में वही सबसे सुन्दर है । फिर कौआ दूर उड़ता हुआ एक चिड़ियाघर में मोर से मिलने गया।

कौए ने मोर की सुंदरता की बहुत प्रशंशा कि लेकिन उसकी बात सुनकर मोर गंभीर होते हुए बोला -मित्र क्या फायदा ऐसी सुंदरता का देखो मैं तो पिंजरे में बंद हूँ मैं तुम्हारी तरह स्वछन्द आकाश में उड़ भी नहीं सकता और मैंने तो सुना है कि पूरे जंगल में केवल कौआ ही ऐसा प्राणी है जिसे कोई पिंजरे में कैद नहीं रखता तो इस तरह से तो मेरे से अच्छी जिंदगी तुम्हारी है । कौए को सारी बात समझ में आ गयी थी ।

मित्रों, उम्मीद है कि आपको भी कहानी की शिक्षा समझ आ गयी होगी। हम लोग अपने काम और अपने लक्ष्य पर ध्यान ना देकर बिना वजह ही दूसरों से अपनी तुलना करने लगते हैं।

हम सोचते हैं कि अमुक के पास तो इतना पैसा(Rich) है मेरे पास तो कम है, हम सोचते हैं कि अमुक व्यक्ति तो बड़ी कंपनी में नौकरी(Job) करता है मैं नहीं करता, हम सोचते हैं कि अमुक को बहुत सुन्दर हैं मैं क्यों नहीं, हम सोचते हैं अमुक बहुत बुद्धिमान है मैं क्यों …

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shayarisms4lovers June18 17 - कैसे दूर करें Nervousness(नर्वस), How to Overcome Nervousness in Hindi

कैसे दूर करें Nervousness(नर्वस), How to Overcome Nervousness in Hindi

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जब भी हम कुछ नया काम करने जाते हैं तो हमेशा हमारे अंदर थोड़ी nervousness (घबराहट) आती ही है जो कि एक नेचुरल चीज़ है , जैसे जब कोई स्टूडेंट अपना पहला इंटरव्यू देने जाता है, जब कोई टीचर पहली बार छात्रों को पढ़ाता है, जब कोई employee किसी सेमिनार में प्रेजेंटेशन देने जा रहा हो, जब कोई लड़का किसी लड़की से पहली बार मिलने जा रहा हो, nervousness आती ही है। लेकिन कई बार देखा जाता है कि लोग कभी कभी इतने ज्यादा नर्वस हो जाते हैं कि वो कोई सही decision नहीं ले पाते, अपने अंदर का टेलेंट बाहर नहीं ला पाते, वो डरते हैं , नर्वस रहते हैं कि लोग क्या सोचेंगे ।

काफी लोग ऐसे हैं जिन्हें परीक्षाओं(exams) से डर लगता है, बहुत सारे स्टूडेंट इंटरव्यू के नाम से ही नर्वस हो जाते हैं , तो आज हम नीचे कुछ सलाह आपके साथ शेयर कर रहे हैं और उम्मीद है कि ये बातें आपको nervousness(नर्वस) दूर करने में कामयाब होंगी –

अपने उद्देश्य पर पूरा focus करें – हममें से काफी सारे लोग ऐसे हैं जो अपने काम पे कम ध्यान देते हैं जबकि इस बात पर ज्यादा ध्यान देते हैं कि दूसरे लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे ? अगर मैं फेल हो गया तो लोग क्या सोचेंगे ? मैं बिजनिस में फेल हो गया तो लोग क्या सोचेंगे ? और यही सोच हमें नर्वस करती है । तो सबसे पहले अपने उद्धेश्य पर focus करें ये भूल जाएँ कि लोग क्या सोचेंगे।

खुद को समझाएँ – कई बार जब आप बहुत ज्यादा नर्वस हों तो कुछ समय के लिए सब कुछ भूल जाइये और खुद से पूछिये कि अगर कोई इंसान आपके जैसी परिस्थिति में फँसा होता तो आप उसको क्या सलाह देते फिर देखिये आप स्वयं ही खुद की nervousness दूर कर लेंगे।

खुद को व्यस्त रखें – जब भी आप नर्वस हों तो खुद हो दूसरे कामों में व्यस्त रखिये जो आपको अच्छे लगते हों जैसे क्रिकेट मैच के बारे में सोचिये या किसी फिल्म का गाना गुनगुनाइए क्यूंकि लगातार ऐसा करने से काफी हद तक आपकी nervous दूर होगी ।

सोचिये ज्यादा से ज्यादा क्या बुरा होगा – अगर आप कहीं इंटरव्यू देने जा रहे हैं या कुछ और तो सोचिये ज्यादा से ज्यादा क्या बुरा होगा , आपको नौकरी नहीं मिलेगी बस यही ना और इससे ज्यादा कुछ नहीं। आप बिजनेस में फेल हो जायेंगे बस यही होगा ना लेकिन …

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बच्चों के लिए मोरल स्टोरी – आपसी मेलजोल से मिलती हैं खुशियाँ

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बच्चों के लिए मोरल स्टोरी

एक बार एक अध्यापक कक्षा में पढ़ा रहे थे अचानक ही उन्होंने बच्चों की एक छोटी सी परीक्षा लेने की सोची । अध्यापक ने सब बच्चों से कहा कि सब लोग अपने अपने नाम की एक पर्ची बनायें । सभी बच्चों ने तेजी से अपने अपने नाम की पर्चियाँ बना लीं और टीचर ने वो सारी पर्चियाँ लेकर एक बड़े से डब्बे में डाल दीं ।

बच्चों के लिए मोरल कहानी

अब सब बच्चों से कहा कि वो अपने अपने नाम की पर्चियां ढूंढे ।

फिर क्या था , सारे बच्चे डब्बे पे झपट पड़े और अपनी अपनी पर्चियां ढूंढने लगे और तेजी से ढूंढने के चक्कर में कुछ पर्चियां फट भी गयीं पर किसी को भी इतनी सारी पर्चियों में अपने नाम की पर्ची नहीं मिल पा रही थी ।

टीचर ने कहा – क्या हुआ किसी को अपने नाम की पर्ची मिली , सारे बच्चे मुँह लटकाये खड़े थे । टीचर हल्का सा मुस्कुराये और बोले – कोई बात नहीं , एक काम करो सारे लोग कोई भी एक पर्ची उठा लो और वो जिसके नाम की हो उसे दे दो ।

बस फिर क्या था , सारे बच्चों ने एक एक पर्ची उठा ली और जिसके नाम की थी आपस में एक दूसरे को दे दी , 2 मिनट के अंदर सारे बच्चों के पास अपने अपने नाम की सही सही पर्चियां थीं ।

अध्यापक ने बच्चो को समझाया – कुछ देर पहले जब तुम लोग अपनी अपनी पर्चियां ढूंढ रहे थे तो काफी समय बाद भी सही पर्ची नहीं पकड़ पाये और अगले ही पल जैसे ही मिलकर पर्चियां ढूढ़ी 2 मिनट के अंदर ही मिल गयी|

इसी तरह हम लोग जीवन की भाग दौड़ में अकेले ही खुद के लिए भागते रहते हैं लेकिन कभी खुशियां नहीं ढूढ पाते अगर हम मिलकर एक दूसरे का काम करें एक दूसरे के दुःख और सुख बाटें तो खुश रहना बहुत आसान हो जायेगा ।

किसी महापुरुष ने कहा है कि अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो कोशिश करें की दूसरे लोग आपसे खुश रहें ।…

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