shayarisms4lovers mar18 127 - हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

हिंदी और उर्दू शायरी – दो लाइन शायरी – Daag , Perveen , Naqvi Shayari

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न जाने कौन

न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया …

Na jane kaun

Na jane kaun sa aasaab dil mein basta hai
Ke jo bhi thehra wo aakhir makaan chod gaya


तुझी को पूछता रहा

बिछड़ के मुझ से , हलक़ को अज़ीज़ हो गया है तू ,
मुझे तो जो कोई भी मिला , तुझी को पूछता रहा

Tujhi ko puchta raha

Bichar ke mujh se, halaq ko aziz ho geya hai tu
Mujhe to jo koi mila, tujhi ko puchta raha


मेरे हम-सकूँ 

मेरे हम-सकूँ  का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ ..
मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया …

Mere hum-sukhan

Mere hum-sukhan ka yeh hukm tha ke kalaam us se main kam karoon..
mere hont aise sile ke phir usey meri chup ne rula diya ….


यह शब-ऐ-हिजर

यह शब-ऐ-हिजर तो साथी है मेरी बरसों से
जाओ सो जाओ सितारों के मैं ज़िंदा हूँ अभी

Shab-ae-hizar

Yeh Shab-ae-hizar To Sathi Hai Meri Barsoon Se
Jao So Jao Sitaro Ke Main Zinda Hoon Abhi


न आना तेरा

ले चला जान मेरी रूठ के जाना तेरा
ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा

Na aanaa Tera

Le chalaa jaan meri ruth ke jaana tera
aise aane se to behtar tha na aanaa tera…

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shayarisms4lovers mar18 195 - Punjabi Shayari – पंजाबी शायरी

Punjabi Shayari – पंजाबी शायरी

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रब दी सो में तेनु प्यार नी कीता

आधी रात नु दिल दी देहलीज उते
इक सूपना आन खलो जाँदा
आ बेहन्दे हो सिरहाने तुसी
सोना मुस्किल हो जाँदा है
प्यार तेरे दा दर्द वे सजना
मेरी नाड़ी नाड़ी टओ जाँदा
रब दी सो में तेनु प्यार नी कीता
ऐ ता अपने आप ही हो जाँदा…


मौत ता बुरी चीज़ है यारो

मौत ता बुरी चीज़ है यारो
पर मौत तो बुरी जुदाई
सब तो बुरी उडीक साजन दी
जो रख दी खून सुखाई……

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shayarisms4lovers mar18 15 - Romantic Punjabi Love Shayari

Romantic Punjabi Love Shayari

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शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा

ऐ जींद नी इतनी सस्ती सजना
हर कोई नी इदा हक़दार हुँदा
कोई वैद हाकिम नी इलाज़ करदा
जो भी इश्क़ बीमार हुँदा
जो रूह दे बीच बस गिया
ओ नी दिल दे बीचो बिछड हुँदा
होर ता सानु पता नी यारा
पर शर्ता ला के नी कदे प्यार हुँदा


आसी आ पंछी तेरे बागा दे

आसी आ पंछी तेरे बागा दे
किसी होर बाग़ नी बेह सकदे
तेरे हँसियां तो जींद बार देयीऐ
पर बिछोड़ा तेरा नी सेह सकदे
दुनिया सानू चाहे लख छड़ दे
आसी बस तेरे बाजो नई रह सकदे
साढी ख़ामोशी समझ सकें ता समझ लेई वे सजना
हर एक गल जुबानों नी कह सकदे…

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shayarisms4lovers June18 291 - पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

पंजाबी शायरी – लेंखा विच बिछोड़े रह गए – Punjabi Shayari

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लेंखा विच बिछोड़े

लेंखा विच बिछोड़े रह गए
अथरु रो रो थोड़े रह गए

इक न मनी उन्हें मेरी
हाथ भी मेरे जोड़े रह गए

जांदी वारी छड़ गया मैनू
पिज्हे वाल निचोड़े रह गए

फेर ओ कदे मुड़ नहीं आया
मोतिये दे फूल तोड़े रह गए

हुन्ह ते आ के मिल वे सजना
ज़िंदगी दे दिन थोड़े रह गए

 

Lekhan Vich Bichorey

Lekhan vich vichorey reh gaye
athro ro ro thorey reh gaye

Ik na manni unhee meri
Hath bhi meree jode reh gaye

Jandi vari chad gaya meenu
pijhey baal nechode reh gaye

pher o kade mud nahi aya
motiyee de phool thode reh gaye

hun ta aa ke mil weh sajna
Zindgi de din thode reh gaye…


चंगी गल नहीं

वेख -वेख हँसना , पर कुछ भी न कहना , चंगी गल नहीं
जानभूज़ के अनजान बने रहना , चंगी गल नहीं
प्यार करना , पर इजहार न करना , चंगी गल नहीं
किस्से दा प्यार तो विश्वास ही उठा देना , सच्ची ….चंगी गल नहीं

Changi Gal Nai

Vekh-vekh hasna, par kuch v na kehna, Changi gal nai
jab bujj ke anjan bane rehna, Changi gal nai
pyar karna, par ijhhar na karna, changi gal nai,
kisse da, pyar to vishwass hi utha dena, sachi……changi gal nai…


इक दिन मेरे अथरू

इक दिन मेरे अथरू मेरे तो पूछ बैठे
सानू रोज रोज क्यों रुलांदे हो , मैं बोलिया
मैं याद ता ओहनू करदा हाँ
तुसी अप्पे क्यों चले आंदे हो

Ikk Din Mere Athroo

Ikk Din Mere Athroo Mathon Puchh Baithe,
Saanu Roj Roj Kayon Bulaande Ho, Main boliyaa
Main Yaad Taan Ohnu Karda Haan,
Tussi aape Kyon Chale Aande Ho…


जिंद नू मुकाण लग पे

तेरी याद विच अथरु वहाँ लग पे
तेरी सोच विच निंद्रा गवाओं लग पे
यार तेरे जेहा लबना नहीं सानू होर कोई
इना सोचां विच जिंद नू मुकाण लग पे

Jind Nu Mukkan Laag Paee

Teri yaad vich athru wahaan lag pae
Teri soch vich nindra gawaon lag pae
Yaar tere jeha labna nahi sanu hor koi
Ena sochan vich jind nu mukkan lag pae..


इश्क़ दा गुंजल

बड़ा इश्क़ इश्क़ तू करदा हैं
कदी इश्क़ दा गुंजल खोल ता सही
तेनु मिटी विच रौल देवें
तू बोल दो प्यार दे बोल ता सही
प्यार घट ते दर्द हज़ार मिलदे
कदी इश्क़ दी टोकरी टोल ता सही

Ishaq Da Gooonjal

Bara ishaq ishaq tou karda
kadi ishaq da goonjal …

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shayarisms4lovers June18 267 - Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

Shiv Kumar Batalvi – नग्मे और शायरी

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प्यार तेरे शहर दा

रोग बन के रह गया है प्यार तेरे शहर दा
मैं मसीहा वेख्या बीमार तेरे शहर दा

इसकी गलियां मेरी चढ़दी जवानी खा लायी
क्यों ना करूँ दोस्ता सत्कार तेरे शहर दा

शहर तेरे क़दर नहीं लोकां नू सच्चे प्यार दी
रात नूं खुल्दा है हर बाजार तेरे शहर दा

जिथे मोयां बाद भी कफ़न नहीं होया नसीब
कौन पागल अब करे एतबार तेरे शहर दा

इथे मेरी लाश तक नीलाम कर दीती गयी
लथ्या कर्ज़ा ना फिर भी यार तेरे शहर दा

Pyaar Tere Shahar Da

Rog ban ke reh gayaa hai pyaar tere shahar daa
Main Masiihaa vekhyaa biimaar tere shahar daa

Ehdiyaan galiyan merii charhdi jawaani khaa layii
Kyon karaan naa dostaa satkaar tere shahar daa

Shahar tere qadar nahin lokaan noon suche pyaar dii
Raat noon khuldaa hai har bazaar tere shahar daa

Jithe moyaan baad vii kafan nahin hoyaa nasiib
Kaun paagal hun kare etbaar tere shahar daa

Eithe merii laash tak niilaam kar ditii gayii
Lathyaa karzaa naa fer vii yaar tere shahar daa…


दर्द दा कोई जाम पीतियाँ

आज फिर दिल गरीब इक पाउँदा है वास्ता,
दे जा मेरी अज  कलम नू  इक होर हादसा

मुददत होइ है दर्द दा कोई जाम पीतियाँ ,
पीडां च हन्जू घोल के , दे जा दो आताशा

कागज़ दी कोरी रीझ है चुप चाप वेखदी ,
शब्दां दे थल च भटकदा गीतां दा काफिला

तुरना मैं चौन्दां पैर विच कंडे दी ले के पीड ,
दुःख तो खबर तक दोस्ता जिना भी फासला ,

आ बौड़ शिव नु पीड भी है कंडे दी चली ,
रखी सी जेह्ड़ी उस ने मुददत तो दास्ताँ

Dard Da Koi Jaam Peeteyaan

Aaj Fer Dil Gareeb Ik Paaunda Hai Vaasta,
De Ja Meri Aaj Kalam Nu Ik Hor Haadsa,

Muddat Hoi Hai Dard Da Koi Jaam Peeteyaan,
Peedaan Ch Hanju Ghol Ke, De Ja Do Aatasha,

Kaagaz Di Kori Reejh Hai Chup Chaap Vekhdi,
Shabdaan De Thal Ch Bhatakda Geetaan Da Kaafila,

Turnaa Main chaundaan Pair Vich Kande Di Le Ke Peed,
Dukh To Kabar Tak Dosta Jihna Vi Faasala,

Aa Bahur Shiv Nu Peed Vi Hai Kand De Chali,
Rakhi Si Jihdi Oas Ne Muddat To Daastaan.…

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shayarisms4lovers mar18 149 - कली का फूल बनना और बिखर जाना मुक़दर है

कली का फूल बनना और बिखर जाना मुक़दर है

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तुम ही को चाहते है तुम ही से प्यार करते है
यही बरसो से आदत है और आदत कब बदलती है

तुम को जो याद रखा है यही अपनी इबादत है
इबादत जिस तरह की हो इबादत कब बदलती है

कली का फूल बनना और बिखर जाना मुक़दर है
यही कानून-ऐ-फितरत है और फितरत कब बदलती है

जो दिल ही नक़्श कर जाये निगाहों में सिमट आये
अलामत है यह चाहत की तो चाहत कब बदलती है

पुराने ज़ख़्म को अक्सर भुला देना ही अच्छा है
न चाहे आप ही कोई तो क़िस्मत कब बदलती है…

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shayarisms4lovers mar18 108 - यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

यह जरूरी तो नहीं – इश्क़-ऐ-गम

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उम्र जलवो में बसर हो
यह जरूरी तो नहीं

हर शबे-ऐ-गम की सेहर हो
यह जरूरी तो नहीं

नींद तो दर्द के बिस्तर पर भी आ जाती है
उसके आगोश में सर हो
यह जरूरी तो नहीं

आग को खेल पतंगों ने समझ रखा है
सब को अंजाम का डर  हो
यह जरूरी तो नहीं

वो करता है जो मस्जिद में खुदा को सजदे
उसके सजदों में असर हो
यह जरूरी तो नहीं

सब की शाकी पे नज़र हो
यह जरूरी है मगर
सब पे शाकी की नज़र हो
यह जरूरी तो नहीं


शायरी तो वो शक्श लिखते है

यह शायरी लिखना उनका काम नहीं
जिनके दिल आँखों में बसा करते है
शायरी तो वो शक्श लिखते है
जो शराब से नहीं , दर्द का नशा करते है


मिट गयी उम्मीद किसी की

शिकवा किसी का न फ़रियाद किसी की
होनी थी यूँही जिंदगी बर्बाद किसी की
एहसास मिटा, तलाश मिटी,मिट गयी उम्मीद किसी की
सब मिट गए ,पर न मिटा सके, याद उसकी


कहा था मोहबत करो

क्यों कोसते है मोहबत को हर बार लोग
क्या मोहबत के कहा था मोहबत करो…

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सब को दुआओं में याद रखना आदत है मेरी

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रिवायत

माना के मरने वालों को भुला देती है यह दुनिया
मुझे जीते जी को भुला कर तुम ने रिवायत ही बदल डाली

Riwayat

Maana ke Marnay Walon Ko Bhula Daiti hai yeah Dunya
Mujhe Jite ji Ko Bhula Kar Tum Ne Riwayat Hi Badal Dali..


मोहब्बत

भूल जाना भुला देना फ़क़त एक वेहम् ही तो है
दिलों से कब निकलते हैं , मोहब्बत जिन से हो जाये

Mohabbat

Bhool Jana Bhula Dena Faqat Ek Weham hi to Hai,
Dilon Se Kab Nikalte Hain, Mohabbat Jin Se ho jaye..


आदत है मेरी

हर सुबह दुआ देना फितरत है मेरी
हर एक को खुश देखना हसरत है मेरी
मैं किसी को याद आऊं या न आऊं
सब को दुआओं में याद रखना आदत है मेरी

Adat hai meri

Har Subah dua dena Fitrat hai meri
har ek ko khush dekhna Hasrat hai meri
mein kisi ko yaad aon ya na aon
sab ko duao mein yaad rakhna Adat hai meri..


वफ़ा

सारी रात तकलीफ देता रहा यही एक सवाल हमें
वफ़ा करने वाले हमेशा अकेले क्यों रह जातें हैं

Wafa

Sari raat Takleef Deta Raha Yahi ek Sawal Humein
Wafa Karnay Walay Humesha Akele Kyun Reh Jatein Hain.

 

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किसी के हिजर में नींदें गवां कर कुछ नहीं मिलता – Wasi Shah

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हाल-ऐ-दिल

न कर बयाँ उन से हाल-ऐ-दिल “वासी”
मगरूर सा शख्स है कहीं साथ न छोड़ दे

Haal-ae-Dil

Na Kar Byaan Un Se Haal-ae-Dil “WASI”
Magror Sa Shakhs Hai Kahin Sath Na Chor De


जान -ऐ-मन

कौन कहता है शरारत से तुम्हें देखते हैं
जान -ऐ-मन हम तो मोहब्बत से तुम्हें देखते है

Jaan-ae-maan

kon kehta hai shararat se tumein dekhtey hain
jaan e man ham to mohabbat se tumhein dekhtey hain


किसी के हिजर में

किसी की आँख से सपने चुरा कर कुछ नहीं मिलता
मंदिरों से चिराग़ों को बुझा कर कुछ नहीं मिलता
मुझे अक्सर सितारों से यही आवाज़ आती है
किसी के हिजर में नींदें गवां कर कुछ नहीं मिलता

Kissi Ke Hijr Mein

Kissi Ki Ankh Se Sapney Chura Kar Kuch Nahi Milta
Mandeiron Se Chiraaghon Ko Bhuja Kar Kuch Nahi Milta
Mujhe Aksar Sitaron Se Yehi Awaaz Aati Hai
Kissi Ke Hijr Mein Neendein gawan Kar Kuch Nahi Milta


उन के मिल जाने का नशा

हिजर की प्यास में क़तरा भी बुहत होता है
दीद के वास्ते एक लम्हा भी बुहत होता है

जिन के मिलने की नहीं दूर तक कोई उम्मीद
उन के खो जाने का हादसा भी बुहत होता है

जिन के खो जाने पे खो जाती हैं सब होश -ओ -हवास
उन के मिल जाने का नशा भी बुहत होता है

अब कोई और तलब दिल में नहीं है  “वासी”
अब तेरी याद का साया भी बुहत होता है

Un ke mil jane ka nasha

Hijr ki piyas may qatra bhi buht hota hai
deed ke wastay lamha bhi buht hota hai

Jin ke milny ki nahi dour tak koi ummeed,
un ke kho jany ka khadsha bhi buht hota hai

Jin ke kho jane pe kho jaty hain sab hosh-o-hawas
un ke mil jane ka nasha bhi buht hota hai

Ab koi aur talab dil mein nahi hai  “WASI”
ab teri yaad ka saya bhi buht hota hai…

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इश्क़ दा जोर – पंजाबी शायरी

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इश्क़ दा ख्वाब

इश्क़ दा जिस नू ख्वाब आ जाँदा ऐ ,
वक़्त समझो खराब आ जाँदा ऐ ,
मेहबूब आवे या न आवे
पर तारे गिन्नं दा हिसाब आ जाँदा ऐ

Ishq Da Khwaab

ISHQ da jisnu khwaab aa janda ae,
waqt samjho khraab aa janda ae,
mehboob aave ya na aave
par taare ginan da hisaab aa janda ae!


यारी

उस नाल यारी कदी न लाइयो
जिस नू अपने ते ग़रूर होवे

माँ बाप नू  बुरा न अखियो
भावें लख उन्हा दा कसूर होवे .

बुरे रस्ते न जइयो .
चाहे किनी भी मंज़िल दूर होवे .

राह जांदे नू दिल कदे न देयो .
चाहे लख मुँह ते नूर होवे  .

मोहबत सिर्फ ओथे करियो ..
जिथे प्यार निभां दा दस्तूर होवे …

Yari

Us Naal Yari kadi na laiyo
Jisnu Apne Te Gharoor hove

Maa Baap Nu Bura na Akhiyo
Bhaven Lakh Unna Da Kasoor hove.

Bure Rastey Na Jaiyo.
Chaye Kini vi manzil Dur hove.
Raah Jandey Nu Dill kade na Deyo.
Chahe Lakh Mooh Te Noor Hove.

Mohabat Sirf othe kariyo..
Jithe Piyar Nibhan da Dastoor hove…


इश्क़ दा जोर

बाँह फड़के रोक लेन्दे ,ये चल दा कोई ज़ोर हुँदा
असीं तेरे पीछे क्यों रुलदे , ये तेरे जिहा कोई होर हुँदा

Ishq Da Zor

Baah fadke rok lende,je chalda koi zor hunda
assi tere piche kyoN rulde,,je tere jeha koi hor hunda…

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shayarisms4lovers may18 88 - जो बोल ज़ुबानों निकल गया – Punjabi Shayari and Kalaam

जो बोल ज़ुबानों निकल गया – Punjabi Shayari and Kalaam

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जो बोल ज़ुबानों निकल गया

जो बोल ज़ुबानों निकल गया
ओ तीर कमानों निकल गया ..

मैं दिल विच ओहनूं लभणां वां
ओ दुर आसमानों निकल गया ..

ओहनूं मेरीया गलां याद रेह्याँ
पर मैं पहचानों निकल गया ..

हूण हाल फकीरा दा की पुछदे ओ
जद्ओ दर्द बयानों निकल गया ..

मैं घर दी अग्ग लुकाऊँदा सी
धुआं रोशन -दानों निकल गया ..

 


असां पानी बनके रूढ़ जाना 

बरसात विच असां पानी बनके रूढ़ जाना .
पतझड़ विच असां सूखे फूल बनके झड़ जाना .
की होया ये आज असां तेनु तंग करदे आँ .
इक दिन असां तेनु दसे बिना ही टूर जाना .

 


कुछ शौक सी यार फ़क़ीरी दा

कुछ शौक सी यार फ़क़ीरी दा
कुछ इश्क ने दर दर रौल दिता

कुछ सजना कसर न रखी सी
कुछ जहर रक़ीबा घोल दिता

कुछ हिज्र फ़िराक दा रंग चढ़िआ
कुछ दर्द माही अनमोल दिता

कुछ उँज भी राहवाँ औखियाँ सी
कुछ गल विच गम दा तौख भी सी

कुछ शहर दे लोक भी जालिम सी
कुछ सानू मरन शौक भी सी…

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shayarisms4lovers mar18 153 - याद-ऐ-गम

याद-ऐ-गम

तुम याद नहीं करते हम भुला नहीं सकते
तुम हँसा नहीं सकते हम रुला नहीं सकते
दोस्ती इतनी प्यारी है हमारी
तुम जान नहीं सकते और हम बता नहीं सकते

garflowerline

दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है
यह आँखें आज नम क्यों है
जिन्हे कभी पाया ही न था
तो आज उन्हें हमे खोने का गम क्यों है

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