shayarisms4lovers June18 292 - ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

ख्वाब टूटें या बिक जाएँ – ग़मगीन शायरी

मेरे दिल में घर बना कर वो मेरे दिल में छोड़ गया है न खुद रहता है न किसी और को बसने देता है Mere Dil Mein Ghar bana kar wo mere dil mein chod gaya hai Na khud rehta hai na kisi aur ko basne deta hai ज़रा ठहर जाओ थकी थकी सी फ़िज़ाएं […]

Continue Reading
shayarisms4lovers June18 227 - हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

हमारी उल्फ़त का यूँ न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे

इश्क़ का मुक़दमा हमने किया है दाखिल इश्क़ का मुक़दमा तेरे हुस्न के दरबार में अब हर रोज़ आते है यह फ़रियाद लिए की कोई आवाज़ तो देगा हमारी उल्फ़त का यूँ  न लो इम्तिहान की दुनिया हँसे हम पे एक दिन तो तुम्हे होना है मेरा यह यक़ीन है मुझे मेरे इश्क़ पर Ishq […]

Continue Reading
shayarisms4lovers mar18 198 - एक दिल ही था वो भी उस के पास था

एक दिल ही था वो भी उस के पास था

साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत नहीं रहती SAQI Teri Sharab Kuch Bhi Nahi Us Ki Ankhon Ke Samne “SaQi” Wo Jo Dekh Le Ek Nazar To Peene ki Hasrat Nahi Rehti… मदहोशी नज़रों से क्यों इतना पिला […]

Continue Reading