shayarisms4lovers mar18 06 - टूटती प्यार – Aryan Raj

टूटती प्यार – Aryan Raj

< ?xml encoding="utf8mb4" ?>

पल्लवी के मस्तिष्क में बहुत सी चिंता की बिम्ब प्रतीत हो रही थी, वो काफी शॉप में बैठी उन लम्हों को याद कर रही थी
तभी वेटर :,  मैडम, माय आई कैन हेल्प यू( दो बार)
तभी पल्लवी की ध्यान टूटता है
ओह सॉरी, प्लीज वन कप काफी

फिर पल्लवी के मस्तिष्क में सारी पुरानी स्मृति गूंजने लगती है
प्रभात हाउ कैन थींक अबाउट मी
की मेरी अफेयर्स किसी और के साथ , सो दिस्विस्टिंग

मेरे ऑफिस में कितने ही बॉय एजेंट हैं, ऊपर से बॉस इतना काम देते हैं
किसी से बात नहीं करूं, किसी से हेल्प नहीं लूं तो कैसे होगा???
और वो मेरे बारे ऐसा सोचता है
पहले कितना अच्छा था, मेरी हर मजबूरी समझता था, केयर करता था लेकिन पता नहीं अब क्या हो गया
पहले हमेशा बाते करता था , मेरे बारे सोचता था, अब कितना बदल गया
इन सब बातों को सोच कर वो मन ही मन फफक उठी

दोनों की प्यार की शुरुआत महज दो वर्ष पहले हुई थी

पल्लवी प्राइवेट कंपनी की एजेंट और प्रभात पीजी के लास्ट इयर का स्टूडेंट

प्रभात , पल्लवी को फर्स्ट टाइम बस अड्डा पे देखा था

उसे देखते ही प्रभात की आंख चमक उठी, जैसे कोई तीव्र आवेग की बिजली  से उस पर प्रहार किया हो, खूबसूरती से परिपूर्ण , जुल्फे कातिलाना, पल्लवी के अंदर की अदा उसे इस कदर हावी हुआ कि उसे करीब से जानने की लिए लालायित हो उठा और प्रेम का तरंदैध्र्य उमड़ने लगा

संयोग वस
पल्लवी की ऑफिस और प्रभात की कॉल____ एक ही दिशा में था
दोनों एक ही बस पे चढ़े
। फिर क्या, दोनों का रोजाना सफर साथ साथ शुरू

अब पल्लवी भी प्रभात के नज़र की हरकत समझने लगी थी

प्रभात ने हिम्मत दिखाई उससे एक दिन पूछ ही लिया

पल्लवी मुस्काती हुई
हे
व्हाट इज योर नेम????

हेल्लो, आई एम् पल्लवी एंड यू???

प्रभात सकपकाते हुई,,।    मै प्रभात

प्रभात के इस मासूमियत पे वो खिल उठी

अच्छा लड़की से बात करने में डर लगता है

प्रभात; नहीं तो

पल्लवी ; अच्छा

आप क्या करती हो
प्रभात: स्टडी
एंड यू
मै __________

फिर क्या  दोनों की दोस्ती की शुरुआत

सुहावने सफर शुरू

अब इश्क एक तरफा ना, होकर दोनों तरफ से होने लगा
दोस्ती इस कदर बढ़ी की,।      आन जान और मेहमान में भी

इसकी चर्चाएं शुरू हो गई

एक दिन प्रभात बस पकड़ने नहीं आया, उस दिन पल्लवी का मन कुंठित था, दूसरी दिन प्रभात फिर …

Continue Reading