shayarisms4lovers may18 73 - मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं

मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं

मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं मेरे दामन में तो काँटों के सिवा कुछ भी नहीं .. आप फूलों के खरीदार नज़र आते हैं . कल जिन्हें छु नहीं सकती थी फरिश्तों की नज़र .. आज वो रौनक -ऐ -बाजार नज़र आते हैं .. हशर मैं कौन गवाही मेरी दे ग […]

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