shayarisms4lovers mar18 198 - एक दिल ही था वो भी उस के पास था

एक दिल ही था वो भी उस के पास था

साक़ी तेरी शराब कुछ भी नहीं उस की आँखों के सामने “साक़ी “ वो जो देख ले एक नज़र तो पीने की हसरत नहीं रहती SAQI Teri Sharab Kuch Bhi Nahi Us Ki Ankhon Ke Samne “SaQi” Wo Jo Dekh Le Ek Nazar To Peene ki Hasrat Nahi Rehti… मदहोशी नज़रों से क्यों इतना पिला […]

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shayarisms4lovers mar18 133 - SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

SAAKI AUR JAAM SHAYARI – साक़ी ओर पिला की पीने पिलाने की रात है

वो पिला कर जाम वो पिला कर जाम “लबों ” से अपनी मोहब्बत का “मोहसिन” और , अब कहते हैं के नशे की आदत अच्छी नहीं होती । Wo Pila Kar “Jaam” Labon Se Apni Muhabbat Ka “Mohsin” Aur , Ab Kehte Hain Ke Nashay Ki Aadat Acchi Nahi Hoti. जाम पे जाम जाम पे […]

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