shayarisms4lovers June18 131 - मैं हूँ इक ख्वाब मगर जागती आँखों का – Ameer Qazalbash Shayari

मैं हूँ इक ख्वाब मगर जागती आँखों का – Ameer Qazalbash Shayari

आरज़ू-ऐ-साहिल उनकी बेरुखी में भी इल्तेफ़ात शामिल है आज कल मेरी हालत देखने के काबिल है क़त्ल हो तो मेरा सा मौत हो तो मेरी सी मेरे सोगवारों में आज मेरा क़ातिल है मुजतरीब हैं मौजें क्यों उठ रही हैं तूफ़ान क्यों क्या किसी सफ़ीने को आरज़ू-ऐ-साहिल है सिर्फ राहजन ही से क्यों “अमीर ” […]

Continue Reading
shayarisms4lovers mar18 205 - शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

शब-ऐ-इंतज़ार – Mirza Galib,Ahmed Faraz,Mohsin Naqvi,Raaz Sarwer Shayari

मेरी वेहशत इश्क़ मुझको नहीं वेहशत ही सही मेरी वेहशत तेरी शोहरत ही सही कटा कीजिए न तालुक हम से कुछ नहीं है तो अदावत ही सही Meri Wehshat Ishq mujhko nahin wehshat hi sahi Meri wehshat teri shohrat hi sahi kta kijiay na taaluq hum se kuch nahin hai to adaawat he sahi… शब-ऐ-इंतज़ार […]

Continue Reading