2 Line Shayari | Two Line Shayari | प्यार मुहोब्बत इश्क

2 line shayari

2 line shayari | Two line shayari | प्यार मुहोब्बत इश्क


कुछ ऐसे हो गए हैं इस दौर के रिश्ते,
जो आवाज़ तुम ना दो तो बोलते वो भी नही!!


दिल बेजुबान है तो क्या,
तुम यूँ ही तोड़ते रहोगे!!


हर किसी के हाथो बिक जाने को तैयार नही,
ये मेरा दिल हैँ तेरे शहर का अखबार नही!!

 

मैं कोई छोटी सी कहानी नहीं था,
बस पन्ने ही जल्दी पलट दिए तुम नें!!


लूट लेते है अपने ही वरना,
गैरो को कहा पता इस दिल की दिवारे कहा से कमजोर है!!


खामोश हूँ सिर्फ तुम्हारी खुशी के लिये
ये ना समझना कि मेरा दिल दुखता नही!!


️तूजे झूठ बोलना भी मैंने ही सिखाया है,
तेरी हर बात को सच मान मान के!!


हक़ीक़त बयान करू तो ख़ता थी दोनों की,
उसको जाना था, मैंने जाने दिया!!


मयखाने की इज्जत का सवाल था,
बाहर निकले तो हम भी थोडा लड़खड़ा के चल दिए।।


सुना था.. मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले,
हमारी बारी आई तो, रिवाज ही बदल गया!!


यक़ीन कर तेरे बाद हस कर ठुकराये है,
इश्क़ करने के कई मौके हमने!


किस्से हैं कुछ अनकहे से अपनी जिन्दगी के,
वरना..मुस्कुराते बेहतरीन थे हम भी!!


अब तो रविवार में भी कुछ यूँ मिलावट हो गयी है कि,
छुट्टी तो दिखाई पड़ती है लेकिन… सुकून के पल नजर नहीं आते!!


वो जो बेवजह ही धूप में चले जा रहा है,अकेला इक शख्स
यकीनन गुम है ख्यालों में किसी के,और यादों में जल रहा है …


हालात कह रहे है वो अब नही याद करंगे,
और…उम्मीद कह रही है थोड़ा और इंतज़ार कर!!


जरूरी नहीं के पूरी जमीन या पूरा आसमा मिले…
जीने के लिए एक मुट्ठी आसमा और मरने के लिए दो गज जमी काफी है!


पहले तराशा काँच से उसने मेरा वजूद
फिर शहर भर के हाथ में पत्थर थमा दिए!


शिकवे शिकायतों की दुनियां से मन भरने लगा,
ये दौर जल्दी गुज़र जाए तो अच्छा है!!


हसकर कबुल क्या कर ली सजाएं हमने,
आपने दस्तूर ही बना लिया हर इलज़ाम मुझ पर लगाने का!!


बहुत अच्छे से समझते थे ना आप मुझे
तो फिर अब ये गलतफहमियां क्यों!!


सो रहा होगा खुद चैन की नींद
मेरी आँखे भिगोकर!!


उसके दिल पर भी क्या गुजरी होगी साहब
जिसने इस दर्द का नाम मोहब्बत रखा होगा!!


इतना तो पूछा जा सकता है कैसे हो,
इससे क्या मतलब तुम अब किसके हो!!


जिनकी मंजिलें एक होती है वो रास्तों पर ही …

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