shayarisms4lovers June18 199 - काँटों की चुभन पाई फूलों का मज़ा भी

काँटों की चुभन पाई फूलों का मज़ा भी

काँटों की चुभन पाई फूलों का मज़ा भी दिल दर्द के मौसम में रोया भी हंसा भी आने का सबब याद ना जाने की खबर है वो दिल में रहा और उसे तोड़ गया भी हर एक से मंज़िल का पता पूछ रहा है गुमराह मेरे साथ हुआ रहनुमा भी ‘गुमनाम’ कभी अपनों से जो […]

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poppy plant nature macro 65644 - ज़िंदगी एक किराए का घर है एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा

ज़िंदगी एक किराए का घर है एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा

ज़िंदगी एक किराए का घर है एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा मौत जब हम को आवाज़ देगी घर से बाहर निकलना पड़ेगा ढेर मिट्टि का हर आदमी है बाद मरने के होना यही है या ज़मीनों में तुरबत बनेंगे या चिताओं पे जलना पड़ेगा रात के बाद होगा सवेरा देखना है अगर तुम को […]

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shayarisms4lovers mar18 55 - मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी ये जाम दूर रख दो पी लूँगा फिर कभी दिल को जला के बज़्म को रौशन ना कीजिए उस महजबीन को आने में कुछ देर है अभी हम ने तो अश्क पी के गुज़री है सारी उम्र हम से खफा है किस लिए आखिर ये ज़िंदगी जाम-ए-सुबू […]

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