shayarisms4lovers June18 199 - हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हिजर हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं ज़िंदा लगते हैं मगर असल में मर जाते हैं जब कभी बोलता है हँस के किसी और से तू कितने खंज़र मेरे सीने में उतर जाते हैं Hijar Hum Tere Hijar Mein Andar Se Bikhar Jaate Hain Zindah Lagte Hain Magar Asal Mein Mar Jaate […]

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shayarisms4lovers mar18 162 - तारिख-ऐ-वफ़ा – Urdu Shayari

तारिख-ऐ-वफ़ा – Urdu Shayari

तारिख -ऐ -वफ़ा मुझे भी याद रखना जब लिखो तारिख -ऐ -वफ़ा के हमने भी लुटाया है मोहब्बत में सकून अपना … Tareekh-e-Wafa Mujhe Bhi Yaad Rakhna Jab Likho Tareekh-e-Wafa Ke humene Bhi Lutaya Hai Mohabbat Mein Sakoon Apna साया कोई ख़याल से गुज़रा तो रो दिए हम पूछा किसी ने हाल किसी का तो […]

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