shayarisms4lovers mar18 125 - नए कवियों की शायरी पढ़िए

नए कवियों की शायरी पढ़िए

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Poet – Kautilya Gaurav

कहती सुनती बातों सी…
जैसे गहरी मेरी रातों सी…
ख़ामोशी से भरी भरी…
ख़ाली मेरे हाथों सी…
कभी कभी कहीं जो मिलती थी…
ख़ामोशी सी रातों में…
जाने कहाँ मुझसे गुम हुई…
कुछ बातें तेरी बातों सी…


Poet – Kautilya Gaurav

दरिया सा एक सब्र का…
बहता रहा मुझमें कहीं…
बहोत दिन हुये…
अब न जाने कितने…

 

ख़्वाब कितने थे अब…
जाने क्या कहिये…
कुछ एक बातें कभी कभी…
जैसे लगता है कि…
दोहराती हैं खुद को…

बहोत दिन हुये…
मेरी बातों को…
मुझमें कहीं रूबरू हुये…
बातें मेरी अब…
बड़ी बेनूर सी हैं…

बहोत दिन हुये…
अब न जाने कितने…


Poet – Kautilya Gaurav

लकीरों से भरता रहा हथेलियों को…
जाने कौन सी कहीं किसी मंज़िल तक हो जाती…
मंज़िलों से कहीं आगे तक है जाता…
फिर क्युं ये मेरा रास्ता…

कभी कुछ ज़हन में जो था मैंने सोचा…
एक रास्ता वहाँ से जैसे चल पड़ा…
मंज़िलों के रास्ते बनाता चला…
हथेलीयों पे लकीरें को मिलाता चला…

कभी शायद कहीं किसी मंज़िल के रास्ते पे…
मैं कभी कहीं खुद से मिलूँगा…

लकीरों की हद से कही बहोत आगे…
मंज़िलों से कहीं बहोत आगे तक है जाता…
मेरे ज़हन में ये मेरा रास्त..…

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यादों का इक झोंका – तेरी यादें शायरी

सजा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की यादें
न जाने क्यों छोड़ जाने के लिए मेहरबान होते हैं लोग

flower line1 - यादों का इक झोंका – तेरी यादें शायरी

यादों का इक झोंका

यादों का इक झोंका आया हम से मिलने बरसों बाद
पहले इतना रोये न थे जितना रोये बरसों बाद
लम्हा लम्हा उजड़ा तो ही हम को एहसास हुआ
पत्थर आये बरसों पहले शीशे टूटे बरसों बाद

Yaadon Ka Ik Jhonka

Yaadon Ka Ik Jhonka Aaya Hum Se Milne Barson Baad
Pehle Itna Roye Na The Jitna Roye Barson Baad
Lamha Lamha Ujdaa To Hi Hum Ko Ihsaas Hua
Pathar Aaye Barson Pehle Sheshe Tote Barson Baad


इन यादों को ले जाना

यादें तेरी रख दी है सँभालकर
दूर कहीं इस दिल से निकाल कर
सब कुछ तो वापिस ले लिया है तुमने दूर जाकर
इन यादों को भी ले जाना किसी रोज़ आ कर

In Yaadon Ko Le Jana

Yaaden teri rakh di hai sambhalkar
Dur kahin is dil se nikalkar
Sab kuch to wapis le liya hai tumne dur jaakar
In yaadon ko bhi le jana kisi roz aakar..


किसी की याद में बेकरार

ऐ दिल किसी की याद में होता है बेकरार क्यों
जिस ने भुला दिया तुझे , उस का है इंतज़ार क्यों
वो न मिलेगा अब तुझे , जिस की तुझे तलाश है
राहों में आज बे-कफ़न तेरी बेवफ़ाई की लाश है

Kisi Ki Yaad Mein Beqarar

Ae Dil Kisi Ki Yaad Mein Hota Hai Beqarar Kiyun
Jis Nay Bhula Diya Tujhe,Us Ka Hai Intezar Kiyun
Wo Na Milaga Ab Tujhe Jis Ki Tujhe Talash Hai
Raahon Mein Aaj Be-Kafan Teri Bewfai Ki Laash Hai


याद तेरी जब भी आई

याद तेरी जब भी आई वफ़ा रोती रही
आँखों से बरसा वो बादल के इन्तहा होती रही
तेरे मिलने की दुआ के लिए जब भी हाथ उठाए मैंने
मेरी इस मासूम ख्वाहिश पे न जाने क्यों दुआ रोती रही

Yaad Teri Jab Bhi Aayi

Yaad teri jab bhi aayi wafa roti rahi
Aankho se Barsa wo baadal ke intaha hoti rahi
Tere milne ki dua ke liey jab bhi hath uthaey mainne
Meri is masoom khwahish pe najany kyun dua roti rahi


उस की याद ने रुला दिया

फासलों ने दिल की क़ुर्बत को बढ़ा दिया
आज उस की याद ने बे हिसाब रुला दिया
उस को शिकायत है के मुझे उस की याद नहीं
हम ने जिस की याद में खुद को भुला दिया

Us Ki Yaad Ne Rula Diya

Fasloon …

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इश्क़ में यह दूरियां – दूरियाँ शायरी

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इन राहों की दूरियां
निगाहों की दूरियां
हम राहों की दूरियां
फनाह हो सभी दूरियां

तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे

तेरी नज़रों से ओझल हो जायेंगे हम
दूर फ़िज़ाओं में कहीं खो जायेंगे हम
हमारी यादों से लिपट कर रोते रहोगे
जब ज़मीन की मट्टी में सो जायेंगे हम

Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum

Teri Nazron Se Ozhal Ho Jayenge Hum
Dur Fizaoon Mein Kahain Kho Jayenge Hum
Hamari Yaadon Se Lipat Kar Rote Rahoge
Jab Zameen Ki Matti Mein So Jayenge Hum


कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं

अभी कुछ दूरियां तो कुछ फासले बाकी हैं
पल पल सिमटती शाम से कुछ रौशनी बाकी हैं
हमें यकीन है वो देखा हुआ कल आएगा ज़रूर
अभी वो हौसले वो यकीन बाकी हैं

Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain

Abhi Kuch Dooriyan To Kuch Faasle Baaki Hain
Pal Pal Simatati Shaam Se Kuch Roshni Baaki Hain
Hame Yakeen Hai Wo Dekha Hua Kal Aayega Zaroor
Abhi Wo Housle Wo Ummedein Baaki Hain


बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते

हम बहुत दूर निकल आये हैं चलते चलते
अब ठहर जाएँ कहीं शाम के ढलते ढलते
रात के बाद सहर होगी मगर किस के लिए
हम भी शायद न रहें रात के ढलते ढलते

Bahut Dur Nikal Aaye Hain Chaltay Chaltay

Hum Bahut Dur Nikal Aaye Hain Chaltay Chaltay
Ab Thehar Jayen Kahin Sham Ke Dhaltay Dhaltay
Raat Ke Baad Sehar Hogi Magar Kis Ke Liye
Hum Bhi Shayad Na Rahain Raat Ke Dhaltay Dhaltay


दूर निगाहों से बार बार जाया न करो

दूर निगाहों से बार बार जाया न करो
दिल को इस कदर तड़पाया न करो
तुम बिन एक पल भी जी न सकेंगे हम
यह एहसास बार बार हमे दिलाया न करो

Dur Nighaon Se Baar Baar Jaya Na Karo

Dur Nighaon Se Baar Baar Jaya Na Karo
Dil Ko Iss Kadar Tadpaya Na Karo
Tum Bin Ek Pal Bhi Jee Na Sakenge Hum
Yeh Ehssas Baar Baar Hume Dilaya Na Karo


उनके दूर जाने के साथ

उनके दूर जाने के साथ आंखे नम थी
ज़िन्दगी उनसे शुरू उन पर खत्म थी
वो रूठ के दूर रहने लगे हमसे
शायद हमारी मोहब्बत में ही कमी थी

Unke Dur Jane Ke Sath

Unke Dur Jane Ke Sath Ankhe Namm Thi
Zindagi Unse Shuru Unpar Khatam Thi
Wo Rooth Ke Dur Rehne Lage Humse
Shayad Hamari Mohabbat mein Hi Kami Thi


चले गए हो दूर

चले …

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फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

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बहुत याद आते है

न जाने वो क्यों इतना याद आते है ,
उसकी सूरत आँखों से क्यों नहीं निकल पाती है ,
जितना भुलाऊँ उसको उतना याद आती है ..

Bahut Yaad aate hai

na jane wo kyu itna yaad aate hai,
uski surat aankho se kyo nahi nikal paati hai,
jitna bhulau usko utna yaad aati hai..


फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

कल जो जाना मैंने तुम्हारा प्यार
तब वक़्त ने न दिया मेरी किस्मत का साथ
फिर मेरी याद मैं तब महल बनाओगे तुम
फिर यही ग़ज़ल लिखोगे तुम

Phir yehi gazal Likhooge tum

kal jo jana mein ne tumhara payar
tab waqat ne na dya meri kismat ka sath
phir meri yaad mein tab mahal banayoogay tum
phir yehi gazal likhwayogay tum!!


उसकी यादें

उसकी यादें दिल को दर्द दे जाती हैं
दिल नहीं चाहता जब याद करना उसको ,
फिर भी वो किसी राह पर नज़र आ जाता है

Uski yaadein

uski yaadein dil ko dard de jati hain
dil nahi chahta jab yaad karna usko,
phir bhi wo kisi rah par nazar aa jata hai!!


याद बहुत आओगे तुम

याद रखना पछताओगे एक दिन तुम
पर याद बहुत आओगे तुम
पर हम तभ न होंगे शायद
तभ यही गीत शायद गुनगुनाओगे तुम
फिर याद बहुत आओगे तुम

Yaad Bahut ayoge tum

yaad rakhna pachtaoge ek din tum
par yaad bahut ayoge tum
par hum tabh na hongay shyad
tabh yehi geet shyed gungunaoge tum
phir yaad bahut ayogay tum!!


किसी बेवफा की याद में

न रोया कर सारी सारी रात किसी बेवफा की याद में ,
वो खुश है अपनी दुनिया मैं तेरी दुनिया को उजाड़ कर!!!

Kisi bewafa ki yaad mein

Na roya kar sari sari raat kisi bewafa ki yaad mein
wo khush hai apni dunya mai teri dunya ko ujad kar!!


आहें भरता है कोई

याद में तेरी आहें भरता है कोई
हर सांस के साथ तुझे याद करता है कोई
मौत सच्चाई है एक रोज आनी है
लेकिन तेरी जुदाई में हर रोज़ मरता है कोई!!

Aahen Bharta Hai Koi

Yaad Me Teri Aahen Bharta Hai Koi
Har Saans Ke Saath Tujhe Yaad Karta Hai Koi
Maut Sachai Hai Ek Roj Aani Hai
Lekin Teri Judaai Me Har Roz Marta Hai Koi…

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shayarisms4lovers may18 72 - यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

यादों का आईना – Unique Collection of Pakistani Urdu Shayari and Poetry

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तेरे शोख तासुबर में

ख़ामोश थे लव और मैं गुफ़्तार में गुम थी
पलके न झमकती थी के मैं दीदार में गुम थी
तन मन ने सजाये है तेरे शोख तासुबर में
यादों का आईना था मैं सिंगार में गुम थी

 

Tere Shokh Tasubur Mein

khamosh the luv aur main guftar mein gum thi
palke na Jhamkti thi ke main didar mein ghum thi
tan man ne sajaye hai tere shokh tasubur mein
yadon ka aiina tha main shingar mein gum thi

 


जुदाई के मौसम

जुदाई के मौसम सताने लगे है
वो फिर टूट कर याद आने लगे है
तख़्युल के परवाज़ को कैसे रोकू
वो गोया मेरे घर फिर आने लगे है
निशो रोक लो वो जाने लगे है
मनाने में जिन को ज़माने लगे है

 

Judai ke Mausam

judai ke mausam satane lage hai
wo phir toot kar yaad ane lage hai
takhayul ke parwaz ko kaise roku
wo goya mere ghar phir ane lage hai
nisho rok lo wo jane lage hai
manane main jin ko jamane lage hai

 


ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी

हम तेरी धुन मैं परेशान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी
और तू हम से गुरेजा ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी
तू कहीं साकी गली में खो गयी है और यहाँ
डंस गया इंसान को इंसान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी

 

Zindagi-ae-zindagi

hum teri dhun main preshan zindagi-ae-zindagi
Aur tu hum se gujejan zindagi-ae-zindagi
tu kahin saki gali mein khow gayi hai aur yahan
das gaya insaan ko insaan zindagi-ae-zindagi

 


दीवानगी

होश मंदी का सीला है शायद
यह जो दीवानगी अब तारी है
मेह्बे नज़ारा है वो आँख अभी
सो तमाशा भी अभी जारी है

 

Diwangi

hosh mandi ka sila hai shayad
yeah jo diwangi ab tari hai
mehbe nazara hai wo ankh abhi
so tamasha bhi abhi zaari hai

 


ख्याल और किसी का

ऐसा नहीं देखा कहीं हाल किसी और का
पहलू में कोई और ख्याल और किसी का

 

Khyal Aur Kisi Ka

aisa nahi dekha kahin haal kisi aur ka
pehlu mein koi aur khyal aur kisi ka

 


फैसला दिल का

फकत निगाह से होता है फैसला दिल का
न हो निगाह में शोखी तो दिलबरी क्या है

 

Faisla Dil Ka

fakat nigah se hota hai faisla dil ka
na ho nigah main shokhi to dilbari kya hai…

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