shayarisms4lovers June18 236 - मेरी कहानी मेरी जुबानी – Dinedh Yadav

मेरी कहानी मेरी जुबानी – Dinedh Yadav

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मेरा नाम दिनेश यादव है ये बात है जब में 9thक्लास में पड़ता था मुझे नही पता था की मुजे भी किसी से प्यार होगा कोई मुजे बी ऐसी लड़की मिलेगी जिसको में पसनद करूँगा क्योकि मुजे इन सब बातो का कोई शोक नही था मुजे लड़किया अछि नही लगती थी जब में 9th क्लास में पड़ता था तो मुजे एक लड़की पसन्द आई बड़ी भोली सी लड़ने में सबसे आगे ओर तो ओर मेने उसको जब पहली बार देखा तो भी लड़ते हुए ही देखा था पर वो दिल की बहुत साफ थी मुजे वो बहुत पसन्द थी ओर मुजे बी ऐसे लगता था की वो भी मुजे पसंद करती है पर मुझ में कभी हिम्मत नही हुई की उसको अपने दिल की बात बता सकु अरे sory दोस्तो मेने आपको उसका नाम तो बताया नही उसका नाम है दीपिका पाल

फिर एक दिन मेने हिम्मत कर के बोल दिया उसको नही उसकी घनिष्ट मित्र हर्षा को जो मेरी भी घनिष्ट मित्र थी मेने कहा यार वो जो दीपिका है ना मुजे बहुत पसन्द है उसने कहा अच्छा जी वो भी तुजे पसन्द करती है मेने कहा उड़ा ले मजाक दिन है तेरा हर्षा ने कहा की सही में यार वो तुजे पसन्द करती है उसके बाद हम दोनो दोस्त बन गए टाइम निकला ओर अछे दोस्त बन गए एक टाइम ऐसा आया हम दोनो एक दूसरे के बिना नही रहे सकते थे धीरे 2 दोस्ती प्यार में बदल गई वो दीपिका पाल से miss yadav बन गई सब कुछ अच्छे से चल रहा था दोनो को साथ में 4साल बीत गए इन 4 सालो में सब ने बोल दिया था की इन दोनो (DineshDeepika) की शादी जरूर होगी इन 4 सालो में हर तरह की परिस्थितियो का सामना करा बस एक परिस्थिति एसी आई जिसका में सामना ना कर सका ओर उस परिस्थिति ने हम दोनो को पूरी तरह से हिला दिया था वो थी मेरी सगाई बात ये उन दिनों की है जब हम 12th की परीक्षा देकर परिणाम का इंतजार कर रहे थे 14thमई 2017 ये दिन हमारी ज़िन्दगी का सबसे भयानक दिन था जो मेने कभी सपने में भी नही सोचा था की ऐसा भी होगा की मेरे अपने जो हर छोटी बात का फैसला मुझसे पूछ कर किया करते थे उन्होंने इतना बड़ा फैसला मुझसे बिना पूछे ओर मेरे खिलाफ कर दिया। हमने इस परिस्थिति का भी सामना किया ओर आगे बढ़े फिर से …

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