shayarisms4lovers June18 148 - तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

हाथों की हिना चंद मासूम से पतों का लहू है ‘फाखिर’ जिस को महबूब के हाथों की हिना कहते हैं Haathon Ki Hina Chand Maasoom Se Patton Ka Lahoo Hai ‘Faakhir’ Jis Ko Mahaboob Ke Haathon Ki Hina Kahte Hain… मोहताज-ऐ-हिना खून है दिल ख़ाक में अहवाल-ऐ-बुतान पर यानी उन के नाखून हुए मोहताज -ऐ […]

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shayarisms4lovers mar18 52 - तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

तेरी खुशबू का एहसास – अक्स-ऐ-खुशबू हूँ उर्दू शायरी

अक्स -ऐ -खुशबू हूँ अक्स -ऐ -खुशबू हूँ बिखरने से न रोके कोई और बिखर जाऊं तो मुझे न समेटे कोई काँप उठती हूँ मैं इस तन्हाई में मेरे चेहरे पे तेरा नाम न पढ़ ले कोई जिस तरह ख्वाब मेरे हो गए रेज़ा-रेज़ा इस तरह से न कभी टूट के बिखरे कोई मैं तो […]

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shayarisms4lovers mar18 98 - जब उठा मेरा जनाज़ा – मेरा जनाज़ा उर्दू शायरी

जब उठा मेरा जनाज़ा – मेरा जनाज़ा उर्दू शायरी

मेरा जनाज़ा ज़माने में निकला जब मेरा जनाज़ा इस ज़माने से निकला मेरे जनाज़े को देखने सारा ज़माना निकला मगर मेरे जनाज़े में वो न निकला जिसके लिए मेरा जनाज़ा ज़माने में निकला Mere Janaze Mein Wo Na Nikla Jab Mera Janaza is Zamane Se Nikla Mere Janaze Ko Dekhne Sara Zamana Nikla Magar Mere […]

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