shayarisms4lovers June18 271 - वक़्त की क़ैद में ज़िन्दगी – फैयाज़ शायरी

वक़्त की क़ैद में ज़िन्दगी – फैयाज़ शायरी

तुझसे मिलकर तुझसे मिलकर हमें रोना था बहुत रोना था, तंगी-ए-वक़्त-ए-मुलाक़ात ने रोने न दिया. हिंदी और उर्दू शायरी – वक़्त शायरी – तुझसे मिलकर हमें रोना था बहुत रोना था Tujhase Milakar Tujhase milakar hamene ronaa thaa bahut ronaa thaa tangii-ae-waqt-ae-mulaaqaat ne rone na diyaa Hindi and urdu shayari – Waqt Shayari – tujhase […]

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