shayarisms4lovers June18 199 - हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं – WASI SHAH SHAYARI

हिजर हम तेरे हिजर में अंदर से बिखर जाते हैं ज़िंदा लगते हैं मगर असल में मर जाते हैं जब कभी बोलता है हँस के किसी और से तू कितने खंज़र मेरे सीने में उतर जाते हैं Hijar Hum Tere Hijar Mein Andar Se Bikhar Jaate Hain Zindah Lagte Hain Magar Asal Mein Mar Jaate […]

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shayarisms4lovers June18 199 - Wasi Shah Shayari – Ankhon Se Meri is Liye Lali Nahi Jati

Wasi Shah Shayari – Ankhon Se Meri is Liye Lali Nahi Jati

आँखों से मेरी इस लिए लाली नहीं जाती यादों से कोई रात जो खाली नहीं जाती अब उम्र न मौसम न वो रास्ते के वो पलटे इस दिल की मगर खामं ख्याली नही जाती मांगे तू अगर जान भी हंस के तुझे दे दें तेरी तो कोई बात भी टाली नहीं जाती अब आए कोई […]

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shayarisms4lovers mar18 206 - दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

दर्द की स्याही से लिखा है यह पैगाम – उर्दू शायरी

मुझे होश नहीं कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं रात के साथ गयी बात मुझे होश नहीं मुझ को यह भी नहीं मालुम की जाना है कहाँ थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं आंसुओं और शराबों में गुज़र है अब तो मैंने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं जाने क्या […]

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shayarisms4lovers mar18 120 - दिल नहीं आप धड़कते हैं मेरे सीने में – WASI SHAH SHAYARI

दिल नहीं आप धड़कते हैं मेरे सीने में – WASI SHAH SHAYARI

मेरी वफ़ाएँ कोई कहे उसे मेरी दुनिया याद करती हैं उसे कहना उसे मेरी वफ़ाएँ याद करती हैं मैं अक्सर आईने के सामने बेचैन रहती हूँ किसी ने खत में लिखा है अदाएं याद आती हैं उसे कहना खिजाएं आ गई हैं अब तो लौट आए उसे कहना दिसंबर की हवाएँ याद करती हैं उसे […]

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shayarisms4lovers June18 199 - किसी के हिजर में नींदें गवां कर कुछ नहीं मिलता – Wasi Shah

किसी के हिजर में नींदें गवां कर कुछ नहीं मिलता – Wasi Shah

हाल-ऐ-दिल न कर बयाँ उन से हाल-ऐ-दिल “वासी” मगरूर सा शख्स है कहीं साथ न छोड़ दे Haal-ae-Dil Na Kar Byaan Un Se Haal-ae-Dil “WASI” Magror Sa Shakhs Hai Kahin Sath Na Chor De जान -ऐ-मन कौन कहता है शरारत से तुम्हें देखते हैं जान -ऐ-मन हम तो मोहब्बत से तुम्हें देखते है Jaan-ae-maan kon […]

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Love Shayari - Teri Awaaz Sunne Ko

सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए – Wasi Shah Shayari

मेरी वफ़ा शरीक-ऐ-गम हुआ जो मेरे चोट खाने के बाद खो दिया मैंने उस को पाने के बाद मुझे नाज़ रहा फ़क़त उस अमल पर सदा उसने मुझे अपना माना आज़माने के बाद सुना है तड़प रहा है वो मेरी वफ़ा के लिए शायद पछता रहा है मुझे ठुकराने के बाद Meri Wafa Shareek-ae-Gham hua […]

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shayarisms4lovers mar18 188 - फ़राज़ की दिल फरेब उर्दू शायरी – Erratic collection of Fazar Shayari

फ़राज़ की दिल फरेब उर्दू शायरी – Erratic collection of Fazar Shayari

किसी से जुदा होना किसी से जुदा होना अगर इतना आसान होता “फ़राज़” जिस्म से रूह को लेने कभी फरिश्ते न आते   Kissi Se Juda Hona Kissi Se Juda Hona Agar Itna Asan Hota “FARAZ” Jism Se Rooh Ko Leney Kabhi Farishtay Na Aate प्यासे गुज़र जाते हैं तू किसी और के लिए होगा […]

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