shayarisms4lovers June18 148 - तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

तेरा रंग-ऐ-हिना – उर्दू हिना शायरी

हाथों की हिना चंद मासूम से पतों का लहू है ‘फाखिर’ जिस को महबूब के हाथों की हिना कहते हैं Haathon Ki Hina Chand Maasoom Se Patton Ka Lahoo Hai ‘Faakhir’ Jis Ko Mahaboob Ke Haathon Ki Hina Kahte Hain… मोहताज-ऐ-हिना खून है दिल ख़ाक में अहवाल-ऐ-बुतान पर यानी उन के नाखून हुए मोहताज -ऐ […]

Continue Reading
shayarisms4lovers June18 228 - खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा – एक बेवफा

हमे बेवफा का इल्जाम दे गया ज़िंदा थे जिसकी आस पर वो भी रुला गया बंधन वफ़ा के तोड़ के सारे चला गया खुद ही तो की थी उसने मुहब्बत की इब्तदा हाथों में हाथ दे के खुद ही छुड़ा गया कर दी जिसके लिए हमने तबाह ज़िन्दगी उल्टा वो हमे बेवफा का इल्जाम दे […]

Continue Reading
shayarisms4lovers mar18 45 1 - तुम वो दुआ हो – ईद शायरी

तुम वो दुआ हो – ईद शायरी

मेरी मुहब्बत अब तो मेरी मुहब्बत भी मुझसे खफा हो गयी अब तो जो होगा मेरी जान बस तमाशा होगा   Meri Mohabbat Ab to Meri Mohabbat bhi mujse khfa ho gayi Ab to Jo hoga meri jaan bas tamasha hoga     दिल से किसी को चाहा था अपनी फितरत बदली है मैंने तुम्हे […]

Continue Reading