shayarisms4lovers June18 231 - मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

मेरे मेहबूब की खूबसूरती में चुनिदां शायरी की पंक्तियाँ

नज़र इस हुस्न पर ठहरे तो आखिर किस तरह ठहरे कभी जो फूल बन जाये कभी रुखसार हो जाये तुम्हारा चाँद सा चेहरा फिज़ाओ में रंग बिखेरे तुम्हारा चाँद सा चेहरा मुझे बेचैन कर जाये तुम्हारा मासूम चाँद सा चेहरा मेरी खातिर सँवरता है तुम्हारा चाँद सा चेहरा ऐसी कशिश उस चेहरे में उस हसीन […]

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shayarisms4lovers June18 264 - तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

तेरी ज़ुल्फे खुली हो जैसे – तेरी ज़ुल्फे उर्दू शायरी

मेरे मर जाने की वो सुन के खबर आई  “मोहसिन” घर से रोते हुए वो बिन ज़ुल्फ़ सँवारे निकले ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे ऐसा लगता है तेरी ज़ुल्फ़ खुली हो जैसे होके गुलशन से सबा आज चली हो जैसे अध खुले होंठ सियाह ज़ुल्फ़ और गज़ली ऑंखें किसी शायर ने कोई ग़ज़ल तर्ज़ की हो […]

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