shayarisms4lovers June18 199 - जानिए भारत के यातायात के कौनसे नियम हैं?

जानिए भारत के यातायात के कौनसे नियम हैं?

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Traffic Rules in India

दुनिया भर में वाहनों के लिए अलग अलग नियम कायदे बनाये गए है। जिसका मुख्य उद्देश्य होता है की हर नागरिक अपनी सिमा में रह कर सड़क पर वाहन चलाये व अपनी और दुसरो की जान जोखिम में ना डाले। भारत में भी यातायात को सही रूप देने के लिए निम्न लिखित नियम और कायदे है जिनका उल्लंघन करने पर आरोपी को औपचारिक तरिके से जुर्माना देना पड़ता है।

जानिए भारत के यातायात के कौनसे नियम हैं? – Traffic Rules in India

  • वन वे – One Way

इस नियम के तहत आपको अपने वाहन को एक ही दिशा में चलाना है वो भी अपनी ही साइड में नाकि अपने से विपरीत दिशा में। भारत में सिंगल रोड पर बाएं ओर गाड़ी चलाने का नियम है। ऐसा ना करने पर सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन के लिए भी खतरा बन सकते हो और भारी चालान भी झेलना पड़ सकता है।

  • यू टर्न – U Turn

भारत में ज्यादा तर लोग यू टर्न का नियम तोड़ते है कुछ ही वक्त बचाने के कारण जल्दबाज़ी में बीच सड़क पर गाड़ी घुमा देते है और ट्रैफिक पुलिस की पकड़ में आ जाते है। साथ ही किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार भी हो जाते है।

  • गति नियंत्रण – Speed Control

सड़क सुरक्षा नियम के तहत गाड़ियों की गति तय की गयी है। स्पीड गाडी के पहियों और साइज़ को ध्यान में रख कर डीसाइड की जाती है। दो पहिया वाहन के लिए अलग और चार पहिया वाहन के लिए अलग अलग गति निर्धारित है और साथ ही हाईवे और सिंगल सड़को के लिए भी अलग अलग स्पीड है।

  • हेलमेट और सीट बेल्ट – Helmet and Seat Belt

भारत में जितने भी चालान काटे जाते है उनमे सबसे ज्यादा लोग वो ही होते है जो सड़क पर ड्राइविंग के दौरान ना तो हेलमेट पहनते और न ही सीट बेल्ट का प्रयोग करते है। जिसके वजह से सड़क दुर्घटना में जान चले जाने का मुख्य कारण भी इन दो चीज़ो की कमी होती है।

  • कागज़ी दस्तावेज़ – Paper Document

सड़क पर पुलिस कभी भी आपको रोक कर आपकी गाडी के कागज़ पूछ सकती है एवं कागज़ पुरे ना होने पर चालान भी काट सकती है इस परस्तिथि में घर से गाडी लेकर जाने से पहले अपने कागज़ो की जांच पड़तां करलें जिसमे लाइसेंस,आर सी, प्रदूषण, गाडी का बिमा आदि होना शामिल है।

ट्रैफिक साइन और अर्थ  – Traffic Signs and Meanings

सड़क पर वाहन चलाने से पूर्व ट्रैफिक साइन का ज्ञान होना जरूरी है अन्यथा इनका उल्लंघन करने पर किया जा सकता है प्रताड़ित।

  • दोनों दिशा वाहन वर्जित है  – Vehicles  Prohibited in Both Direction

इस साइन का अर्थ है की दोनों दिशा में वाहन चलाना वर्जित है। जहां भी यह दिया जाता है उस एरिया में वाहन को ले जाना स्वीकार नहीं होता।

  • बाएँ और दाएँ मुड़ना मना है   – No Left or Right Turn

सड़क पर चलते वक्त आमतौर पर यह साइन देखने को मिल जाता है। यह साइन यह दर्शाना चहाता है की बाएँ हाथ में या दाएँ हाथ में नहीं मुड़ना है।

  • स्कुल क्रासिंग – School Crossing

यह साइन स्कूलों के बाहर दिया होता है जिसका मतलब होता है की आगे स्कूल है, कृपया कर के अपने वाहन की गति कम करें और सावधानी पूर्वक आगे बड़े।

  • आपातकालीन वाहन – Emergency Vehicles

सड़क पर गाडी चलाते वक्त इस साइन का अवश्य ध्यान रखें। इस साइन का अर्थ होता है की यह जगह आपातकालीन वाहनों के लिए है जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस की गाडी आदि।

  • कार्य प्रगति पर है – Man at Work  

सड़क पर जब भी यह साइन देखने को मिले तो समझना जरूरी है की आगे सड़क पर मरम्मत का काम चल रहा है। कार्य प्रगति पर होने के कारण अपने वाहन को धीरे चलायें।

  • नो हॉर्न – No Horn Sign

ज्यादतर यह साइन आपको अस्पताल, और वी आई पी एरिया आदि में देखने को मिल सकता है। इसका मतलब होता है की वाहन चलाते वक्त अपने हॉर्न का प्रयोग न करें ऐसा करने पर आपको दंडित किया जा सकता है।

ट्रैफिक लाइट्स और अर्थ – Traffic Signal Light with Meaning

भारत में सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त लाइट्स का पालन करना अनिवार्य है। इन लाइटों का रंग तीन भागो में बांटा गया है जिसमे लाल, पीला व हरा रंग शामिल है। इन तीनो रंगो का अर्थ भी अलग अलग है।

  • लाल लाइट: लाल रंग जिसका अर्थ होता है की अपने वाहन को रोक दे अथार्त जब भी आप किसी चौराहें से गुज़रे और आपको लाल रंग की लाइट दिखने लगती है तो आपको वाहन को उसी वक्त रोकना होगा।
  • पिली लाइट: तीनो लाइटों में से पिली लाइट का समय बहुत थोड़ा होता है इसका मतलब होता है की अपने वाहन को चलने के लिए तैयार कर ले साथ ही जब आप लाल लाइट पर रुकते है तो पिली लाइट आपको सकेंत देती है की अब आप अपने वाहन को धीरे धीरे चला सकते है।
  • हरी लाइट: ट्रैफिक रूल्स में इस रंग को सकारत्मक रूप दिया गया है। इसका अर्थ होता है की अब आप पूर्ण रूप से अपने वाहन को सड़क पर चलाने के लिए सक्षम है।

यातायात पुलिस चालान नियम – Traffic Police Challan Rules

  • बिना वर्दी अधिकारी without uniform constable

ट्रैफिक पुलिस का कोई भी अधिकारी बिना वर्दी के चालान नहीं काट सकता ना ही आपसे कोई पूछताछ कर सकता है। ड्यूटी के दौरान वर्दी में होना अनिवार्य है।

हेड कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर तैनात केवल 100 रूपए तक का चालान काट सकता है। इसके इलावा वह केवल वाहन का नंबर नोट कर सकता है। इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट, सेक्शन 132 के तहत इससे ज्यादा का अगर चालान काटा जाता है तो वह केवल ए एस आई या एस आई ही काट सकता है।

  • किस परिस्थिति में क्या होता है Under what circumstances

सड़क पर शराब पीकर गाडी चलाना एक बहुत ही बड़ा अपराध माना जाता है जिससे पुलिस अधिकारी बहुत ही गंभीरता से लेते है। पर इस स्थिति में ऑन द स्पॉट चालान नहीं काटा जा सकता बल्कि इसके लिए अपराधी जुर्माना भुगतने के लिए कोर्ट जाना जाता है।

नो पार्किंग में वाहन खड़े होने की स्थिति में तब तक चालान नहीं किया जा सकता जब तक उस वाहन में कोई शख्स मौजूद है। ना ही उसे क्रेन द्वारा टो किया सकता है।

दो और तीन पहिया वाहनों को लेकर उनमे कुछ खास नियम है जिनको न मानने पर चालान काटा जा सकता है जैसे गाडी के नंबर प्लेट की सही जगह, काले रंग के शीशे नहीं होने चाहिये, गाडी में चल रहे गानों के आवाज़ पर नियंत्रण जरूरी है, शीशे का होना, ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिये, कुछ राज्यों में जाने के लिए स्टेट टैक्स की रसीद का होना भी अनिवार्य है रसीद ना होने पर राज्य की पुलिस आपका चालान काट सकती है। 18 वर्ष से कम आयु पर वाहन चलाने पर वाहन ज़ब्त किया जा सकता है।