Two Line Shayari on love in Hindi Language – 2 Line Love Shayari Collection

2 Line Shayari 2 Lines Shayari best shayari of mirza ghalib Ghalib Ghalib Shayari Hindi Shayari

You can read best Two Line Shayari on love in hindi Language from all popular shayar  like Gaalib, Gulzar, Sagar

Read Two line shayari on love

यह दिल की अपनी दुनिया है
यह समझ किसी के आए ना
मैंने ये दुआ हरदम माँगी
कोई छोड़ किसी को जाए ना।

तुम याद करो तक्दीर क हाँ
हम भूल सकें हो सकता नहीं
महफिल की छोड़ो बात ही कया
अब तन्हा भी रो सकता नहीं।

इस बात का दिल को यकीं है मेरे
तुझे अपना बनाऊँगा मैं कभी
भले आज नहीं यह कल होगा
तेरे दिल को भाऊँगा मैं कभी।
जब सामने तुम आ जाते हो।
खुद को मैं भूल ही जाता .
हैं लाखों बातें क हने को
जाने क्यों कह नहीं पाता हूँ।

जैसे मैं तड़ पता हूँ तुम बिन
क्या तुझको याद नहीं आती
ले आए तुझको पास मेरे
क्यों ऐसी रात नहीं आती।

देखा भी नहीं सोचा भी नहीं
बस तुझसे मुहब्बत कर बैठे
अब बात खुदा पे छोड़ ये दी
हम जी बैठे या मर बैठे।

भूलना तो चाहा था मगर
भुला नहीं पाया मैं कभी
अपनी खुशी की खातिर किसी को
रूला नहीं पाया मैं कभी।

तू अपने बारे सोच जरा
ये जीवन युना गुजर जाए
रखना तुम बात ये याद रखना सदा
कभी बीता वक्त ना फिर आए।

वो कहते हैं उन्हें प्यार नहीं
मेरे वादों पर एतबार नहीं
इकरार तो क्या करना छोड़ो
क्यों करते वो इन्कार नहीं ।

प्यार तुम्हें मैं कर तो बैठा
लगता है निभा ना पाऊँ गा
सांसें मेरी कम हैं हमदम
बस जल्दी ही चला जाऊँगा।

चाहता तो हूँ तुमसे मिलना मगर
कुछ रस्मों के हाथों लाचार हूँ में
तुम ख्वाबों में आने का वादा करो
ता उम्र सोने को प्यार हूँ में।

यही तो ज़िन्दगी का सिलसिला है दोस्त।
जिसे भी चाहा वो कब मिला है दोस्त
हमारी चाहत को भी ना मिल सकी मंजिल
इतना सा उस खुदा से गिला है दोस्त।
सब नदियाँ , झार ने ये नाले
सागर न आके समाते हैं

सागर के लिए ना सोचे कोई
सब अपनी प्यास बुझाते हैं ।
सागर की शायरी

हम तो आना चाहते हैं करीब आपके
क्या करें आपको गवारा नहीं है।
मौत ने पहले बुला लिया हमें
हुआ जिन्दगी की तरफ से इशारा नहीं है।

तुम रखना हमको याद सनम
अब लौट के हम नहीं आएंगे
मत करना अब इंतजार हमारा
बस जल्दी हम चले जाएंगे।

इस कदर उलझा हूँ रंजोंमें
कि मुस्कुराहट देखे को एक जमाना हुआ
देख कै सी कर ली हालत अपनी
कि आज खुद से ही ‘सागरबेगाना हुआ।

ये दुनिया बड़ी ही जालिम है
मुझे तुझसे दूर किए जाए
हर वक्त ही दे मुझे जख्म नया
संग खुशियो को भी लिए जाए।

मत सोच तू मेरे बारे में
मुझे रोना है रो ले ने दे
है दुआ हो तुझको हासिल सब
मुझे खोना है खो ले ने दे।

ऐ मेरे दोस्त मुस्कुराते रहना
अपने गमा को यूही छुपाते रहना
औरों की बात तो करते नहीं हम
खुद को भी जरा आजमाते रहना।

मेरे दिल की बढ़ी जो धड़कन है।
तेरे दिल ने कुछ तो कहा होगा
जेसे ये तड़पता है हर पल
तेरा दिल भी तड़पता रहा होगा।

दोस्तों को कभी भी आजमाया नहीं करते
हाल-ए-दिल सबको ही सुनाया नहीं करते
जो लिखा है मुक्कदर में मिलकर रहेगा
दर-दर पे टैं खुद को भटकाया नहीं करते।

—–

हाथ की लकीरो पे मत जा ऐ ग़ालिब ,
नसीब उनके भी होते हैं , जिन के हाथ नहीं होते…!

यही सोच कर उस की हर बात को सच माना है ग़ालिब ,
की इतने ख़ूबसूरत लब झूठ कैसे बोलेंगे . .!

मंज़िल तो मेरी यहीं है कब्रिस्तान में ग़ालिब ,
तेरी उल्फत ने मोहब्बत मेरी आदत कर दी . .!

वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.

तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे,
मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।

उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा..
दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है…

हाथ ज़ख़्मी हुए तो कुछ अपनी ही खता थी…..
लकीरों को मिटाना चाहा किसी को पाने की खातिर….

वो इस तरह मुस्कुरा रहे थे , जैसे कोई गम छुपा रहे थे..
बारिश में भीग के आये थे मिलने , शायद वो आंसु छुपा रहे थे…
आज उसकी एक बात ने मुझे मेरी गलती की यूँ सजा दी…
छोड़ कर जाते हुए कह गई,
जब दर्द बर्दाश्त नहीं होता तो मुझ से मोहब्बत क्यूँ की….

उसके साथ जीने का इक मौका दे दे, ऐ खुदा..
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे..

उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।

इक बात कहूँ “इश्क”, बुरा तो नहीँ मानोगे
बङी मौज के थे दिन, तेरी पहचान से पहले

इश्क़ पाने की तमन्ना में कभी कभी ज़िंदगी खिलौना बन कर रह जाती है;
जिसके दिल में रहना चाहते हैं, वो सूरत सिर्फ याद बन कर रह जाती है।.

उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे

किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज
लोगो ने बाँट रखा है मुझे.. दवा की तरह

उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे

Leave a Reply