Urdu Mehfil Shayari – Parveen Shakir,Ibrahim Zauq,Jigar Moradabadi & Muneer Niyazi

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Mehfil shayari - Urdu Mehfil Shayari – Parveen Shakir,Ibrahim Zauq,Jigar Moradabadi & Muneer Niyazi



ख्याल जिसका था मुझे ख्याल में मिला मुझे 
सवाल का जवाब भी सवाल में मिला मुझे

BY Poetry – MUNEER NIYAZI

हम तो समझे थे की एक ज़ख़्म है भर जायेगा 
क्या खबर थी की रग-ऐ -जान में उतर जायेगा

BY Poetry – Parveen Shakir

पास जब तक वो रहे दर्द थम जाता है 
फ़ैल जाता है फिर आँख के काजल की तरह

BY Poetry – Parveen Shakir

तुम जिसे याद करो फिर उसे क्या याद रहे 
न खुद की हो परवाह न खुदा याद रहे

BY Poetry – Ibrahim Zauq

हम नहीं वो जो करें खून का दावा तुझ पर 
बाकि पूछेगा खुदा भी तो मुकर जायेंगे

BY Poetry – Ibrahim Zauq

क्या जाने उसे वहां है क्या मेरी तरफ से 
जो ख्वाब में भी रात को तनहा नहीं आता

BY Poetry – Ibrahim Zau

मेरी ज़िन्दगी तो गुज़री तेरे हिजर के सहारे 
मेरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना

BY Poetry – Jigar Moradabadi

कुछ खटकता तो है पहलु में मेरे रह रह कर 
अब खुदा जाने तेरी याद है या दिल मेरा

BY Poetry – Jigar Moradabadi