अपनी गली में अपना ही घर ढूँढ़ते हैं लोग – फ़राज़

टूट कर  चाहेगा  मुझे

सोचा था के वो बहुत टूट कर  चाहेगा  मुझे “फ़राज़”
लेकिन “चाहा ” भी हम ने और टूटे भी हम

Toot Kar  Chahayga

SOCHA Tha ke wo bahut toot kar  CHAHAYGA  mujhe  “FARAZ”
Lekin “Chaha” bhi Humne aur toote bhi  HUM


शहर

अपनी गली में अपना ही घर ढूँढ़ते हैं लोग
यह कौन शहर का नक़्शा बदल गया

 

Shehar

Apni gali mein apna hi ghar dhoondte hain log,
Yeh kaun shehar ka naqsha badal gaya

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