आज उनसे फिर मुलाकात हुई

आज उनसे फिर मुलाकात हुई,
बीती हुई बातें कुछ ख़ास हुई।
ख़ुशी दिल में थी और चेहरे पर गम था,
अचानक इसी मिलन में बरसात हुई।

~ जितेंद्र मिश्र ‘भरत जी’