इश्क़ और तन्हाई शायरी

तन्हाई

कितनी अजीब है मेरे अंदर की तन्हाई भी ,​
​हज़ारों अपने हैं मगर याद तुम ही आते हो ..​

Tanhai

Kitni Ajeeb Hai Mere Andar Ki Tanhai Bhi,​
​Hazaron Apne Hain Magar Yaad Tum Hi Atey Ho..​


तन्हाईयाँ

तन्हाईयाँ कुछ इस तरह से डसने लगी मुझे
मैं आज अपने पैरो की आहट से डर गया .. ​

Tanhaiyan

Tanhaiyan kuch is tarha se dasney lagi mujhey
Main aaj apne pairo ki ahat se dar gaya..